Gold-Silver Purity Check Test : सोना और चांदी खरीदते समय सबसे बड़ी चिंता उनकी शुद्धता (Purity) को लेकर होती है. बाजार में कई बार लोग घरेलू तरीकों से यह पता लगाने की कोशिश करते हैं कि सोना या चांदी असली है या नकली. आज हम आपको ऐसे ही कुछ आसान तरीकों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनकी मदद से आप घर पर ही इन कीमती धातुओं की शुद्धता का शुरुआती अंदाजा लगा सकते हैं. हालांकि, इन घरेलू तरीकों को फाइनल प्रूफ नहीं माना जा सकता. चुंबक से सोने में मिलावट का केवल शुरुआती अंदाजा लगाया जा सकता है, जबकि बर्फ वाला टेस्ट चांदी की प्रामाणिकता की गारंटी नहीं देता. इसलिए किसी भी कीमती धातु की खरीदारी से पहले हॉलमार्क, बिल और गहन जांच करना भी जरूरी है.
सोने पर चुंबक लगाने से क्या पता चलता है?
सोना सामान्य परिस्थितियों में चुंबक से नहीं चिपकता है. इसलिए सोने की वस्तु के पास मजबूत चुंबक ले जाने पर अगर वह सीधे चुंबक से चिपकने लगे, तो उसमें लोहे या किसी दूसरे चुंबकीय धातु की मौजूदगी का संदेह हो सकता है. लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि चुंबक से न चिपकने वाला हर सोना असली ही होगा. कई नकली या मिलावटी धातुएं भी चुंबक से आकर्षित नहीं होतीं. इसके अलावा आभूषण में लगे दूसरे हिस्से भी टेस्ट के नतीजे को प्रभावित कर सकते हैं. इसलिए चुंबक वाला तरीका केवल शुरुआती जांच के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है. सोने की असली शुद्धता जानने के लिए हॉलमार्क, बिल और प्रमाणित परीक्षण को भी ध्यान में रखना चाहिए.

बर्फ से चांदी की पहचान का दावा कितना सही?
चांदी केवल ज्वैलरी ही नहीं बल्कि कई दूसरे इंडस्ट्रियल और साइंटिफिक कामों के लिए भी इस्तेमाल होती है. दरअसल, चांदी हीट की एक बहुत अच्छी कंडक्टर होती है. इसी वजह से शुद्ध चांदी की वस्तु पर बर्फ रखने पर वह कुछ दूसरी धातुओं की तुलना में तेजी से पिघल सकती है. इसी आधार पर बर्फ वाला टेस्ट चांदी की पहचान के लिए बताया जाता है. हालांकि, बर्फ का चांदी से चिपकना या तेजी से पिघलना अपने आप में असली चांदी का प्रमाण नहीं है. कई दूसरी धातुओं में भी गर्मी के अच्छे कंडक्टर होने के कारण ऐसा प्रभाव दिखाई दे सकता है. इसलिए केवल इस घरेलू प्रयोग के आधार पर चांदी को असली या नकली घोषित करना सही नहीं होगा.
असली जांच के लिए हॉलमार्क देखें
सोने की शुद्धता जांचने के लिए सबसे भरोसेमंद शुरुआती तरीका हॉलमार्क और संबंधित पहचान चिह्नों की जांच करना है. खरीदारी करते समय ऑथोराइज विक्रेता से बिल लेना भी जरूरी है. अगर किसी महंगी वस्तु की शुद्धता को लेकर संदेह हो, तो उसे प्रमाणित ज्वैलर या मान्यता प्राप्त परीक्षण केंद्र पर जांच करवाना बेहतर है. एक्स-रे फ्लोरेसेंस (XRF) जैसी जांच से धातु की स्ट्रक्चर और शुद्धता का बेहतर तरीके से आकलन किया जा सकता है.
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