विज्ञापन

UPSC, SSC और बैंकिग की तैयारी करने वाले छात्र 3 साल का ग्रेजुएशन चुनें या 4 साल का? क्या है नियम

Career Decision Tips : क्या अब सरकारी नौकरियों के लिए 3 साल की डिग्री मान्य रहेगी? 3 साल की डिग्री करें या 4 साल का ग्रेजुएशन? अगर आपका सपना UPSC, SSC या बैंकिंग नौकरी का है, तो एडमिशन लेने से पहले यह नियम जरूर जान लें.

UPSC, SSC और बैंकिग की तैयारी करने वाले छात्र 3 साल का ग्रेजुएशन चुनें या 4 साल का? क्या है नियम
चार साल वाला ग्रेजुएशन किसके लिए फायदेमंद?

Career Decision Tips : अगर आप BA, BCom या BSc में एडमिशन लेने जा रहे हैं और आगे चलकर UPSC, SSC या बैंकिंग परीक्षाओं की तैयारी करना चाहते हैं, तो आपके मन में भी यह सवाल जरूर होगा कि 3 साल का ग्रेजुएशन बेहतर रहेगा या 4 साल का. राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) लागू होने के बाद कई यूनिवर्सिटीज ने 4 साल का ग्रेजुएशन शुरू कर दिया है. ऐसे में कई छात्र इस बात को लेकर उलझन में हैं कि क्या अब सरकारी नौकरियों के लिए भी 4 साल की डिग्री जरूरी हो गई है? आइए जानते हैं कि पहले क्या व्यवस्था थी, अब क्या बदला है और मौजूदा नियम क्या कहते हैं.

पहले छात्रों के पास 4 साल का ऑप्शन नहीं था

कुछ साल पहले तक ज्यादातर छात्रों के लिए BA, BCom और BSc जैसे सामान्य ग्रेजुएशन कोर्स 3 साल के ही होते थे. यानी इन कोर्स में पढ़ने वाले छात्रों के पास 4 साल का ग्रेजुएशन चुनने का ऑप्शन नहीं होता था. दूसरी ओर BE, BTech, MBBS, BArch जैसे प्रोफेशनल कोर्स पहले से ही 4 साल या उससे ज्यादा थे और इनमें कोई बदलाव नहीं हुआ.

29 जुलाई 2020 को केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) को मंजूरी दी. इसके बाद विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने नई गाइडलाइंस जारी कीं, जिनके आधार पर कई यूनिवर्सिटीज ने 4 साल का अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम (FYUP) लागू करना शुरू किया.

नई व्यवस्था में कई यूनिवर्सिटीज BA, BCom और BSc जैसे कोर्स 3 साल और 4 साल, दोनों ऑप्शंस के साथ करा रहे हैं. इसमें आमतौर पर 1 साल पूरा करने पर सर्टिफिकेट, 2 साल पर डिप्लोमा, 3 साल पर बैचलर डिग्री और 4 साल पूरा करने पर बैचलर ऑनर्स या बैचलर ऑनर्स विद रिसर्च की डिग्री दी जाती है. हालांकि यह व्यवस्था हर यूनिवर्सिटी में एक जैसी नहीं है और इसका फॉर्मेट संस्थान के अनुसार अलग हो सकता है.

क्या अब 4 साल का ग्रेजुएशन जरूरी?

ऐसा बिल्कुल जरूरी नहीं है. फिलहाल UPSC, SSC, IBPS PO, IBPS Clerk, SBI PO और दूसरी ज्यादातर सरकारी भर्ती परीक्षाओं में किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन डिग्री होना ही जरूरी है. मौजूदा नियमों में कहीं भी यह नहीं कहा गया है कि उम्मीदवार के पास सिर्फ 4 साल की डिग्री ही होनी चाहिए. यानी अगर आपने किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से 3 साल का ग्रेजुएशन किया है, तो आप भी इन परीक्षाओं के लिए पात्र हैं. वहीं 4 साल का ग्रेजुएशन करने वाले छात्र भी आवेदन कर सकते हैं.

4 साल का ग्रेजुएशन किसके लिए फायदेमंद है?

अगर कोई छात्र आगे चलकर रिसर्च, PHd पीएचडी या विदेश में उच्च शिक्षा की योजना बना रहा है, तो 4 साल का ग्रेजुएशन कुछ मामलों में अतिरिक्त फायदा दे सकता है. लेकिन सिर्फ सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए 4 साल का ग्रेजुएशन अनिवार्य नहीं है.

अगर आपका लक्ष्य UPSC, SSC, IBPS PO, IBPS Clerk, SBI PO या दूसरी सरकारी भर्ती परीक्षाएं हैं, तो फिलहाल 3 साल और 4 साल, दोनों तरह की मान्यता प्राप्त ग्रेजुएशन डिग्रियां मान्य हैं. इसलिए किसी भी फैसले से पहले जिस यूनिवर्सिटी में एडमिशन ले रहे हैं, वहां के कोर्स स्ट्रक्चर को जरूर समझें और जिस परीक्षा की तैयारी करना चाहते हैं, उसका ऑफिशियल नोटिफिकेशन भी जरूर देखें. फिलहाल सरकारी भर्तियों के नियम 3 साल की मान्यता प्राप्त ग्रेजुएशन डिग्री को भी पूरी तरह स्वीकार करते हैं.

ये भी पढ़ें - AIQ vs State Quota: NEET रिजल्ट के बाद 15% और 85% का क्या है खेल? कहां किसे मिलता है एडमिशन

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Career Guidence, Government Jobs, Four Year Graduate Course, Upsc Tips
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com