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रक्षा बंधन पर देखें 5 माइक्रो-ड्रामा सीरीज, बहन के बदले से लेकर मैकेनिक भाई की कहानी करेगी एंटरटेन

रक्षा बंधन भाई-बहन के रिश्ते का त्योहार है और माइक्रो-ड्रामा इन इमोशनल, ड्रामैटिक और एंटरटेनिंग कहानियों को छोटे-छोटे एपिसोड में स्क्रीन पर ला रहे हैं. देखें कुछ पॉपुलर माइक्रो-ड्रामा प्लेटफॉर्म पर.

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  • Kuku TV पर माय मैकेनिक ब्रदर रन्स द यूनिवर्स
    भाई-बहन की एक ज़बरदस्त कहानी जिसकी शुरुआत अनोखी है. एक आम सा दिखने वाला मैकेनिक भाई असल में बहुत खास निकलता है. छोटे-छोटे एपिसोड्स में पारिवारिक भावनाएं, सरप्राइज़ और भरपूर ड्रामा देखने को मिलेगा.
  • JioTadka पर मिट्टी के शेर
    इसकी कहानी का मूल है दृढ़ संकल्प, परिवार और चुनौतियों का डटकर सामना करना. 'मिट्टी का शेर' एक इमोशनल और ड्रामैटिक कहानी है, जो इसे रक्षाबंधन पर देखने के लिए एक बेहतरीन फ़िल्म बनाती है.
  • Quick TV पर ज़िंदा हूं मैं
    बचपन में घर से निकाले गए, अपने ही परिवार द्वारा "नाकाबिल" समझे गए और घर की सुख-सुविधाओं से दूर पले-बढ़े रोहित चौधरी द्वारा निभाया गया किरदार अमर सिंह, कई सालों बाद सिंह परिवार में लौटता है. वह उस टूटे हुए बच्चे के तौर पर नहीं लौटता जिसे उन्होंने छोड़ दिया था, बल्कि संघर्षों से मज़बूत और दर्द से तपे हुए एक आदमी के तौर पर वापस आता है. वह ऐसे परिवार में लौटता है जो हर मोड़ पर उसका मज़ाक उड़ाता है, उस पर शक करता है और उसे कमतर समझता है. खासकर उसकी कज़िन सायरा, जो प्यार से नहीं बल्कि बेइज्ज़ती के साथ उसका स्वागत करती है. इस रक्षाबंधन पर, 'ज़िंदा हूं मैं' एक ऐसे भाई की कहानी है जिसे कभी प्यार नहीं मिला, फिर भी वह सुरक्षा देने का फ़ैसला करता है. यह याद दिलाता है कि रक्षा का मतलब यह नहीं है कि धागा कौन बांधता है, बल्कि यह है कि ज़रूरत के समय कौन साथ खड़ा होता है, चाहे अतीत के ज़ख्म कितने भी गहरे क्यों न हों.
  • Quick TV पर कैदी नंबर 420 - बहन का जबरदस्त बदला
    इस रक्षा बंधन पर, भाई-बहन के उस रिश्ते को देखिए जो झूठ की वजह से टूटा और बदले की भावना से फिर से जुड़ा. 'कैदी नंबर 420' लक्ष्य और उसकी बड़ी बहन लतिका की बेहद इमोशनल कहानी है. लक्ष्य जेल में चार दर्दनाक साल बिताने के बाद घर लौटता है, जबकि उसने वह जुर्म कभी किया ही नहीं था. गर्मजोशी से स्वागत करने के बजाय, लतिका उसके साथ बहुत बुरा बर्ताव करती है और उसका अपमान करती है. वह उससे नफरत करती है क्योंकि वह परिवार की कही बातों पर आंख बंद करके यकीन करती है. उनके रिश्ते में तीखी बहस और कड़वे पल भरे होते हैं. अपनी बड़ी गलती का एहसास होने पर लतिका पूरी तरह बदल जाती है. वह अपने भाई से नफरत करने वाली बहन से बदलकर उसकी सबसे खतरनाक रक्षक बन जाती है. रक्षा बंधन की आम परंपराओं को तोड़ते हुए, लतिका अपने असली भाई को पूरा न्याय दिलाने के लिए सबके सामने अपने माता-पिता की पोल खोलती है और मोहित का सच सबके सामने लाती है.
  • Quick TV पर किस्मत के धागे
    हर उस आदमी के पीछे जो चुपचाप अपने परिवार को जोड़े रखता है, एक ऐसा सच छिपा होता है जो कभी भी सामने आ सकता है. हितेन तेजवानी का निभाया किरदार रोहन एक आदर्श पति और पिता है, लेकिन धोखे से उसकी दुनिया बिखर जाती है और उन लोगों का असली चेहरा सामने आ जाता है जिन्होंने कभी उसकी कद्र नहीं की. लेकिन धोखे और दिल टूटने के इस माहौल में भी एक रिश्ता अटूट रहता है: अपनी बहन वेदिका के साथ उसका रिश्ता, जिसका किरदार किंजल पांड्या ने निभाया है. इस रक्षा बंधन पर, 'ब्रोकन बॉन्ड्स: किस्मत के धागे' हमें यह याद दिलाता है कि भाई की सुरक्षा का मतलब बड़े-बड़े दिखावे नहीं हैं, बल्कि अपनी बहन के साथ मजबूती से खड़े रहना है, खासकर तब जब पूरी दुनिया उसके खिलाफ हो.
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