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This Article is From Dec 26, 2025

बच्चों के सिर से पपड़ी कैसे हटाएं? मेरे बच्चे की खोपड़ी क्यों छील रही है, हर सवाल का जवाब डॉक्‍टर से जान‍िए

क्रैडल कैप का क्या उपचार है, क्रैडल कैप को आप कैसे कंघी करते हैं आप, तो डॉक्‍टर मनीषा से जान‍िए बच्‍चे के स‍िर पपड़ी से जुड़े हर सवाल का जवाब.

बच्चों के सिर से पपड़ी कैसे हटाएं? मेरे बच्चे की खोपड़ी क्यों छील रही है, हर सवाल का जवाब डॉक्‍टर से जान‍िए
क्रैडल कैप ठीक करने का सबसे तेज तरीका क्या है.

Baby ke sir se papdi kaise hataye : हर नए पैरेंट के लिए अपने बच्चे की स्किन और स्कैल्प का ख्याल रखना सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है. जन्म के बाद अक्सर बच्चे के सिर पर सफेद या पीले रंग की पपड़ी दिखाई देती है, जिसे कई लोग डैंड्रफ समझ लेते हैं और उसे नोंचकर या कंघी से रगड़कर हटाने की कोशिश करते हैं, जो कि गलत तरीका है. गायनोकॉलोजिस्ट डॉ. मनीषा मीना गुप्ता (Dr. Manisha Meena Gupta) ने अपने इंस्टाग्राम पेज the_pregnancy_guide पर बताया है कि इस पपड़ी को क्रेडल कैप (Cradle Cap) कहा जाता है. इसे गलत तरीके से छेड़ने से बच्चे को नुकसान हो सकता है. इस आर्टिकल में जानिए क्रेडल कैप आखिर होता क्या है, ये क्यों बनता है, इसे हटाने का सही तरीका क्या है और कौन-सा प्रोडक्ट बच्चे के लिए सबसे सेफ है.

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क्रेडल कैप क्या है और क्यों बनता है

डॉ. मनीषा बताती हैं, 1 साल तक के बच्चों में क्रेडल कैप बहुत सामान्य है. बच्चे के सिर पर मौजूद कुछ ऑयल ग्लैंड्स, ऑयल बनाते हैं. जब ऊपर से हम एक्स्ट्रा तेल लगाते रहते हैं, तो वह धूल-मिट्टी को चिपका लेता है और सिर पर यलो, मोटी और चिपकी हुई पपड़ी बनने लगती है. इसे हटाने के लिए घबराने या प्रेशर डालने की जरूरत नहीं. इसे नोचना या कंघी से जोर-जोर से रगड़ना बिल्कुल गलत है. इससे बच्चे की नाजुक स्किन छिल सकती है, लाल दाने या इंफेक्शन हो सकता है, स्कैल्प पर घाव बन सकता है यानी जितना आप रगड़ेंगे, उतना नुकसान हो सकता है.

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क्रेडल कैप को कैसे निकालें

डॉ. मनीषा के अनुसार, पहले साल में करीब 70% बच्चों को क्रेडल कैप होता है. यह नॉर्मल है, लेकिन इसका सही और जेंटल केयर जरूरी है. इसके लिए बच्चों को नारियल का हल्का तेल लगाएं. तेल सिर्फ सिर को सॉफ्ट करने के लिए लगाना है, ताकि पपड़ी थोड़ी मुलायम हो जाए. मोटा, चिपचिपा ऑयली लेयर न बनाएं. इसके बाद बहुत सॉफ्ट कंघी से सिर्फ हल्के स्ट्रोक्स करें, सिर्फ इतना कि सिर की त्वचा रिलैक्स हो जाए. इससे रगड़ना नहीं है, पपड़ी नोचना नहीं है और खुरचना भी नहीं है. फिर pH बैलेंस्ड टियर-फ्री शैंपू से सिर को वॉश करें. यहीं पर पैरेंट्स सबसे बड़ी गलती कर देते हैं. साधारण शैंपू से बच्चे की स्कैल्प ड्राई हो जाती है और क्रेडल कैप बढ़ जाता है.

कौन सा शैंपू अच्छा होता है

डॉक्टर मनीषा ने इसके लिए AreoVeda बेबी हेड टू टो फोम वॉश की सलाह दी है. उनका कहना है कि अगर आप बच्चे को जेंटल, टॉक्सिन-फ्री और स्कैल्प-सेफ वॉश देना चाहते हैं, तो इसे यूज कर सकते हैं. इसमें मौजूद पेंटाविटिन 24 घंटे तक स्किन को हाइड्रेट रखता है, मिल्क प्रोटीन स्कैल्प को पोषण देता है, एलोवेरा रिलैक्स करता है और केसर स्किन को नेचुरली ग्लोइंग और सॉफ्ट बनाता है. वहीं, बादाम का तेल हल्का, नॉन-स्टिकी और मॉइस्चराइजिंग है.

pH 5.5 बेबी वॉश क्यों जरूरी है

किसी भी बच्चे की स्किन का नेचुरल pH करीब 5.5 होता है. अगर वॉश या शैंपू इससे ज्यादा हार्श हो तो स्कैल्प ड्राई हो सकता है, खुजली बढ़ सकती है, इंफेक्शन का रिस्क बढ़ जाता है. इसलिए डॉक्टर और स्किन एक्सपर्ट हमेशा माइल्ड, जेंटल और pH बैलेंस्ड बेबी वॉश की सलाह देते हैं.

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