विज्ञापन

मुंह की बदबू से लेकर दांत दर्द को दूर करने तक, इन लोगों के लिए वरदान से कम नहीं अमृतधारा का इस्तेमाल

Amritdhara Benefits: अमृतधारा एक ऐसी औषधि से जिसे कई तरह की समस्याओं के लिए इस्तेमाल किया जाता है. इसे आसानी से घर पर तैयार किया जा सकता है.

मुंह की बदबू से लेकर दांत दर्द को दूर करने तक, इन लोगों के लिए वरदान से कम नहीं अमृतधारा का इस्तेमाल
Amritdhara Benefits:अमृतधारा के इस्तेमाल से होने वाले लाभ.

Amritdhara Ke Fayde: शरीर को सेहतमंद रखने के लिए सदियों से भारतीय घरों में पारंपरिक औषधियों का इस्तेमाल होता आया है. ऐसी ही एक घरेलू औषधि है अमृतधारा, जो प्राचीन समय से हमारे घरों में इस्तेमाल होती है. इसका प्रयोग सिर दर्द, अचानक घबराहट और मतली से होने वाली परेशानी में किया जाता है, लेकिन आज के समय में अमृत धारा विलुप्त होती जा रही है.

किन चीजों से मिलकर बनती है अमृतधारा- 

बहुत कम पदार्थों से बनने वाली पारंपरिक अमृतधारा का भारतीय घरों में उपयोग किया जाता रहा है. भीमसेनी कपूर, सत पुदीना, और सत अजवाइन जैसे तीक्ष्ण और सुगंधित द्रव्यों के संयोग से बना यह द्रव्य छोटी मात्रा में उपयोग किया जाता है और आम शारीरिक समस्याओं में सहायक माना जाता है. 

Latest and Breaking News on NDTV

अमृतधारा के फायदे- (Amritdhara Ke Fayde)

अमृतधारा शरीर को ठंडक पहुंचाता है, जो सिरदर्द और माइग्रेन, अपच, मितली, बेचैनी, और सर्दी-जुकाम में भी आराम दिलाता है. सिर दर्द, अचानक घबराहट और मतली से शरीर कमजोर महसूस करने लगता है. घबराहट से बीपी भी गिरने लगता है. ऐसे में अमृतधारा का इस्तेमाल किया जा सकता है.  

Latest and Breaking News on NDTV

कैसे बनाएं अमृतधारा- (How To Make Amritdhara At Home)

अमृत धारा को बनाने का तरीका बहुत आसान है. एक कांच की शीशी में कपूर सत्व, अजवाइन सत्व और पुदीना सत्व को मिलाकर तुरंत बंद कर लें. इसे थोड़ा हिलाएं और प्रभावित जगह पर लगाएं. ये तीनों तत्व मिलकर आपस में क्रिया करते हैं और एक औषधि का निर्माण करते हैं. इसे कान, नाक और आंख में डालने से बचें.

अमृत धारा स्वाद में तीखा लेकिन सुगंधित होता है. इसे ज्यादा समय तक खुला न करें, क्योंकि यह वाष्पीकरण द्रव होता है तो हवा के संपर्क में आते ही उड़ जाता है.

कैसे करें अमृतधारा का इस्तेमाल- (How To Use Amritdhara)

अगर सिर में दर्द है तो इसे सीधा माथे पर लगाए, दांत दर्द की परेशानी में रुई की सहायता से प्रभावित जगह लगाएं और अगर पेट और अपच से जुड़ी परेशानी है तो थोड़ी मात्रा में इसका सेवन करें. अगर मुख से दुर्गंध आती है, तब पानी में मिलाकर कुल्ला करने से भी आराम मिलता है. 

नोट- गर्भवती महिलाएं और बच्चे सेवन से पहले चिकित्सक की सलाह जरूर लें. अगर इसे लगाने पर जलन का अनुभव होता है तो इससे परहेज करें.

ये भी पढ़ें- सिर्फ 5 मिनट में ऑफिस या कॉलेज के लिए कैसे हो तैयार? ये फेमस Makeup Influencers कर सकती हैं आपकी मदद

World Heart Day: दिल की बीमार‍ियां कैसे होंगी दूर, बता रहे जाने-माने पद्मभूषण डॉक्‍टर TS Kler

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com