विज्ञापन

नेचुरली पके केले की पहचान कैसे करें? बस इस ट्रिक से तुरंत पकड़ में आ जाएगा केमिकल से पकाया गया केला

How to Identify Chemical Bananas: जो केला हम खरीद रहे हैं वह नेचुरली पका है या केमिकल से पकाया गया है. इसका पता लगाने के लिए हम घर पर ही कुछ ट्रिक्स आजमा सकते हैं. आइए जानते हैं कैसे.

नेचुरली पके केले की पहचान कैसे करें? बस इस ट्रिक से तुरंत पकड़ में आ जाएगा केमिकल से पकाया गया केला
How to Spot Chemical Ripened Banana: प्राकृतिक केले का स्वाद ज्यादा मीठा और सुगंधित होता है.

How to Identify Naturally Ripened Bananas: केला भारत में सबसे ज्यादा खाए जाने वाले फलों में से एक है. यह सस्ता भी है, आसानी से मिल जाता है और सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. लेकिन आजकल बाजार में मिलने वाले कई केले प्राकृतिक तरीके से नहीं, बल्कि केमिकल की मदद से जल्दी पकाए जाते हैं. ऐसे केले बाहर से देखने में बिल्कुल पीले और आकर्षक लगते हैं, लेकिन अंदर से उनका स्वाद फीका हो सकता है और कई बार सेहत के लिए भी नुकसानदायक हो सकते हैं. इसलिए जरूरी है कि हम यह पहचानना सीखें कि जो केला हम खरीद रहे हैं वह प्राकृतिक रूप से पका है या केमिकल से पकाया गया है. खास बात यह है कि सिर्फ केले के डंठल के रंग को देखकर ही इसके बारे में काफी कुछ पता लगाया जा सकता है.

नेचुरल मीठे केले की पहचान करने के तरीके | Ways to Identify Naturally Sweet Bananas

1. डंठल का रंग बताता है केले की असली पहचान

अगर केले का डंठल हरा या हल्का हरा दिखाई दे और केला पीला हो, तो समझिए कि केला प्राकृतिक तरीके से पका है. प्राकृतिक रूप से पकने की प्रक्रिया में डंठल जल्दी सूखता नहीं है.

लेकिन अगर केला पूरी तरह पीला हो और उसका डंठल भूरा या काला दिखे, तो यह संकेत हो सकता है कि उसे केमिकल से पकाया गया है. केमिकल से पकाए गए केले में अक्सर डंठल जल्दी सूखने लगता है.

Latest and Breaking News on NDTV

Photo Credit: Freepik

2. केले के रंग पर भी दें ध्यान

प्राकृतिक रूप से पके केले का रंग हल्का पीला होता है और उस पर छोटे-छोटे भूरे धब्बे भी दिखाई दे सकते हैं. ये धब्बे इस बात का संकेत होते हैं कि केला पूरी तरह से पक चुका है और मीठा होगा. वहीं केमिकल से पकाए गए केले अक्सर एकदम एक जैसे चमकीले पीले दिखते हैं और उन पर प्राकृतिक धब्बे कम होते हैं.

3. स्वाद से भी चल जाता है पता

प्राकृतिक केले का स्वाद ज्यादा मीठा और सुगंधित होता है. जब आप इसे खाते हैं तो उसमें हल्की सी खुशबू भी महसूस होती है. इसके विपरीत केमिकल से पकाए गए केले कई बार कम मीठे या फीके लग सकते हैं. कभी-कभी उनका गूदा थोड़ा कड़ा भी रहता है.

4. छिलके की बनावट देखें

प्राकृतिक केले का छिलका थोड़ा नरम होता है और आसानी से छिल जाता है. छिलका हटाते समय वह गूदे से अलग हो जाता है. लेकिन, केमिकल से पकाए गए केले का छिलका कई बार थोड़ा सख्त या रबर जैसा महसूस होता है और छिलना थोड़ा मुश्किल हो सकता है.

Latest and Breaking News on NDTV

5. केले का अंदरूनी रंग भी देता है संकेत

जब आप केले को काटते हैं, तो प्राकृतिक केले का गूदा हल्का क्रीम या ऑफ-व्हाइट रंग का होता है और उसका टेक्सचर मुलायम होता है. वहीं केमिकल से पकाए गए केले में कभी-कभी गूदे का रंग थोड़ा फीका या हल्का पीला दिखाई दे सकता है.

बाजार से केला खरीदते समय सिर्फ उसके पीले रंग को देखकर फैसला करना सही नहीं होता. थोड़ी सी समझदारी से आप आसानी से पहचान सकते हैं कि केला प्राकृतिक तरीके से पका है या केमिकल से.

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Naturally Ripened Banana, Chemical Ripened Banana, Banana Ripening Tricks, Identify Chemical Bananas, Healthy Banana Tips, How To Identify Naturally Ripened Bananas, Chemicals Used To Ripen Bananas, Banana Ripening Process, Healthy Ways To Ripen Bananas, Spot Chemical Ripened Bananas
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com