अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रेज़री डिपार्टमेंट के एक इवेंट में अपनी “No.1 फैन” से मुलाकात की. यह कोई और नहीं बल्कि मशहूर रैपर निकी मिनाज थीं. इस दौरान उन्होंने सरकार की ‘Trump Accounts' योजना के तहत 1.5 लाख से 3 लाख डॉलर (भारतीय रुपये में परिवर्तित राशि) देने का वादा किया. नवजात बच्चों के लिए शुरू की गई इस सरकारी पहल ने दुनिया को एक अनोखी BFF जोड़ी दे दी है. अपने भाषण में निकी मिनाज ने कहा, “मैं शायद राष्ट्रपति की No.1 फैन हूं और ये कभी बदलने वाला नहीं है. लोग जो नफरत या बातें करते हैं, उसका मुझ पर कोई असर नहीं होता.”
वहीं राष्ट्रपति ट्रंप ने निकी मिनाज को “इतिहास की सबसे महान महिला रैपर” बताया और मज़ाक में कहा, “मैं अपने नाखून बढ़ाने वाला हूं क्योंकि मुझे ये नाखून बहुत पसंद हैं.” वायरल तस्वीर में निकी मिनाज अपने बेहद लंबे एक्रिलिक या जेल नेल्स फ्लॉन्ट करती नजर आ रही हैं. लेकिन सवाल यह है—क्या इतने लंबे नाखून सेहत के लिए अच्छे होते हैं?
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— Nicki Minaj (@NICKIMINAJ) January 28, 2026
क्या लंबे एक्रिलिक या जेल नेल्स सेहत के लिए सही हैं?
NDTV से बात करते हुए डॉ. रिदा जावरिया, सीनियर डर्मेटोलॉजिस्ट, CARE Hospitals, नामपल्ली ने बताया: “बहुत लंबे एक्रिलिक या जेल नेल्स प्राकृतिक नाखूनों के लिए बिल्कुल भी हेल्दी नहीं होते.”
लंबे नाखून क्यों हो सकते हैं खतरनाक?
हालांकि ये नाखून देखने में स्टाइलिश लगते हैं, लेकिन ये कई समस्याओं की वजह बन सकते हैं:
- इनके साथ लिखना, टाइप करना या रोज़मर्रा के काम करना मुश्किल हो जाता है.
- इनकी सफाई और मेंटेनेंस बेहद कठिन होती है.
- नाखूनों की लंबाई और वजन से नेचुरल नेल्स मुड़ने, टूटने और पतले होने लगते हैं.
- इनके नीचे नमी, गंदगी और बैक्टीरिया फंस जाते हैं, जिससे इंफेक्शन का खतरा बढ़ता है.
डॉ. जावरिया के अनुसार, लंबे समय तक ऐसे नेल्स इस्तेमाल करने से लोग अक्सर इन समस्याओं के साथ क्लिनिक पहुंचते हैं:
- नाखूनों का कमजोर और भंगुर होना.
- दर्दनाक दरारें.
- फंगल इंफेक्शन.
- नाखूनों का नेल बेड से उठना.
- नेल ग्लू और केमिकल्स से एलर्जी, जिससे लालिमा, खुजली और सूजन हो सकती है.
अगर कोई लंबे समय तक आर्टिफिशियल नेल्स पहनता है, तो प्राकृतिक नाखूनों को ठीक होने में कई महीने लग सकते हैं.
कटिकल इंफेक्शन का बढ़ता खतरा
लंबे नेल एक्सटेंशन का सबसे बड़ा नुकसान कटिकल इंफेक्शन है. नेल टेक्नीशियन अक्सर कटिकल को पीछे धकेलते हैं ताकि आर्टिफिशियल नेल्स ठीक से फिट हो सकें.
डॉ. जावरिया बताती हैं कि, “कटिकल एक नेचुरल सील की तरह काम करता है, जो बैक्टीरिया और फंगस से सुरक्षा देता है. जब इसे काटा या पीछे किया जाता है, तो यह सुरक्षा टूट जाती है.”
इससे नाखूनों के आसपास-
- सूजन
- लालिमा
- दर्द
- और कभी-कभी पस तक हो सकती है
अगर फिर भी नेल एक्सटेंशन करवाना चाहते हैं तो रखें ये सावधानियां-
- हर एप्लिकेशन के बीच ब्रेक लें ताकि नेचुरल नेल्स रिकवर कर सकें.
- कटिकल को काटने या पीछे करने से बचें.
- नाखूनों को साफ रखें और अच्छी तरह सुखाएं.
- नाखूनों पर बार-बार टूल्स का इस्तेमाल न करें.
- रंग बदलने, सूजन या नाखून उठने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.
आर्टिफिशियल नेल एक्सटेंशन भले ही ट्रेंड में हों, लेकिन ये न तो प्रैक्टिकल हैं और न ही सेहत के लिए अच्छे. बार-बार हजारों रुपये खर्च कर ऐसे नाखून बनवाना, सेहत के लिहाज से एक बेकार सौदा साबित हो सकता है.
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