World Meditation Day 2025: आज यानी 21 दिसंबर को पूरी दुनिया में विश्व ध्यान दिवास (World Meditation Day 2025) मनाया जा रहा है. आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों ने स्ट्रेस और तनाव को अपना साथी ही मान लिया है. इससे छुटकारा पाने के लिए सबसे आसान तरीका ध्यान करना यानी मेडिटेशन होता है. अधिकतर लोग ध्यान करना शुरू करते हैं लेकिन उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. इसी के चलते आज हम आपको यह बताएंगे कि शुरुआत करने वाले को ध्यान कैसे शुरू करना चाहिए. साथ ही यह भी जानेंगे कि मेडिटेशन के 5R क्या हैं.
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क्या है मेडिटेशन का 5R रूल?
मेडिटेशन के लिए 5R हैं- पहचानना(Recognize), छोड़ना (Release), आराम करना (Relax), प्रतिक्रिया देना (Respond) और वापिस लौटना (Return). आइए इन्हें विस्तार से समझते हैं.
1. Recognize (पहचानना): इसका मतलब है कि मेडिटेशन के वक्त आप अपने विचारों और इमोशन्स को अच्छे से पहचानें.
2. Release (छोड़ें): अगर आपके मन में किसी भी प्रकार का तनाव या स्ट्रेस है तो एक गहरी सांस लें और फिर छोड़ दें. इससे आपको मानसिक शांति का अनुभव होगा.
3. Relax (आराम): मेडिटेशन के वक्त आप किसी भी तरह के विचारों में उलझें बल्कि गहरी सांसों पर ध्यान दें.
4. Respond (प्रतिक्रिया): अब अपने मन से सकारात्मक प्रतिक्रिया लें. खुद से आराम और दया से बात करें, जैसे "मैं शांत हूँ" या "मैं ठीक हूं."
5. Return (वापस लौटना): अगर ध्यान करते समय आपका मन भटक जाए, तो खुद को डांटने के बजाय धीरे से ध्यान पर वापस लाएं.
शुरुआत करने वाले को ध्यान कैसे शुरू करना चाहिए?
1. 2-3 मिनट से शुरुआत करेंज्यादातर लोग ध्यान नहीं करते क्योंकि उन्हें लगता है कि इसके लिए 20-30 मिनट का समय और पूरी शांति चाहिए. लेकिन ध्यान शुरू करने के लिए इतना समय जरूरी नहीं है. मेडिटेशन की शुरुआत के लिए सिर्फ 2 मिनट रोज भी काफी होते हैं.
2. दिनचर्या का हिस्सा बनाएंनई आदत बनाने का सबसे आसान तरीका है उसे किसी ऐसी चीज से जोड़ना, जो आप रोज करते हैं. ऐसे में अगर आप रोज सुबह चाय पीते हैं या रात को सोने से पहले ब्रश करते हैं, तो इन कामों के तुरंत बाद कुछ मिनट ध्यान करने की आदत डालें. इससे धीरे-धीरे ध्यान करना आपकी दिनचर्या का हिस्सा बन जाएगा.
3. रिजल्ट की तरफ न भागेंशुरुआती लोग ध्यान करते समय सबसे बड़ी गलती यह करते हैं कि वे उम्मीद करते हैं कि ध्यान तुरंत उनकी सारी समस्याएं हल कर देगा. उन्हें लगता है कि कुछ ही समय बाद गहरी शांति या तनाव से पूरी राहत मिल जाएगी. ऐसे में आप रिजल्ट पर ध्यान न दें, आपको धीरे-धीरे खुद ही फायदा दिखना शुरू हो जाएगा.
4. हर किसी का तरीको होता है अलगमेडिटेशन करने का तरीका हर किसी के लिए एक जैसा नहीं होता. जो तरीका एक व्यक्ति को शांत करता है, वही दूसरे को परेशान कर सकता है. कुछ लोग पूरी शांति में मेडिटेट करना पसंद करते हैं, जबकि कुछ को गाइडेड मेडिटेशन पसंद होती है. वहीं, कुछ लोग माइंडफुलनेस पसंद करते हैं, जबकि दूसरों को लविंग-काइंडनेस या विज़ुअलाइजेशन मेडिटेशन फायदेमंद लगती है.
अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.
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