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Success Story: 2 सगी बहनें 4 बार हुईं फेल, फिर एक साथ क्रैक क‍िया UPSC, बताया-हार को जीत में कैसे बदलें?

success story ias saumya mishra: यूपी के उन्नाव की दो बहनों, सौम्या म‍िश्रा और सुमेघा मिश्रा ने UPSC में बार-बार फेल होने के बावजूद हार नहीं मानी. सौम्या म‍िश्रा AIR18 अब एमपी कैडर की आईएएस हैं और सुमेघा आईआरएस. बोर्ड रिजल्ट के तनाव के बीच इनकी कहानी छात्रों को 'बाउंस बैक' करने की प्रेरणा देती है.

Success Story: 2 सगी बहनें 4 बार हुईं फेल, फिर एक साथ क्रैक क‍िया UPSC, बताया-हार को जीत में कैसे बदलें?
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  • MP कैडर की IAS सौम्या मिश्रा और उनकी बहन सुमेघा मिश्रा ने UPSC में चार बार असफलता के बाद सफलता हासिल की
  • सौम्या मिश्रा ने UPPSC परीक्षा में प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त कर मड़िहान में SDM के पद पर भी कार्य किया
  • दोनों बहनों ने परिवार के समर्थन से हार न मानकर लगातार मेहनत की और IAS-IRS अधिकारी बनीं
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Success Story IAS Saumya Mishra: जिंदगी में असफल होना बुरी बात नहीं है, लेकिन असफलता के बाद हार मान लेना और मेहनत करना छोड़ देना गलत है. यह सीख उन दो सगी बहनों ने दी है जिन्होंने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा में कुल चार बार असफलता का सामना किया, लेकिन हार नहीं मानी. आज इनमें से एक भारतीय प्रशासन‍िक सेवा (IAS) और दूसरी भारतीय राजस्‍व सेवा (IRS) की अध‍िकारी हैं. यह सक्‍सेस स्‍टोरी मध्य प्रदेश कैडर की आईएएस सौम्या मिश्रा और उनकी छोटी बहन आईआरएस सुमेघा मिश्रा की है. 

बोर्ड रिजल्ट के बीच एक जरूरी संदेश

इन दिनों देश के विभिन्न राज्यों में बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम आ रहे हैं. कई बार उम्मीद के मुताबिक नतीजे न आने पर छात्र तनाव में आकर सुसाइड जैसा आत्मघाती कदम उठा लेते हैं. ऐसे समय में आईएएस सौम्या मिश्रा व उनकी बहन का संघर्ष और सफलता की कहानी उन छात्रों और अभिभावकों के लिए एक बड़ी प्रेरणा है, जो असफलता को जीवन का अंत मान लेते हैं.  

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कौन हैं आईएएस सौम्या मिश्रा?

सौम्या मिश्रा मध्य प्रदेश कैडर की 2025 बैच की आईएएस अधिकारी हैं. हाल ही में डॉ. मोहन यादव सरकार ने उन्हें उनकी पहली फील्ड पोस्टिंग देते हुए सिंगरौली जिले में सहायक कलेक्टर के पद पर तैनात किया है. मूल रूप से उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में पुरवा तहसील के अजयपुर गांव की रहने वाली सौम्या का परिवार वर्तमान में लखनऊ में रहता है. उनके पिता राघवेंद्र कुमार मिश्रा दिल्ली के एक सरकारी स्कूल में व्याख्याता हैं और माता रेनू मिश्रा गृहिणी हैं. पिता की पोस्टिंग के कारण सौम्या का बचपन दिल्ली में बीता और उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में स्नातक व स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की. 

Success Story IAS Saumya Mishra

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लेक्चरर से SDM और फिर IAS तक का सफर

सौम्या का करियर संघर्ष और धैर्य की मिसाल है. पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने पहले एक डिग्री कॉलेज में लेक्चरर के रूप में काम किया. इस दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) की परीक्षा पास की. यूपी पीसीएस परीक्षा 2021 में सौम्या मिश्रा ने पूरे प्रदेश में दूसरा स्थान पाया था. फ‍िर मिर्जापुर जिले के मड़िहान में एसडीएम (SDM) के पद पर तैनात हुईं. एसडीएम पद पर रहते हुए भी उन्होंने अपना लक्ष्य 'आईएएस' को बनाए रखा और यूपीएससी की तैयारी जारी रखी. 

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बहन की सफलता बनी प्रेरणा

सौम्या को देखकर उनकी छोटी बहन सुमेघा मिश्रा ने भी सिविल सेवा में जाने का मन बनाया. हालांकि, यह राह आसान नहीं थी. यूपीएससी की यात्रा में सुमेघा को एक बार और सौम्या को तीन बार असफलता मिली. एनडीटीवी से बातचीत में IAS सौम्या म‍िश्रा बताती हैं कि वह पहले और तीसरे प्रयास में प्रीलिम्स भी पास नहीं कर पाई थीं, जबकि दूसरे प्रयास में इंटरव्यू तक पहुंचकर रुक गईं. लेकिन चौथे प्रयास में उन्होंने अखिल भारतीय स्तर पर 18वीं रैंक हासिल कर अपना सपना पूरा किया. उन्हीं के साथ उनकी बहन सुमेघा ने भी यूपीएससी की सीएसई 2024 में AIR 253 हासिल की और वर्तमान में वह भारतीय राजस्व सेवा (IRS) की ट्रेनिंग ले रही हैं.

फेल होने पर क्या करें? IAS सौम्या की सलाह

NDTV से बातचीत में आईएएस सौम्या मिश्रा कहती हैं, "असफलता हमें अपनी कमियों को सुधारने का एक शानदार मौका देती है. टूटने के बजाय खुद पर भरोसा रखें और फिर से प्रयास करें. हम दोनों बहनों ने भी ऐसा ही करके अपनी हार को जीत में बदला है.  हमारी इस यात्रा में माता-पिता का अटूट विश्वास ही हमारी सबसे बड़ी ताकत रहा." उनका मानना है कि अगर अभिभावक बच्चों का साथ दें, तो कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती. 

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