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टॉक्सिक रिलेशनशिप से बाहर निकलना चाहते हैं, लेकिन हिम्मत नहीं जुटा पा रहे? एक्सपर्ट ने बताए 5 उपाय

कभी-कभी हम जानते हैं कि कोई रिश्ता हमें भावनात्मक रूप से नुकसान पहुंचा रहा है, फिर भी उससे दूर जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाते. खासतौर पर जब पार्टनर टॉक्सिक हो. यहां जानिए टॉक्सिक रिलेशनशिप से बाहर निकलने के 5 आसान उपाय.

टॉक्सिक रिलेशनशिप से बाहर निकलना चाहते हैं, लेकिन हिम्मत नहीं जुटा पा रहे? एक्सपर्ट ने बताए 5 उपाय
टॉक्सिक रिलेशनशिप
file photo

किसी के साथ रिलेशनशिप में आना आसान होता है, लेकिन उससे बाहर निकलना अक्सर ज्यादा मुश्किल भरा हो जाता है. कभी-कभी हम जानते हैं कि कोई रिश्ता हमें भावनात्मक रूप से नुकसान पहुंचा रहा है, फिर भी उससे दूर जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाते. खासतौर पर जब पार्टनर टॉक्सिक हो. प्यार और अकेलेपन का डर या भविष्य की चिंता हमें उसी रिश्ते में बांधे रखती है. अगर आप भी किसी टॉक्सिक रिलेशनशिप से बाहर निकलना चाहते हैं, लेकिन पहला कदम उठाने में मुश्किल महसूस कर रहे हैं, तो फ्लोरिडा के थेरेपिस्ट जेफरी मेल्टजर ने ऐसे रिश्तों से बाहर निकलने के पांच तरीके बताए हैं.

रिश्ता टॉक्सिक है समझें

जेफरी ने बताया कि कभी-कभी हम किसी के व्यवहार के इतने आदी हो जाते हैं कि हमें यह पता ही नहीं चलता कि वह असल में कितना नुकसानदायक है. उन्होंने कहा, "इसलिए, व्यवहार के तरीकों पर ध्यान दें. क्या वे आपको ऐसे काम करने के लिए मजबूर करते हैं, जो आपके मूल्यों के खिलाफ हैं? क्या वे बार-बार उन सीमाओं को पार करते हैं जिनके बारे में आपने पहले ही खुल कर बताया है? क्या वे अपनी जिम्मेदारी लेने से बचते हैं और अपनी समस्याओं के लिए हमेशा दूसरों को जिम्मेदार ठहराते हैं? थेरेपिस्ट के अनुसार, जब कोई व्यक्ति रिश्ते को साफ तौर पर समझने लगता है, तो वह यह तय कर सकता है कि दूसरा व्यक्ति उसकी जिंदगी में कितनी दखल दे सकता है.

बातचीत लिमिटिड करें

बातचीत सीमित करने का मतलब यह नहीं है कि उनसे बिल्कुल भी संपर्क न रखा जाए. थेरेपिस्ट के अनुसार, कभी-कभी ऐसा करना न तो मुमकिन होता है और न ही जरूरी. हालांकि, जब कोई व्यक्ति यह समझ जाता है कि किसी का उस पर बुरा असर पड़ रहा है, तो वह यह सोच-समझकर तय कर सकता है कि उसे उस व्यक्ति के साथ कितना समय बिताना है.

थोड़ा अनकंफर्ट महसूस करना सीखें

जेफ्री के अनुसार, जब आप किसी ऐसे व्यक्ति से दूरी बनाना शुरू करते हैं, जो हमेशा आपके जीवन में आसानी से दखल देता रहा है, तो यह आपको असहज महसूस करा सकता है. जब आप ना कहना शुरू करेंगे, तो सामने वाला नाराज हो सकता है या आपको गिल्टी महसूस कराने की कोशिश कर सकता है, लेकिन अगर आप सच में भावनात्मक रूप से खुद को अलग करना चाहते हैं, तो आपको इस असहजता को सहना सीखना होगा. हर बार असहज महसूस होने पर उसे तुरंत खत्म करने की कोशिश न करें.

मान लें कि बुरे रिश्तों में भी कुछ अच्छी बातें हो सकती हैं

जेफ्री के अनुसार, एक ही समय पर दो बातें सच हो सकती हैं. हो सकता है कि आपने उस व्यक्ति से प्यार किया हो, उसकी परवाह की हो और उसके साथ कई अच्छे पल बिताए हों, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि रिश्ता पूरी तरह हेल्दी था. अक्सर यही वजह होती है कि किसी से भावनात्मक दूरी बनाना मुश्किल लगता है. हम उस व्यक्ति की अच्छी यादों को याद करके उसके ऐसे व्यवहार को नजरअंदाज करने लगते हैं, जो हमें बार-बार दुख पहुंचा रहा होता है. इसलिए यह समझना जरूरी है कि आप किसी रिश्ते की अच्छी बातों की कद्र कर सकते हैं, लेकिन सिर्फ उन्हीं वजहों से खुद को तकलीफ देने वाले व्यवहार को सहते रहना जरूरी नहीं है.

बदलने का इंतजार करना छोड़ दें

जेफ्री के अनुसार, कई बार आपको वह माफी कभी नहीं मिलती, जिसकी आप उम्मीद कर रहे होते हैं. हो सकता है कि सामने वाला व्यक्ति कभी यह न समझ पाए कि उसने आपको कितना दुख पहुंचाया. यह भी संभव है कि वह कभी वैसा इंसान न बने, जैसा आप उसे बनते देखना चाहते थे, लेकिन अपनी खुशी और मानसिक शांति को चुनने के लिए आपको उनकी समझ या मंजूरी की जरूरत नहीं है.

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