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क्या है भर्तियों में 1 Year Waiting नियम, राजस्थान में जिसकी मांग कर रहे हैं अभ्यर्थी

राजस्थान में सरकारी नौकरी के अभ्यर्थी बजट में घोषित '1 Year Waiting' नियम को वर्तमान और प्रक्रियाधीन भर्तियों में तुरंत लागू करने की मांग कर रहे हैं.

क्या है भर्तियों में 1 Year Waiting नियम, राजस्थान में जिसकी मांग कर रहे हैं अभ्यर्थी
इस नियम के लागू होने से उन हजारों अभ्यर्थियों को सीधा फायदा होगा जो अंतिम कट-ऑफ से महज कुछ अंकों से पीछे रह गए हैं.

1 Year Waiting Recruitment Rule : राजस्थान में  इस समय 1 Year Waiting का मुद्दा सबसे ज्यादा गरमाया हुआ है. इसे लागू करने की मांग को लेकर सरकारी नौकरी की तैयारी कर रह सैकड़ों अभ्यर्थी राजधानी जयपुर में डेरा डाले हुए हैं. बता दें कि राजस्थान सरकार द्वारा बजट में घोषणा करने के बावजूद अब तक इस पर कोई लिखित आदेश जारी नहीं हुआ है, जिससे युवाओं में भारी निराशा है. तो आइए जानते हैं  आखिर  वन ईयर वेटिंग रूल (1 Year Waiting Rule) क्या है, युवा इसे लेकर आंदोलन क्यों कर रहे हैं, इससे किसे फायदा होगा और इस पूरे मामले में पेच कहां फंसा हुआ है.

क्या है 1 Year Waiting नियम?

मान लीजिए किसी विभाग में फोर्थ ग्रेड (Class IV) के पदों पर भर्ती हुई. कई अभ्यर्थियों का इसके लिए सिलेक्शन भी हो गया साथ ही एलडीसी (LDC) या शिक्षक भर्ती में भी हो गया. जाहिर सी बात है वे बड़ी नौकरी चुनेंगे और फोर्थ कैटेगरी वाली नौकरी छोड़ देंगे.

ऐसे में 1 Year Waiting नियम के तहत, भर्ती परीक्षा के अंतिम परिणाम के बाद एक वेटिंग लिस्ट बनाई जाएगी जो एक साल तक वैलिड होगी. इस दौरान जो भी सीटें खाली होंगी, उन्हें दोबारा नई भर्ती निकालने के बजाय इसी वेटिंग लिस्ट में मौजूद योग्य उम्मीदवारों यानी जो मेरिट में पीछे रह गए उनको भरा जाएगा. 

सरकार की घोषणा और कहां फंसा है पेच?

राजस्थान सरकार ने अपने बजट में युवाओं को राहत देने के लिए इस नियम को लागू करने की घोषणा की थी. लेकिन पेच यह फंसा है कि सरकार ने इस नियम को प्रक्रियाधीन भर्तियों (Ongoing Recruitments) पर लागू करने का कोई लिखित आदेश जारी नहीं किया है.

युवाओं का कहना है कि फोर्थ ग्रेड (Fourth Grade) की बड़ी भर्ती, जिसमें लगभग 50,000 से अधिक पद हैं, उसमें इस नियम को तुरंत लागू किया जाना चाहिए. सरकार और अधिकारियों के पास जब भी युवा अपनी मांग लेकर जाते हैं, तो उन्हें केवल हम इस पर बात करेंगे और विचार करेंगे जैसा टालमटोल कर टाल दिया जाता है. कोई भी जिम्मेदार अधिकारी या मंत्री इस पर सही से जवाब नहीं दे रहा न ठोस कदम उठा रहा है. ऐसे में युवाओं को यहां-वहां भटकना पड़ रहा है.इससे कई योग्य अभ्यर्थियों का करियर अधर में लटका हुआ है. 

किन भर्तियों में हो रही है मांग और किसे होगा फायदा?

प्रदेश के बेरोजगार युवा इस नियम को मुख्य रूप से फोर्थ ग्रेड भर्ती और अन्य प्रक्रियाधीन भर्तियां पर लागू करने की मांग कर रहे हैं. 

किसे मिलेगा इसका सबसे बड़ा फायदा?

इस नियम के लागू होने से उन हजारों अभ्यर्थियों को सीधा फायदा होगा जो फाइनल कट-ऑफ से महज कुछ नंबरों से पीछे रह गए हैं. अगर सिलेक्टेड लोग नौकरी छोड़ते हैं, तो इन युवाओं को बिना दोबारा परीक्षा दिए सरकारी नौकरी मिल जाएगी. इससे युवाओं का साल बर्बाद होने से बच जाएगा.  साथ ही सरकार को भी खाली पदों के लिए दोबारा से एग्जाम कराने की जरूरत नहीं होगा. 

साथ ही अभ्यर्थियों का यह भी कहना है कि सरकार को पहले बड़ी भर्तियों की जॉइनिंग देनी चाहिए, उसके बाद फोर्थ ग्रेड जैसी छोटी भर्तियों की जॉइनिंग करानी चाहिए. इसके अलावा  युवाओं का यह भी आरोप है कि नॉर्मलाइजेशन के कारण कई पढ़ने वाले बच्चों के नंबर अचानक कम हो गए, जिससे वे मेरिट लिस्ट में बहुत पीछे चले गए.

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