Pitru Paksha Mela 2026: पितृपक्ष को हिंदू धर्म में पूर्वजों को याद करने और उनके प्रति श्रद्धा जताने का खास समय माना गया है. इस दौरान पितरों के लिए श्राद्ध, तर्पण, पिंडदान और दान-पुण्य किया जाता है. आचार्य मदनमोहन के अनुसार साल 2026 में पितृपक्ष की शुरुआत 26 सितंबर से होगी और 10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या के साथ इसका समापन होगा. मान्यता है कि पूर्वजों की मृत्यु तिथि के अनुसार श्राद्ध करने से उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है. बिहार में पितृपक्ष मेला को लेकर बिहार सरकार और पर्यटन विभाग ने कई पैकेज पेश किए हैं. इन पैकेज में श्रद्धालुओं के लिए यात्रा, आवास और भोजन की सुविधा दी जा रही है. इससे श्रद्धालु आराम से पिंडदान कर सकेंगे.
गया में कर रहे हैं पिंड दान तो पिक अप एंड ड्रॉप की सुविधा
पितृपक्ष मेला 2026 में गयाजी आने वाले देश-दुनिया के श्रद्धालुओं के लिए बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम ने आस्था और सुविधा को जोड़ते हुए पिंडदान के कई बेहतरीन पैकेज पेश किए हैं. इनमें आपको घर से पिकअप किया जाएगा और घर पर ही ड्रॉप यानी छोड़ा जाएगा. इस पैकेज में पिंडदान, पूजा सामग्री, आवास और भोजन की सुविधा दी जाएगी. इन पैकेज के जरिए 25 सितंबर से 10 अक्टूबर तक श्रद्धालुओं को तय धार्मिक स्थलों पर विधि-विधान से पिंडदान कराने के बाद वापस उनके घर तक पहुंचाने की सुविधा दी जाएगी.

Photo Credit: PTI
जैसी सुविधा वैसा मिलेगा पैकेज
इस पैकेज में सेडान या हैचबैक कार से श्रद्धालुओं को निर्धारित जगहों पर ले जाया जाएगा. इनमें पटना-पुनपुन घाट-गया का एक दिन का पैकेज, पुनपुन-गया के साथ नालंदा और राजगीर घूमने वाला एक रात-दो दिन का पैकेज और गया से सीधे पिंडदान का ऑप्शन दिया गया है. राजगीर के विश्व शांति स्तूप और नालंदा के प्राचीन अवशेषों का भ्रमण भी करवाएंगे. वैसे, स्मारक और पर्यटन स्थलों के प्रवेश टिकट इस पैकेज में शामिल हैं. श्रद्धालुओं की सुविधा और बजट के अनुसार 3 स्टार, सेमी-लग्जरी और बजट एसी होटल की कैटिगरी भी दी गई है. बोधगया में होटल स्टार, होटल गौतम, गीतांजलि, बुद्धा रिजॉर्ट और निरंजना रिजॉर्ट जैसे ऑप्शन मौजूद हैं.
ई पिंडदान पैकेज भी उपलब्ध
पर्यटन निगम ने 23 हजार रुपये का ई-पिंडदान पैकेज खासतौर पर तैयार किया है. इसमें धार्मिक अनुष्ठान की संपूर्ण वीडियो रिकॉर्डिंग कर पेन ड्राइव तैयार की जाएगी, जिसे पंडा द्वारा श्रद्धालु को उपलब्ध कराने की सुविधा है. इससे श्रद्धालु पिंडदान की पूरी प्रक्रिया की डिजिटल यादें भी अपने साथ ले जा सकेंगे. पर्यटन निगम के आंकड़ों के अनुसार साल 2023 से 2025 के बीच ई-पिंडदान पैकेज के जरिए 30 श्रद्धालुओं ने, जबकि सामान्य पिंडदान पैकेज के जरिए 150 श्रद्धालुओं ने पिंडदान किया. इस तरह 3 सालों कुल 180 श्रद्धालुओं ने पर्यटन निगम के इन पिंडदान पैकेजों का लाभ ले चुके हैं.
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