Sanjay Dutt अपने बच्चों के साथ करते हैं खूब मस्ती, Covid में आप भी इन 7 तरीकों से बिता सकते हैं नन्हों के साथ समय 

Raveena Tondon के साथ संजय दत्त जल्द ही एक शो में हंसी-ठिठोली करते नजर आने वाले हैं, बिल्कुल वैसे ही जैसे वे घर पर बच्चों के साथ करते हैं.

Sanjay Dutt अपने बच्चों के साथ करते हैं खूब मस्ती, Covid में आप भी इन 7 तरीकों से बिता सकते हैं नन्हों के साथ समय 

Sanjay Dutt अपने बच्चों के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताना पसंद करते हैं.

Sanjay Dutt: एक्टर संजय दत्त यूं तो बेहद गंभीर दिखाई पड़ते हैं लेकिन अपने बच्चों के साथ वे बेहद अलग हैं. वे अपने बच्चों को खूब हंसाते हैं और उनके साथ मस्ती करते भी नजर आते हैं. बता दें कि ये संजय (Sanjay Dutt) का चुलबुला अंदाज ही है जिसके चलते वे जल्द रवीना टंडन (Raveena Tondon) के साथ एक कॉमेडी शो में नजर आने वाले हैं. संजय (Sanjay Dutt) अपने पिता को बेस्ट पिता मानते हैं इसलिए अपने बच्चों के लिए भी वे एक बेस्ट पिता बनने की कोशिश करते हैं. उनके बच्चों की हंसी ठिठोली ही है जिसे वे कोरोना होने के दौरान बेहद याद कर रहे थे. 

अक्सर माता-पिता बच्चों को सब खुशियां देने के लिए उन्हें एक से बढ़कर एक चीज देते हैं, लेकिन उन्हें अपना वक्त देना भूल जाते हैं. बच्चों को एक अच्छे बचपन के लिए माता-पिता का समय, प्यार, बातें, मस्ती और खेलकूद भी चाहिए होता है. 

बच्चों के साथ किस तरह बिताएं समय | How to spend time with kids 

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1. अपने बच्चों को हर दिन ये जरूर बताएं कि आप उनसे कितना प्यार करते हैं. इससे वे आपके साथ पूरी तरह घुले-मिले रहेंगे. 
2. बच्चों के खेलते वक्त आपको भी बच्चा बन जाना चाहिए. 
3. रोज बच्चों से बातें करने का समय निकालें. अगर बात ना सही तो कम से कम रोज उन्हें कोई बेड टाइम स्टोरी जरूर पढ़कर सुनाएं. 
4. जब बच्चों के साथ हों तो अपने फोन से दूरी बनाकर रखें. अपने फोन में सोशल मीडिया स्क्रोल करते हुए बच्चों के साथ समय बिताना असल में समय बिताना नहीं है. 
5. आप शाम के वक्त या सुबह-सुबह बच्चों को बाहर अपने साथ टहलने लेकर जा सकते हैं. 
6. जब आपके पास समय हो तो बच्चों के साथ कुछ पकाने की कोशिश करें. आप उन्हें अपनी कलाकारी भी दिखा सकते हैं और धनिया के पत्ते तोड़ने जैसा छोटा-मोटा काम देकर उन्हें खुश भी कर सकते हैं. 
7. कभी-कभी फिल्में देखते हुए आपको लिविंग रूम में ही बच्चों के साथ सो जाना चाहिए. आप उन्हें अपने बचपन के किस्से सुनाते हुए सुला सकते हैं.