विज्ञापन

छोटे बच्चों को बोतल से दूध पिलाते वक्त पेरेंट्स इन 6 बातों का रखें ध्यान, पीडियाट्रिशियन ने बताया Bottle Feeding का सही तरीका

Bottle Feeding Right Way: पीडियाट्रिशियन डॉक्टर रवि मलिक ने हाल ही में अपने इंस्टाग्राम हैंडल से एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें उन्होंने बोतल फीडिंग के दौरान की जाने वाली आम गलतियों के बारे में बताया है. आइए जानते हैं पैरेंट्स को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, ताकि बच्चों की सेहत पर कोई नकारात्मक असर न पड़े.

छोटे बच्चों को बोतल से दूध पिलाते वक्त पेरेंट्स इन 6 बातों का रखें ध्यान, पीडियाट्रिशियन ने बताया Bottle Feeding का सही तरीका
छोटे बच्चों को बोतल से कैसे दूध पिलाना चाहिए?
Freepik

How to Bottle Feed Babies: बेबीज और छोटे बच्चों की अच्छी सेहत और पोषण के लिए केवल सही आहार ही नहीं, बल्कि उसे खिलाने का सही तरीका भी बहुत ज्यादा जरूरी होता है. अक्सर छोटे बच्चों को बोतल से दूध पिलाते समय पैरेंट्स कभी-कभी कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं जो भविष्य में बड़ी समस्याओं का कारण बनती हैं. साथ ही इससे बच्चों की सेहत पर भी बुरा असर पड़ता है. इसी को लेकर पीडियाट्रिशियन डॉक्टर रवि मलिक ने हाल ही में अपने इंस्टाग्राम हैंडल से एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें उन्होंने बोतल फीडिंग के दौरान की जाने वाली आम गलतियों के बारे में बताया है. आइए जानते हैं पैरेंट्स को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, ताकि बच्चों की सेहत पर कोई नकारात्मक असर न पड़े.

यह भी पढ़ें: क्या छोटे बच्चों के सामने कपड़े बदलना या नहाना ठीक है? Pediatrician से जानें कैसा होता है बच्चे पर असर

1. बोतल की क्लीनिंग

बच्चों को दूध पिलाने के लिए हमेशा साफ और सुरक्षित बोतल का इस्तेमाल करना चाहिए. क्लीनिंग के लिए पैरेंट्स बोतल की निप्पल और कैप को 10 मिनट के लिए पानी में उबलने के लिए छोड़ दें. इससे सभी तरह के कीटाणु और बैक्टीरिया बोतल से खत्म हो जाएंगे.

2. मिल्क पाउडर का कैसे करें इस्तेमाल?

अगर आप नेचुरल दूध की जगह मिल्क पाउडर का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो इसकी मात्रा का हमेशा ध्यान रखें. ऐसे में मिल्क बनाने के लिए 30 mL पानी में एक स्कूप पाउडर का प्रयोग करें. इसके अलावा आप केवल पैकेट पर दिए गए इंस्ट्रक्शन्स का ही पालन करें. अपने तरीके से दूध बनाने से बचें.

3. तापमान का रखें ध्यान

बोतल से दूध पिलाने से पहले हमेशा पैरेंट्स तापमान का ध्यान रखें. ऐसे में अगर दूध ज्यादा गर्म हुआ, तो बच्चे का मुंह जल भी सकता है. टेंपरेचर चेक करने के लिए आप बोतल से हाथ पर दूध की 2-3 बूंद डालकर देखें. अगर आपको दूध बहुत ज्यादा गर्म महसूस होता है तो, उसको ठंडा दोने होने के लिए रख दें.

4. सही निप्पल का चयन

पैरेंट्स अपने बच्चों के लिए हमेशा सही निप्पल का चयन करें. डॉक्टर रवि बताते हैं कि पैरेंट्स को ऐसा निप्पल चुनना चाहिए जिससे बूंद में निकले, इससे बच्चे का गला चोक नहीं होगा और बच्चे को दूध पीने में आसानी होगी.

5. बचे दूध को न करें दोबारा इस्तेमाल

पीडियाट्रिशियन बताते हैं कि पैरेंट्स को बोतल में बचे हुए दूध को दोबारा घंटों बाद इस्तेमाल कभी भी नहीं करना चाहिए. इससे उन्हें इंफेक्शन हो सकता है. 

6. सीधा लेटाकर कभी भी दूध न पिलाएं

बच्चों को कभी भी सीधा लेटाकर दूध नहीं पिलाना चाहिए, इससे बच्चे का गलो चोक हो सकता है. डॉक्टर रवि बताते हैं कि बच्चो को हमेशा सेमी इंक्लाइन पॉजिशन में दूध पिलाना चाहिए, इससे बच्चे को भी किसी तरह की परेशानी नहीं होगी.

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com