कभी-कभी रिश्ते में हमें लगता है कि अगर हमारा पार्टनर हमारी कुछ छोटी-बड़ी बातों पर थोड़ा और ध्यान दे, तो चीजें काफी आसान हो जाएं. रिश्तों में अक्सर ऐसा होता है कि हम चाहते हैं कि हमारा पार्टनर हमारी कुछ बातों को माने या कुछ खास काम करे, लेकिन कई बार यही बात बहस और तनाव की वजह बन जाती है. इसको लेकर इंस्टाग्राम पर रिलेशनशिप थेरेपिस्ट और कपल्स काउंसलर जेफ गुएंथर ने अपनी राय शेयर की है. उन्होंने वीडियो शेयर कर कहा कि क्या कोई ऐसा तरीका है, जिससे अपने पार्टनर से मनचाही चीजें करवाना आसान हो सकता है.
पार्टनर से अपनी बात कैसे मनवाएं?
अगर, आप चाहते है कि आपका पार्टनर आपके लिए डेट प्लान करे, कहीं घूमने का प्रोग्राम बनाए या फिर अपनी चीजें इस्तेमाल करने के बाद व्यवस्थित रखे, इसके लिए एक आसान तरीका अपनाया जा सकता है. जेफ के अनुसार, पहला कदम यह है कि आप उन सभी बातों को लिख लें जो आप अपने पार्टनर से चाहते हैं. इसमें छोटी-बड़ी हर बात लिखें. भले ही वह कोई बहुत महत्वपूर्ण बात हो या फिर रोजमर्रा की छोटी-सी इच्छा, उसे कागज पर या अपने फोन के नोट्स ऐप में लिख लें. इससे आपको यह समझने में मदद मिलेगी कि आप वास्तव में अपने पार्टनर से क्या उम्मीद रखते हैं और कौन-सी बातें आपके लिए सबसे ज्यादा मायने रखती हैं.
पहले खुद को भी देखें
जेफ गुएंथर के अनुसार, अगला और सबसे महत्वपूर्ण कदम है अपनी बनाई हुई लिस्ट को देखकर खुद से एक सवाल पूछें. मैं ऐसा क्या कर रहा या रही हूं, जिसकी वजह से मेरे पार्टनर के लिए मेरी यह इच्छा पूरी करना मुश्किल हो रहा है. जेफ कहते हैं कि अक्सर हमें लगता है कि समस्या पूरी तरह सामने वाले में है, लेकिन कई बार हमारी अपनी आदतें भी अनजाने में रिश्ते में रुकावट पैदा कर सकती हैं. उन्होंने उदाहरण देते हुए समझाया कि अगर आप चाहते हैं कि आपका पार्टनर आपसे खुलकर बात करे, लेकिन पिछली बार जब उसने अपनी भावनाएं शेयर की थीं, तो आपने वही बात किसी बहस के दौरान उसके खिलाफ इस्तेमाल कर ली थी, तो हो सकता है कि अब वह दोबारा खुलकर बात करने से हिचकिचाए.
इसी तरह, अगर आप चाहते हैं कि आपका पार्टनर डेट, ट्रिप या कोई प्लान बनाए, लेकिन हर बार उसकी योजना में ढेर सारे बदलाव और कमियां निकालते हैं, तो संभव है कि वह आगे से पहल करने से बचने लगे. जेफ का मानना है कि कई बार रिश्ते में बदलाव लाने की शुरुआत सामने वाले को बदलने से नहीं, बल्कि अपनी आदतों और व्यवहार को समझने से होती है. जब हम यह पहचान लेते हैं कि हमारी कौन-सी बातें पार्टनर को पीछे हटने पर मजबूर कर रही हैं, तब एक-दूसरे को बेहतर तरीके से समझना आसान हो जाता है.
आखिर में क्या किया जा सकता है?
जेफ गुएंथर के अनुसार, सच तो यह है कि आप किसी भी इंसान को अपनी मर्जी से कोई काम करने के लिए मजबूर नहीं कर सकते, फिर चाहे वह आपका पार्टनर ही क्यों न हो, लेकिन आप इतना जरूर कर सकते हैं कि अनजाने में उन चीजों को मुश्किल न बनाएं, जो आप उनसे करवाना चाहते हैं. अगर आपको समझ नहीं आ रहा कि आपकी कौन-सी आदतें समस्या पैदा कर रही हैं, तो सीधे अपने पार्टनर से पूछिए. अगर पार्टनर ईमानदारी से अपनी बात बताते हैं, तो बिना बहस किए उसे सुनने की कोशिश करें.
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