आज का दौर सोशल मीडिया का है. यहां कोई रातों रात स्टार बन जाता है. लेकिन आज से दो दशक पहले समय ऐसा नहीं था. उस दौर में टीवी की एक एक्ट्रेस को ऐसी पॉपुलैरिटी मिली जो फिल्म स्टार्स को नसीब होती है. हम बात कर रहे हैं 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' फेम अपरा मेहता की. एक्टर अपरा मेहता ने वैसी ही फैन क्रेजी महसूस की जैसी आम तौर पर फिल्म आइकॉन्स के लिए होती है. उन दिनों को याद करते हुए, उन्होंने बताया कि कैसे कोलकाता में एक अपीयरेंस के दौरान उन्हें भीड़ ने घेर लिया था.
जब 'क्योंकि' की सफलता के बाद अपरा मेहता पर भीड़ लग गई
अपरा ने याद करते हुए कहा, "क्योंकि... उस समय पीक पर था और मेरा गुजराती ड्रामा कोलकाता में होता था, 5 शो होते थे कला मंदिर में. सीट-टू-सीट पैक होते थे. जैसे ही मैं एंटर हुई, मुझे देखते ही 8000 डांडिया हवा में उछल पड़े और मुझे देखने के लिए भीड़ लग गई." उन्होंने आगे कहा, "मुझे खींच के पोडियम पे ले गए. लोग मुझे खींच रहे थे और धक्का दे रहे थे. मैंने उनसे हाथ मिलाना शुरू किया, तो कोई मेरी डायमंड की उंगली खींच रहा है, किसी ने मुझे सिगरेट लगा दी और पूरा पोडियम हिलने लगा. लोग पागल हो गए. यह बहुत खतरनाक हो गया. फिर उन्होंने मुझे पोडियम से नीचे उतरने को कहा, उन्होंने मेरे चारों ओर एक घेरा बना लिया और उस समय, सबने मुझे हर जगह छुआ. मैंने कहा, 'ठीक है, छू सकते हो, लेकिन तुम्हें क्या मिलेगा?'"
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अपरा को इस शो से मिली पहचान
अपरा ने 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' में सविता विरानी, मिहिर की मां और तुलसी की सास का रोल किया था. उन्हें अपनी परफॉर्मेंस के लिए बहुत तारीफ मिली. यह शो ब्लॉकबस्टर बन गया और ऑफ एयर होने से पहले आठ साल तक चला. अब स्मृति ईरानी और अमर उपाध्याय के साथ इसका दूसरा सीजन आ गया है, जिसे दर्शकों से भी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है.
अपरा मेहता के बारे में
अपरा मेहता एक जानी-मानी भारतीय टेलीविजन, फिल्म और थिएटर एक्टर हैं, जिनका करियर चार दशकों से ज्यादा का है. वह लंबे समय से चल रहे टेलीविजन शो क्योंकि सास भी कभी बहू थी में सविता मनसुख विरानी का आइकॉनिक रोल निभाने के लिए जानी जाती हैं, जिसने उन्हें घर-घर में मशहूर कर दिया.
इन सालों में, वह कई पॉपुलर टेलीविजन शो में नजर आ चुकी हैं, जिनमें एक महल हो सपनों का, सात फेरे, हमारी देवरानी, जमाई राजा, क़यामत की रात, अनुपमा और कभी कभी इत्तेफाक से शामिल हैं. टेलीविजन के अलावा, उन्होंने चोरी चोरी चुपके चुपके, देवदास और तीस मार खान जैसी हिंदी और गुजराती फिल्मों में भी काम किया है.
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