Symptoms of Menopause : एक महिला का जीवन आसान नहीं है. ऑफिस, घर और बच्चे, वह तमाम चीजें एक साथ संभालती हैं और इसी भागदौड़ में अपनी सेहत पर उतना ध्यान नहीं दे पाती है, जितना उन्हें देना चाहिए. ऐसे में हम सभी जानते हैं कि महिलाओं को हर महीने पीरियड्स होते हैं, जिसकी वजह से उन्हें काफी दर्द से गुजरना पड़ता है. वहीं 40 के बाद का वो समय भी आता है, जब महिलाओं को पीरियड्स आना बंद हो जाते हैं, जिसे मेनोपॉज (Menopause) कहते हैं.
Menopause Ke Lakshan: बता दें कि बॉलीवुड एक्ट्रेस ट्विकल खन्ना भी मेनोपॉज से होने वाली समस्याओं का जिक्र कुछ समय पहले कर चुकी हैं. हाल ही में उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए साझा किया कि कैसे वे इस दर्द से लड़ रही हैं. बहरहाा, अगर आपको लगता है कि पीरियड्स बंद होने के बाद महिलाओं का जीवन आसान हो जाता है और शरीर में कोई बदलाव नहीं होता है, तो यहां आप गलत हो सकते हैं. दरअसल मेनोपॉज (Menopause) महिलाओं को इमोशनली काफी प्रभावित करता है. आइए जानते हैं, इस बारे में.
क्या होता है मेनोपॉज
What Is Menopause : मेनोपॉज वह समय होता है, जब किसी महिला को लगातार 12 महीनों तक पीरियड्स नहीं होते हैं. वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) के अनुसार, आमतौर पर 9 से 16 साल की उम्र के बीच लड़कियों को पीरियड्स आने शुरू हो जाते हैं.औसत उम्र लगभग 12-13 साल होती है, वहीं मेनोपॉज की शुरुआत आमतौर पर 45 से 55 की उम्र के बीच होती है. बता दें, यह महिलाओं में होने वाला बायोलॉजिकल बदलाव होता है. यह किसी भी प्रकार की कोई बीमारी नहीं होती है.
मेनोपॉज के दौरान होता है महिलाओं के बिहेवियर में बदलाव
डॉक्टर नुपुर गुप्ता बताती हैं - ''मेनोपॉज कोई बीमारी नहीं है, लेकिन इस दौरान महिलाओं के हार्मोन में कई महत्वपूर्ण बदलाव होते हैं. खासकर एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन में कमी होने लगती है. जिसका सीधा असर महिलाओं के बिहेवियर में पड़ता है. इस समय महिलाएं चिड़चिड़ी और गुस्सैल हो जाती है. यही नहीं वह काफी परेशान भी रहती है और छोटी सी बातों पर भी बहुत ज्यादा सोचने लगती हैं.
क्या है मेनोपॉज के लक्षण
मेनोपॉज के लक्षणों में जोड़ों में दर्द होना, अचानक गर्मी लगना, रात में पसीना आना, पीरियड्स का रेगुलर न होना, वजाइनल ड्राइनेस, नींद सही से न आना, मूड स्विंग जैसे एंग्जाइटी चिड़चिड़ापन होना, हेयर और स्किन में रूखापन आना, वजन बढ़ना शामिल है.
बता दें, मेनोपॉज के ये सभी लक्षण एस्ट्रोजन जैसे हार्मोनों के उतार-चढ़ाव के कारण होते हैं और फिजिकल और मेंटल हेल्थ को डायरेक्ट प्रभावित करते हैं. इसी के साथ अन्य लक्षणों में बालों का पतला होना, बार-बार पेशाब आना शामिल हैं.
मेनोपॉज से कैसे प्रभावित होती है मेंटल हेल्थ
मेनोपॉज हार्मोन के उतार-चढ़ाव के कारण होता है, जिसकी वजह से मेंटल हेल्थ काफी हद तक प्रभावित होती है. बता दें, महिलाओं में मूड स्विंग देखने को मिलता है और उनमें चिड़चिड़ापन, टेंशन, एंग्जाइटी के साथ-साथ "ब्रेन फॉग" यानी याददाश्त में कमी, किसी चीज पर फोकस करने में परेशानी और किसी बात को सोचने- समझने में कठिनाई होती है.
जिसकी वजह से महिलाओं को रोजमर्रा के काम करने में परेशानी का सामना करना पड़ता है. बता दें, यही नहीं मेनोपॉज के दौरान महिलाएं खुद को लंबे समय तक थका हुआ महसूस करती है और उनका वजन भी लगातार बढ़ना शुरू हो जाता है, जिस वजह से वह मेंटली और ज्यादा परेशान होने लगती है.
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