विज्ञापन

दुनिया का वो देश जहां एक भी मुस्लिम नागरिक नहीं है! वजह जानकर चौंक जाएंगे आप

Country with no Muslims: क्या आप जानते हैं कि दुनिया में एक ऐसा पूरी तरह संप्रभु (Sovereign) देश भी है, जहां आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक एक भी मुस्लिम नागरिक नहीं है?

दुनिया का वो देश जहां एक भी मुस्लिम नागरिक नहीं है! वजह जानकर चौंक जाएंगे आप
Country with no Muslims: क्या आप जानते हैं ऐसे देश के बारे में जहां एक भी मुस्लिम नागरिक नहीं है.

Zero Muslim population: दुनिया भर में इस्लाम धर्म को मानने वालों की संख्या दो अरब से भी ज्यादा है. एशिया, अफ्रीका, यूरोप, अमेरिका शायद ही कोई ऐसा देश हो जहां मुस्लिम आबादी न हो. आमतौर पर किसी भी देश या महाद्वीप में जाएं, आपको किसी न किसी रूप में इस्लाम को मानने वाले लोग मिल ही जाते हैं. लेकिन, क्या आप जानते हैं कि दुनिया में एक ऐसा पूरी तरह संप्रभु (Sovereign) देश भी है, जहां आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक एक भी मुस्लिम नागरिक नहीं है? यह बात सुनने में भले ही अजीब लगे, लेकिन इसके पीछे की वजह न तो भेदभाव है और न ही कोई सख्त धार्मिक कानून. जब आप पूरी सच्चाई समझेंगे, तो यह बात बिल्कुल तार्किक लगेगी.

कौन-सा है वह देश?

दुनिया का वह देश है वेटिकन सिटी. यह इटली की राजधानी रोम के भीतर स्थित एक स्वतंत्र राष्ट्र है. वेटिकन सिटी का क्षेत्रफल सिर्फ 49 हेक्टेयर है, जिससे यह दुनिया का सबसे छोटा देश बनता है. लेकिन, यह देश किसी आम राष्ट्र की तरह नहीं है, जहां सामान्य लोग रहकर परिवार बसाते हों, नौकरी करते हों या नागरिकता के लिए आवेदन करते हों.

वेटिकन सिटी का असली उद्देश्य क्या है?

वेटिकन सिटी दरअसल रोमन कैथोलिक चर्च का प्रशासनिक और आध्यात्मिक केंद्र है. यह पोप का निवास स्थान है और यहीं से पूरी दुनिया में फैले कैथोलिक चर्च का संचालन होता है.

यहां की कुल आबादी करीब 800 लोगों की है, जिनमें पोप, कार्डिनल, बिशप, चर्च से जुड़े अधिकारी और सुरक्षा में तैनात स्विस गार्ड शामिल होते हैं. यानी यह देश आम नागरिक जीवन के लिए बनाया ही नहीं गया.

फिर मुस्लिम नागरिक क्यों नहीं हैं?

वेटिकन सिटी में मुस्लिम नागरिकों की अनुपस्थिति धार्मिक भेदभाव की वजह से नहीं है. असल कारण है यहां की नागरिकता प्रणाली. दुनिया के ज्यादातर देशों में जन्म से या लंबे समय तक रहने से नागरिकता मिल जाती है. लेकिन, वेटिकन सिटी में ऐसा नहीं है.

यहां नागरिकता कैसे मिलती है?

केवल उन्हीं लोगों को नागरिकता दी जाती है जो कैथोलिक चर्च या वेटिकन प्रशासन में काम करते हैं, जैसे ही किसी व्यक्ति की सेवा या नौकरी समाप्त होती है, उसकी वेटिकन नागरिकता अपने आप खत्म हो जाती है.

यहां काम करने वाले सभी लोग कैथोलिक चर्च से जुड़े होते हैं, इसलिए स्वाभाविक रूप से मुस्लिम नागरिक यहां नहीं पाए जाते.

Latest and Breaking News on NDTV

क्या मुसलमानों का वेटिकन जाना मना है?

बिल्कुल नहीं. यह एक आम गलतफहमी है कि वेटिकन सिटी मुसलमानों के लिए बंद है. सच्चाई यह है कि हर साल लाखों पर्यटक वेटिकन आते हैं, इनमें हजारों मुस्लिम पर्यटक भी शामिल होते हैं, वे वेटिकन म्यूजियम, सेंट पीटर्स स्क्वायर और ऐतिहासिक स्थलों को देखते हैं, मुस्लिम देशों के राजनयिक और नेता भी पोप से मुलाकात करते हैं, इंटरफेथ डायलॉग (धर्मों के बीच संवाद) नियमित रूप से होते हैं.

दुनिया पर वेटिकन का प्रभाव:

आकार में बेहद छोटा होने के बावजूद वेटिकन सिटी का वैश्विक प्रभाव बहुत बड़ा है. यह करोड़ों कैथोलिकों के लिए सबसे पवित्र स्थान है. पूरा देश UNESCO World Heritage Site घोषित है. यहां कोई मस्जिद या मंदिर नहीं है, लेकिन, वेटिकन लगातार शांति, सह-अस्तित्व और धार्मिक सद्भाव का संदेश देता है.

एक और रोचक फैक्ट यह है कि वेटिकन सिटी में अपने स्कूल भी नहीं हैं. यहां काम करने वालों के बच्चे रोम के स्कूलों में पढ़ते हैं.

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com