विज्ञापन

प्रेग्नेंसी स्ट्रेच मार्क्स से हैं परेशान? तो अपनाएं ये घरेलू उपाय

Pregnancy Stretch Marks Tips: गर्भावस्था एक महिला के जीवन का सबसे खूबसूरत पल होता है. लेकिन इस दौरान कई तरह के शारीरिक बदलाव भी होते हैं, और उन्हीं में से एक है स्ट्रेच मार्क्स. अगर आप भी स्ट्रेच मार्क्स को कम करना चाहती हैं, तो इस आर्टिकल में जानें.

प्रेग्नेंसी स्ट्रेच मार्क्स से हैं परेशान? तो अपनाएं ये घरेलू उपाय
Stretch Marks Tips: स्ट्रेच मार्क्स कम करने के उपाय.

Stretch Marks Tips: गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के शरीर में कई तरह के बदलाव आते हैं. इन्हीं में से एक आम समस्या है स्ट्रेच मार्क्स, जिसे स्ट्राई ग्रेविडेरम भी कहा जाता है. यह पेट, जांघों, कूल्हों और कभी-कभी स्तनों के आसपास दिखाई देने वाली हल्की या गहरी लकीरों के रूप में होते हैं. ये भले ही पूरी तरह से नुकसानदायक नहीं होते, लेकिन कई महिलाओं के लिए यह चिंता और असहजता का कारण बन जाते हैं. 

Latest and Breaking News on NDTV

स्ट्रेच मार्क्स क्या हैं? (What is stretch marks)

असल में गर्भावस्था के दौरान जैसे-जैसे पेट बढ़ता है, त्वचा तेजी से खिंचती है. जब त्वचा की अंदरूनी परतें इस खिंचाव को पूरी तरह संभाल नहीं पातीं, तो वहां छोटे-छोटे निशान बन जाते हैं, जिन्हें स्ट्रेच मार्क्स कहते हैं. शुरुआत में ये गुलाबी या लाल रंग के होते हैं, लेकिन समय के साथ हल्के सफेद रंग के हो जाते हैं.

आयुर्वेद में माना जाता है कि अगर त्वचा को अंदर से पोषण और बाहर से सही देखभाल मिले, तो इन निशानों को काफी हद तक कम किया जा सकता है या उनकी तीव्रता को रोका जा सकता है. इसके लिए प्राकृतिक तेल और जड़ी-बूटियों का उपयोग बहुत फायदेमंद बताया गया है.

स्ट्रेच मार्क्स को कम करने के घरेलू उपाय-

  1. चंदन का लेप- आयुर्वेदिक उपायों में चंदन, वेटिवर (उशीर) और तुलसी जैसी औषधियों का विशेष महत्व है. इनका लेप बनाकर हल्के तेल के साथ पेट पर नियमित रूप से लगाने की सलाह दी जाती है. माना जाता है कि इससे त्वचा मुलायम बनी रहती है और खिंचाव के कारण होने वाली खुजली और जलन में भी आराम मिलता है. खासकर गर्भावस्था के चौथे महीने से इस तरह की देखभाल शुरू करने की सलाह दी जाती है और इसे पूरे गर्भकाल तक जारी रखने से बेहतर परिणाम मिल सकते हैं.
  2. करंज के पत्तों का लेप- करंज के पत्तों से तैयार तेल या लेप भी त्वचा की लोच बनाए रखने में मददगार माना जाता है. यह त्वचा को पोषण देता है और सूखापन कम करता है, जिससे स्ट्रेच मार्क्स बनने की संभावना कुछ हद तक घट जाती है.
  3. खुजली करने से बचें- आयुर्वेद में यह भी कहा गया है कि गर्भावस्था में खुजली होने पर त्वचा को खुजलाना नहीं चाहिए. कई बार लोग अनजाने में त्वचा को रगड़ देते हैं, जिससे स्ट्रेच मार्क्स और ज्यादा बढ़ सकते हैं. हल्की खुजली के लिए प्राकृतिक तेल या डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर होता है.
  4. हेल्दी डाइट लें- साथ ही, संतुलित आहार भी बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. शरीर को पर्याप्त पानी, फल, हरी सब्जियां और पोषक तत्व मिलेंगे तो त्वचा अंदर से मजबूत बनी रहती है. इससे भी स्ट्रेच मार्क्स की संभावना कम हो सकती है.

नोट- हालांकि यह भी समझना जरूरी है कि स्ट्रेच मार्क्स पूरी तरह से रोकना हमेशा संभव नहीं होता, क्योंकि यह शरीर के प्राकृतिक बदलाव का हिस्सा हैं. लेकिन सही देखभाल, नियमित तेल मालिश और आयुर्वेदिक उपायों से इन्हें काफी हद तक कम किया जा सकता है और त्वचा को स्वस्थ बनाए रखा जा सकता है.

ये भी पढ़ें- किचन से कॉकरोच कैसे भगाएं? अपनाएं ये 9 आसान तरीके, दोबारा कभी नजर नहीं आएंगे...

क्या स्मोकर्स में चेस्ट पेन होना नॉर्मल है? डॉक्टर ने क्या कहा सुनिए

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com