मानसून का समय सबको पसंद होता है और इस समय पहाड़ों की सुंदरता कई गुना अधिक हो जाती है. अधिकतर लोग इस समय ट्रैक करना पसंद करते हैं और अक्सर पहाड़ों पर निकल जाते हैं, लेकिन ट्रेकिंग हर मौसम में सही नहीं होती है, क्योंकि बारिश के मौसम में पत्थर खिसकना और फिसलन आम हो जाती है. ऐसे में ट्रेकिंग पर जाना खतरनाक हो सकता है. खासतौर पर मानसून के मौसम में पहाड़ों का मिजाज बदल जाता है. अगर, आप भी ट्रेकिंग करना पसंद करते हैं और अक्सर पहाड़ों का रुख करते हैं, तो आपको पता होना चाहिए कि भारत में मानसून के मौसम में कुछ ट्रेकिंग पॉइंट सबसे ज्यादा खतरनाक हो जाते हैं.
हम्प्टा पास ट्रैक
हम्प्टा पास ट्रैक हिमाचल प्रदेश के सबसे सुंदर और रोमांचक ट्रैक में से एक है. इस ट्रैक का नाम पास के हम्प्टा गांव से लिया गया है. हम्प्टा पास कुल्लू वैली को लाहौल को जोड़ता है. इसकी कुल दूरी 26 किलोमीटर और ऊचाई 14,100 फीट है. हालांकि, यह जगह मानसून के दौरान और भी सुंदर हो जाती है, हर साल बड़ी संख्या में लोग यहां घूमने आते हैं, लेकिन इस समय यहां खतरा भी बढ़ जाता है. यहां का रास्ते उबड़-खाबड़ है और बारिश होने के बाद फिसलन ज्यादा हो जाती है और चलना मुश्किल हो जाता है. इसके अलावा ज्यादा बारिश होने के चलते पहाड़ खिसकने का खतरा भी बना रहता है.
वैली ऑफ फ्लावर्स ट्रैक
उत्तराखंड के चमोली जिले में वैली ऑफ फ्लावर्स ट्रेक है. यह जगह उत्तराखंड की सबसे सुंदर जगह में से एक है. यह लगभग 3,200 से 3,600 मीटर की ऊंचाई पर स्थित एक खूबसूरत ट्रेकिंग पॉइंट है. जहां मानसून के दौरान जुलाई से सितंबर के बीच 500 से अधिक प्रजातियों के रंग-बिरंगे अल्पाइन फूल खिलते हैं, लेकिन इस जगह तक पहुंचने के समय सावधानी बरतना जरूरी है, क्योंकि बारिश अधिक होने से मिट्टी का खिसकना और फिसलन ज्यादा हो जाती है. हालांकि, इस ट्रेकिंग पॉइंट को मौसम खराब के कारण कुछ समय के लिए बंद भी कर दिया जाता है. ऐसे में यहां जाने से पहले मौसम की जानकारी जरूर होनी चाहिए.
कश्मीर ग्रेट लेक्स ट्रैक
कश्मीर ग्रेट लेक्स ट्रेक जम्मू-कश्मीर के सबसे सुंदर ट्रैक में से एक है. यह ट्रैक लगभग 65 से 75 किलोमीटर लंबा है. यहां झील, बड़े पहाड़ और खुले मैदान है, जो कि इसको और खूबसूरत बनाता है. यहां मौसम अचानक से बदल सकता है, जिसके चलते ट्रेकिंग करने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. यह ट्रैक अधिक ऊंचाई पर है और यहां रात में तापमान माइनस में पहुंच जाता है.
रूपकुंड ट्रैक
रूपकुंड ट्रैक उत्तराखंड की सबसे खड़ी चढ़ाई में से एक है. यह 16499 की ऊंचाई पर स्थित एक प्रसिद्ध हिम झील है. इसे 'कंकाल झील' भी कहते हैं. यहां ट्रैक बहुत पथरिला और खतरनाक है. इस मौसम में घने कोहरे के चलते यहां रास्ता पहचानने में भी परेशानी होती है. इस ट्रैक पर जाने के लिए नियमों की जानकारी और अनुमति लेना जरूरी है.
संदकफू ट्रैक
संदकफू ट्रैक पश्चिम बंगाल का सबसे मशहूर ट्रैक है. यह ट्रैक पश्चिम बंगाल और नेपाल की सीमा पर स्थित सिंगालीला रिज का सबसे ऊंचा स्थान है, जो समुद्र तल से 12,950 फीट की ऊंचाई पर है. यहां से माउंट एवरेस्ट, कंचनजंगा, ल्होत्से और मकालू जैसे ऊंचे पहाड़ों के सुंदर नजारे दिखाई देते हैं, लेकिन मानसून में लगातार बारिश के कारण यहां के रास्ते कीचड़ और फिसलन से भर जाते हैं, जिससे खतरा बढ़ जाता है. हालांकि, बारिश के चलते प्रशासन हर साल 16 जून से 15 सितंबर तक यह ट्रेकिंग बंद रखता है.
पिन पार्वती पास ट्रैक
पिन पार्वती पास ट्रैक हिमाचल प्रदेश के सबसे खूबसूरत और खतरनाक ट्रैक में से एक है. इसकी अधिकतम ऊंचाई लगभग 17,450 फीट है. ट्रैक की शुरुआत कसौल से होती है. यहां घने जंगल, नदियां और बेहद सुंदर झालें हैं. मानसून के मौसम में यहां पत्थर गिरने और मिट्टी खिसकने का खतरा अधिक बढ़ जाता है. ऐसे में यहां जाने से पहले मौसम का ध्यान रखना जरूरी है.
प्रस्तुति द्वारा- प्रज्ञा राय.
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