What Are The 4 Rules Of The 4B Movement: DINK यानी "डबल इनकम, नो किड्स" ट्रेंड के बाद अब भारत में एक नया आंदोलन वायरल हो रहा है, जिसका नाम है 4B आंदोलन यानी न विवाह, न बच्चे, न डेटिंग और न ही यौन संबंध. यह मूवमेंट साउथ कोरिया से ओरिजिनेट हुआ है, क्योंकि वहां की माहिलएं पितृसत्तात्मक सोच से इतनी परेशान हो गई थीं कि उन्हें यह 4B मूवमेंट शुरू करना पड़ा. आइए समझते हैं 4B Movement से जुड़ी कुछ बातों को,
यह आंदोलन उन महिलाओं के बीच उभरा जो पितृसत्तात्मक सोच, जेंडर असमानता, घरेलू जिम्मेदारियों के बोझ और वर्क प्रेशर से परेशान थीं, यही कारण हैं वहां की महिलाओं ने इन चारों चीज़ों से दूर रहने का निर्णय लिया और यह आंदोलन शुरू किया.

4B आंदोलन के प्रभाव
जेंडर रोल्स और समानता: यह आंदोलन पारंपरिक विवाह और परिवार की सोच को चुनौती देता है, जिससे जेंडर रोल्स और समानता पर नई बहस शुरू हुई है.
बर्थ रेट: साउथ कोरिया में बर्थ रेट पहले से ही काफी कम है. इसे में इस आंदोलन के शुरू होने से बर्थ रेट और प्रभावित हो सकता है.
आर्थिक प्रभाव: इस आंदोलन से महिलाएं अपने पार्टनर, परिवार या बच्चे पर खर्च न करके अपनी आर्थिक स्वतंत्रता पर ध्यान दे सकती हैं.
4B मूवमेंट के फायदे
पर्सनल फ्रीडम: इस आंदोलन से महिलाएं अपने जीवन के फैसले खुद ले सकती हैं बिना किसी सामाजिक दवाब के.
मानसिक शांति: पारंपरिक रिश्तों और घरेलू जिम्मेदारियों के तनाव से दूर रहकर कई लोगों को मानसिक सुकून मिल सकता है.
आर्थिक आत्मनिर्भरता: शादी और बच्चों की जिम्मेदारियों के बिना महिलाएं अपने करियर और आर्थिक लक्ष्यों पर ज़्यादा ध्यान दे सकती हैं.
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