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TTE और TC दोनों में से कौन सी नौकरी है बेस्ट, किसकी होती है ज्यादा सैलरी?

अगर आप रेलवे में टिकट चेकिंग डिपार्टमेंट में करियर बनाना चाहते हैं, तो TTE और TC के काम और कमाई को जानना बेहद जरूरी है. बहुत से लोग दोनों को एक ही मान लेते हैं और बाद में चलकर परेशान होते हैं.

TTE और TC दोनों में से कौन सी नौकरी है बेस्ट, किसकी होती है ज्यादा सैलरी?
7वें वेतन आयोग के शुरुआती ग्रेड-पे के अनुसार, TTE और TC दोनों करीब-करीब एक ही लेवल (लेवल 2 या 3) के होते हैं.

TTE vs TC : भारतीय रेलवे में सरकारी नौकरी का क्रेज हमेशा से रहा है. स्टेशन मास्टर से लेकर TTE और TC जैसी जॉब के लिए बड़ी संख्या में युवा अप्लाई करते हैं. लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि TTE और TC क्या होते हैं. उनमें कोई अंतर होता है या दोनों पद एक ही है. अगर आप भी रेलवे में भर्ती होने की तैयारी कर रहे हैं, तो यह जान लेना बहुत जरूरी है कि इन दोनों में क्या डिफरेंस है. इनमें से आपके लिए बेस्ट जॉब कौन-सी है और कितनी सैलरी मिलती है. 

TTE और TC में अंतर क्या है

1. TTE (Traveling Ticket Examiner)

TTE वो होता है जो चलती ट्रेन में आपका टिकट चेक करता है. इसके अलावा आपके सफर को आरामदायक बनाना भी इनकी ही जिम्मेदारी है. इनकी ड्यूटी एक्सप्रेस, मेल या सुपरफास्ट ट्रेनों में होती है. टीटीई की जिम्मेदारी खाली बर्थ अलॉट करना, पैसेंजर्स की प्रॉब्लम्स सुनना और रात में आईडी चेक करना है.

2. TC (Ticket Collector)

वहीं, TC आपको रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म या एग्जिट गेट पर मिलेंगे. ये ट्रेन के अंदर नहीं चलते हैं. इनकी ड्यूटी रेलवे स्टेशन के गेट, प्लेटफॉर्म या पुल पर होती है. इनकी जिम्मेदारी प्लेटफॉर्म टिकट चेक करना, बिना टिकट स्टेशन से बाहर निकलने वालों पर जुर्माना लगाना और पैसेंजर्स को सही प्लेटफॉर्म बताना होता है. इनकी ड्यूटी एक फिक्स्ड स्टेशन पर होती है.

TTE और TC की सैलरी कितनी होती है

7वें वेतन आयोग के शुरुआती ग्रेड-पे के अनुसार, TTE और TC दोनों करीब-करीब एक ही लेवल (लेवल 2 या 3) के होते हैं. बेसिक सैलरी दोनों की ही 21,700 से 30,000 के ब्रैकेट में रहती है, लेकिन जब बात इन-हैंड सैलरी की आती है, तो TTE पोस्ट बेहतर मानी जाती है. TTE को उनकी यात्रा के दौरान मिलने वाला रनिंग अलाउंस (Running Allowance) उनकी इनकम को काफी बढ़ा देता है. चूंकि वे कई-कई बार लंबी दूरी तक सफर करते हैं, इसलिए उन्हें प्रति किलोमीटर या प्रति ट्रिप के हिसाब से एक्स्ट्रा पेमेंट मिलता है.

TTE और TC में अंतर

1. वर्क लोकेशन

  • TTE का ऑफिस चलती हुई एक्सप्रेस या सुपरफास्ट ट्रेनों के कोच होते हैं.
  • TC की ड्यूटी रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म, टिकट काउंटर के पास या एग्जिट गेट पर होती है.

2. प्राइमरी रोल्स

  • TTE रिजर्वेशन चार्ट को संभालते हैं, वेटिंग लिस्ट क्लियर करते और पैसेंजर्स को बर्थ अलॉट करते हैं.
  • TC का काम प्लेटफॉर्म टिकट चेक करना और बिना टिकट पैसेंजर्स को गेट पर ही पकड़कर जुर्माना वसूलना है.

3. ड्यूटी की टाइमिंग

  • TTE के काम के घंटे फिक्स नहीं होते हैं, जब तक ट्रेन स्टेशन तक नहीं पहुंचती, वे ऑन-ड्यूटी रहते हैं.
  • TC की 8 घंटे की फिक्स शिफ्ट होती है, जिसके बाद ये अपने घर जा सकते हैं.

4. यूनिफॉर्म और पहचान

  • TTE काला कोट और सफेद पैंट-शर्ट के साथ इनकी नेमप्लेट पर 'Traveling Ticket Examiner' लिखा होता है.
  • TC का यूनिफॉर्म भी एक जैसी ही होती है, लेकिन इनकी पहचान इनके बैच और स्टेशन पर तैनाती से होती है.

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