कभी रिश्ते में थोड़ा दूर रहना और अपनी फीलिंग्स को ज्यादा जाहिर न करना काफी ‘कूल' माना जाता था. कम मैसेज करना, हर बात पर तुरंत जवाब न देना और अपनी परवाह छिपाकर रखना कई लोगों को अच्छा लगता था. लेकिन अब प्यार को लेकर सोच बदल रही है. सोशल मीडिया पर ‘I'm done with nonchalant men' जैसे ट्रेंड इसी बदलाव की ओर इशारा कर रहे हैं. महिलाएं अब ऐसा साथी नहीं चाहतीं, जो हर समय बेफिक्र बनी रहे. वे ऐसा पार्टनर चाहती हैं, जो उन्हें याद करे, खुद मैसेज करे, उनकी बात सुने और बिना झिझक अपनी फीलिंग्स दिखाए.
अब प्यार में बेपरवाही नहीं लगती कूल
सोशल मीडिया पर इन दिनों कई महिलाएं ऐसे रील्स शेयर कर रही हैं, जिनमें वे नॉनचैलेंट पुरुषों को लेकर अपनी बात रख रही हैं. नॉनचैलेंट का मतलब है ऐसा इंसान जो रिश्ते में अपनी फीलिंग्स ज्यादा नहीं दिखाता और सामने वाले की परवाह भी खुलकर नहीं जताता. पहले ऐसा रवैया कई लोगों को ‘कूल' लगता था, लेकिन अब तस्वीर बदल रही है. महिलाएं चाहती हैं कि उनका पार्टनर उन्हें ये महसूस कराए कि वे उसकी जिंदगी में खास हैं.
इसका मतलब ये नहीं है कि महिलाएं ऐसा साथी चाहती हैं, जो दिनभर फोन करता रहे या हर मिनट मैसेज भेजता रहे. शांत रहना या कम बोलना कोई परेशानी नहीं है. दिक्कत तब होती है, जब पार्टनर इतना दूर रहने लगे कि रिश्ते में अकेलापन महसूस होने लगे. अगर वो अपनी फीलिंग्स शेयर नहीं करता, आपकी बात सुनने से बचता है या किसी परेशानी पर बात करने के बजाय चुप हो जाता है, तो रिश्ता धीरे-धीरे भारी लगने लगता है.

सिर्फ कमाई करना ही प्यार नहीं
लंबे समय से हमारे यहां पुरुषों से परिवार की जिम्मेदारी उठाने और कमाने की उम्मीद की जाती रही है. कई पुरुषों ने भी प्यार को इसी तरह समझा है कि घर का खर्च उठाना और परिवार की जरूरतें पूरी करना ही सबसे बड़ी जिम्मेदारी है. लेकिन आज रिश्ते में सिर्फ पैसे और जिम्मेदारियों की बात नहीं होती.
महिलाएं चाहती हैं कि उनका पार्टनर उनके साथ बैठकर बात भी करे, उनकी परेशानियां सुने और मुश्किल समय में उनका साथ दे. अगर दिन खराब रहा है तो एक छोटा सा ‘तुम ठीक हो?' भी बहुत मायने रख सकता है. कभी खुद मैसेज करना, हाल पूछना, अपनी फीलिंग्स बताना और छोटी-छोटी बातों में परवाह दिखाना भी प्यार का हिस्सा है.
रिश्ते में दोनों की फीलिंग्स जरूरी
कई बार रिश्ते में एक इंसान ही बात शुरू करता है, अपनी फीलिंग्स बताता है और हर परेशानी को ठीक करने की कोशिश करता है. ऐसे में उसे लग सकता है कि रिश्ता सिर्फ वही चला रहा है. महिलाएं अब इस तरह के रिश्ते से बचना चाहती हैं. वे चाहती हैं कि प्यार और परवाह की जिम्मेदारी दोनों लोग मिलकर निभाएं.
प्यार दिखाना कमजोरी नहीं
सोशल मीडिया का ये ट्रेंड शायद इसी बदलती सोच को दिखाता है. अब हर समय बेफिक्र दिखना जरूरी नहीं कि किसी को ‘कूल' बनाए. कई महिलाएं अब ऐसा पार्टनर चाहती हैं जो प्यार करने से शर्माए नहीं और अपनी फीलिंग्स छिपाने के बजाय आसानी से जाहिर करे. आखिर रिश्ते में सबसे अच्छी बात यही होती है कि सामने वाला सिर्फ आपके साथ है ही नहीं, बल्कि आपको ये महसूस भी कराता है कि आप उसके लिए सच में खास हैं.
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