झारखंड में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हजारों युवाओं के लिए TDPL इन दिनों सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाला नाम बन गया है. जिस कंपनी के जरिए राज्य में कई सरकारी परीक्षाएं कराई गईं, अब उन्हीं परीक्षाओं को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 2014 से अब तक TDPL के जरिए कराई गई सभी परीक्षाओं, उनके रिजल्ट और उनसे मिली नौकरियों को रद्द करने की घोषणा की है. इसमें JSSC-CGL जैसी बड़ी परीक्षा भी शामिल है. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर TDPL क्या है और अचानक इसकी कराई परीक्षाओं पर इतना बड़ा फैसला क्यों लिया गया.
TDPL का पूरा नाम क्या है
TDPL का पूरा नाम टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (TSR Data Processing Private Limited) है. ये एक निजी कंपनी है, जिसे सरकारी परीक्षाओं से जुड़े काम दिए गए थे. झारखंड में इस कंपनी ने JPSC और JSSC से जुड़ी कई परीक्षाओं में काम किया है. इसी वजह से सरकारी नौकरी की परीक्षाओं में TDPL का नाम काफी अहम हो गया. इस कंपनी के कुछ लोगों के तार भी पेपर लीक से जुड़ते रहे हैं, जिसमें अभय तिवारी जैसे मास्टरमाइंड का नाम भी शामिल है. अभय तिवारी ने JSSC CGL के अलावा एक साथ कई सरकारी नौकरियां हासिल की थीं.
JPSC परीक्षा से शुरू हुआ पूरा मामला
TDPL पर सवाल तब ज्यादा उठने लगे, जब 14वीं JPSC सिविल सर्विस परीक्षा के रिजल्ट को लेकर उम्मीदवारों ने गड़बड़ी की शिकायत की. इसके बाद मामला बढ़ता गया और झारखंड CID ने इसकी जांच शुरू कर दी. जांच के दौरान TDPL से जुड़े लोगों से पूछताछ हुई और कई जगह छापेमारी भी की गई. जुलाई में CID ने TDPL के कई कर्मचारियों को गिरफ्तार किया. मामले की जांच के लिए SIT भी बनाई गई है.
JSSC-CGL पर भी गिरी गाज
इस मामले का असर JSSC-CGL परीक्षा पर भी पड़ा है. सरकार ने अब इस परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया है. इसके साथ ही TDPL के जरिए कराई गई दूसरी परीक्षाओं को भी रद्द करने की बात कही गई है. सरकार ने 2014 से अब तक की ऐसी परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों की जांच कराने का फैसला किया है.
नौकरी पाने वालों पर क्या होगा असर
सरकार के फैसले से सिर्फ परीक्षा देने वाले उम्मीदवार ही नहीं, बल्कि पहले नौकरी पा चुके लोगों की चिंता भी बढ़ गई है. सरकार ने TDPL से जुड़ी परीक्षाओं के रिजल्ट और उनसे मिली नौकरियों को भी रद्द करने की बात कही है. अब आगे किस परीक्षा को फिर से कराया जाएगा और उम्मीदवारों के लिए क्या नया तरीका होगा, इसकी जानकारी सरकार और संबंधित आयोग की ओर से दी जाएगी.
छात्रों के आंदोलन के बाद आया बड़ा फैसला
झारखंड में सरकारी परीक्षाओं को लेकर छात्र लंबे समय से प्रदर्शन कर रहे थे. उम्मीदवारों की मांग थी कि जिन परीक्षाओं में गड़बड़ी की शिकायतें सामने आई हैं, उन्हें रद्द किया जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो. रिपोर्टों के मुताबिक आंदोलन करीब 24 दिनों तक चला. इसके बाद सरकार ने JSSC-CGL और TDPL से जुड़ी परीक्षाओं पर बड़ा फैसला लिया.
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