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क्या सच में कपड़ों का रंग बदल देता है आपका मूड? जान लीजिए फैशन और ब्रेन के बीच का अनोखा रिश्ता

How Colors Affect Mood And Emotions: कई बार जो रंग आप पहनते हैं, उनका असर आपके महसूस करने के तरीके पर पड़ सकता है, लेकिन यह असर हर बार और हर व्यक्ति पर एक जैसा नहीं होता. आइए जानते हैं कैसे कपड़ों का कलर आपके मूड को इफेक्ट करता है.

क्या सच में कपड़ों का रंग बदल देता है आपका मूड? जान लीजिए फैशन और ब्रेन के बीच का अनोखा रिश्ता
कपड़ों का रंग आपके मूड को थोड़ा प्रभावित कर सकता है.

Color Psychology: सुबह अलमारी खोलते वक्त आपने कभी सोचा है कि आज नीला पहनें या पीला पहनें या फिर लाल? ज्यादातर लोग इसे सिर्फ स्टाइल का मामला मानते हैं. लेकिन, सवाल यह है कि क्या कपड़ों का रंग सच में आपके मूड और सोच को प्रभावित करता है? इस सवाल का जवाब इतना सीधा नहीं है. कई बार जो रंग आप पहनते हैं, उनका असर आपके महसूस करने के तरीके पर पड़ सकता है, लेकिन यह असर हर बार और हर व्यक्ति पर एक जैसा नहीं होता. 2009 में ब्रिटिश कोलंबिया यूनिवर्सिटी की एक रिसर्च में पाया कि अलग-अलग रंग अलग तरह के कामों को प्रभावित कर सकते हैं.

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क्या है कलर साइकोलॉजी | (What is Color Psychology?)

इसे कलर साइकोलॉजी कहा जाता है. यानी रंग हमारे मूड, सोच और बिहेवियर से जुड़े होते हैं. यही वजह है कि लोग अक्सर अपने कपड़ों के रंग को अपने मूड या मौके के हिसाब से चुनते हैं. कई बार देखा गया कि लाल रंग के माहौल में लोग ज्यादा सावधानी और डिटेल के साथ काम करते हैं, जबकि नीले रंग के साथ वे ज्यादा क्रिएटिव हो जाते हैं. अगर इसे कपड़ों पर लागू करें, तो यह माना जाता है कि जो रंग आप पहनते हैं, वह आपके व्यवहार और आत्मविश्वास को हल्के स्तर पर प्रभावित कर सकता है.

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कैसे कपड़ों का रंग प्रभावित करता है मूड? (How Does the Color of Clothing Affect Mood?)

लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती. बड़े स्तर पर किए गए कुछ अध्ययनों में रंग के असर को उतना साफ नहीं पाया गया. यानी यह जरूरी नहीं कि हर बार लाल पहनने से आप ज्यादा अलर्ट हो जाएं या नीला पहनने से शांत. इसका एक बड़ा कारण हमारी कंडिशनिंग भी है. जैसे लाल रंग को अक्सर खतरे या चेतावनी से जोड़ा जाता है, जबकि नीला रंग शांति का एहसास कराता है. ऐसे में जब आप कोई रंग पहनते हैं, तो उसका असर आपके पिछले अनुभवों और धारणाओं से भी जुड़ जाता है. यही वजह है कि कपड़ों का रंग आपके मूड को हल्के तौर पर प्रभावित कर सकता है, लेकिन यह कोई तयशुदा फॉर्मूला नहीं है.

फैशन की दुनिया में डोपामिन ड्रेसिंग जैसा ट्रेंड इसी सोच पर टिका है, जिसमें लोग ऐसे रंग पहनते हैं जो उन्हें अच्छा महसूस कराएं. लेकिन वैज्ञानिक नजरिए से देखें तो यह ज्यादा व्यक्तिगत अनुभव है, न कि हर किसी पर एक जैसा असर डालने वाला नियम.

कुल मिलाकर, कपड़ों का रंग आपके मूड को थोड़ा प्रभावित कर सकता है, लेकिन यह असर परिस्थितियों, आदतों और व्यक्ति की सोच पर निर्भर करता है. यानी अगली बार आप जो पहनें, वह आपको थोड़ा अलग महसूस करा सकता है, लेकिन पूरी कहानी सिर्फ रंग से तय नहीं होती.

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