IPS Sameer Sharma UPSC Success Story: क्या कम नंबर आने के बाद बड़े सपने पूरे नहीं हो सकते? अगर आपके मन में भी कभी ऐसा सवाल आया है, तो समीर शर्मा की कहानी जरूर पढ़िए. 10वीं और 11वीं में कम नंबर आए. इंजीनियरिंग में एक-दो नहीं, पूरे 24 बैकलॉग लग गए. आसपास के लोग भी कहने लगे कि अब आगे कुछ बड़ा करना मुश्किल है. लेकिन समीर ने लोगों की बातों पर नहीं, अपनी मेहनत पर भरोसा किया. यही भरोसा उन्हें देश के सबसे मुश्किल एग्जाम UPSC तक ले गया और वो IPS अधिकारी बन गए.
10वीं-11वीं के नंबर बने बड़ी चुनौती
समीर शर्मा को 10वीं में 57 फीसदी नंबर मिले. 11वीं में हालत और खराब हो गई और सिर्फ 34 फीसदी अंक आए. 12वीं में उन्होंने करीब 60 फीसदी नंबर हासिल किए, लेकिन तब भी किसी ने नहीं सोचा था कि यही छात्र एक दिन IPS अफसर बनेगा.
इंजीनियरिंग में लगे 24 बैकलॉग
स्कूल के बाद समीर ने बीटेक में एडमिशन लिया. लेकिन यहां भी उनका सफर आसान नहीं रहा. पढ़ाई के दौरान उनके 24 बैकलॉग हो गए. इतने बैकलॉग आने के बाद कई छात्र पढ़ाई छोड़ने का सोच लेते हैं, लेकिन समीर ने हार नहीं मानी. उन्होंने खुद को संभाला और आगे बढ़ने का फैसला किया.
सिर्फ 18 महीने की तैयारी और UPSC में सफलता
समीर शर्मा ने पूरी लगन के साथ UPSC की तैयारी शुरू की. उन्होंने अपना पूरा ध्यान पढ़ाई पर लगाया और सिर्फ 18 महीने में सिविल सेवा परीक्षा पास कर ली. उन्हें ऑल इंडिया रैंक 182 मिली. इसके बाद साल 2011 में वो AGMUT कैडर के IPS अधिकारी बने.
आज लाखों युवाओं के लिए हैं मिसाल
IPS बनने के बाद समीर शर्मा ने दिल्ली पुलिस में कई अहम जिम्मेदारियां निभाईं. वो अक्सर छात्रों से कहते हैं कि अपनी शुरुआत की तुलना किसी और की मंजिल से मत करो. हर इंसान का सफर अलग होता है. अगर मेहनत लगातार की जाए और खुद पर भरोसा रखा जाए, तो कम नंबर, बैकलॉग या असफलता भी आपको मंजिल तक पहुंचने से नहीं रोक सकती.
ये भी पढ़ें - JEE Success Story: 3 महीने तक बिस्तर में पड़ा रहा बेटा, मां ने खुद कोचिंग लेकर बेटे को बना दिया IITian
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं