BPSC AEDO Exam Cancelled: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा सहायक अभियंता (AEDO) परीक्षा रद्द किए जाने के फैसले के बाद प्रदेश भर के अभ्यर्थियों में भारी आक्रोश है. पेपर लीक और धांधली की शिकायतों के बीच आयोग के इस कदम ने हजारों छात्रों के भविष्य पर सवालिया निशान लगा दिए हैं. परीक्षार्थियों का आरोप है कि परीक्षा केंद्रों की दूरी और आयोग के भीतर बैठे भ्रष्ट अधिकारियों की मिलीभगत के कारण उन्हें आर्थिक और मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है. छात्र नेताओं ने इस मामले में सीधे आयोग के अध्यक्ष पर निशाना साधते हुए इस्तीफे की मांग की है और मुख्यमंत्री से सख्त कार्रवाई की अपील की है.
अभ्यर्थियों और छात्र नेताओं की प्रतिक्रिया
पारदर्शिता और धांधली पर सवालAEDO अभ्यर्थी मो. साकिब ने कहा कि आयोग से मांग है कि सभी परीक्षाएं पारदर्शी तरीके से कराई जाएं. जिस तरह इस परीक्षा में धांधली हुई है, वह काफी ज्यादा शर्मनाक है. अगर इस तरह हर परीक्षा में धांधली होती रही तो छात्रों का जीवन बर्बाद हो जाएगा. परीक्षा केंद्र भी दूर-दूर दिए जाते हैं, जिससे आर्थिक और मानसिक रूप से काफी नुकसान होता है.
बार-बार परीक्षा रद्दीकरण से हताशाAEDO अभ्यर्थी विक्की ने कहा कि हमेशा यही होता रहा है. 70वीं BPSC की परीक्षा में भी यही हुआ और अब भी वही स्थिति है. सरकार को इस पर ठोस कदम उठाना होगा. हम लोग मेहनत करते हैं और पढ़ाई करते हैं, लेकिन अगर हर बार ऐसा ही होगा तो कैसे चलेगा.
भ्रष्ट अधिकारियों पर कार्रवाई की मांगAEDO अभ्यर्थी मनीष ने कहा कि हम लोगों का काफी नुकसान हुआ है. BPSC के अंदर कुछ अधिकारी हैं जो प्रश्न पत्र लीक करवाते हैं, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं होती. हम चाहते हैं कि परीक्षा केंद्र ज्यादा दूर न दिए जाएं और परीक्षा निष्पक्ष तरीके से ली जाए. जो भी अधिकारी इसमें शामिल हैं, उन पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.
आर्थिक बोझ और आयोग की कार्यप्रणालीAEDO अभ्यर्थी प्रणव ने कहा कि परीक्षा निष्पक्ष होनी चाहिए. हमें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा. परीक्षा केंद्र दूर होने के कारण दो दिन रुकना पड़ता है, जिससे अतिरिक्त खर्च होता. अगर परीक्षा अच्छी भी जाती है और दोबारा परीक्षा होती है, तो फिर से खर्च बढ़ता है. आयोग से मांग है कि इस मामले की जांच हो और परीक्षा ठीक तरीके से कराई जाए, ताकि छात्रों को बार-बार परेशानी न हो. इतना सब होने के बाद भी आयोग से बार-बार गलती क्यों हो रही है? इसकी जांच होनी चाहिए.
बीपीएससी अध्यक्ष के इस्तीफे की मांगछात्र नेता सौरव ने कहा कि मीडिया और सोशल मीडिया पर आरोप लगाया जा रहा है कि परीक्षा को दूषित करने का प्रयास किया जा रहा है. BPSC अध्यक्ष रवि परमार मन्नू, आपको शर्म आनी चाहिए. एक और प्रेस रिलीज जारी कर इस्तीफा दीजिए. अगर पेपर लीक हुआ है तो इसे स्वीकार करने में शर्म क्यों? मुख्य सरगना अगर कोई है, तो वह BPSC के अंदर ही है. 35 से 40 लाख रुपये में 935 पदों को बेचने की तैयारी थी और 11 लाख अभ्यर्थियों के भविष्य से खिलवाड़ किया गया. पूरा BPSC इसमें शामिल है. ब्लैकलिस्टेड कंपनी को ठेका किसने दिया? BPSC ने दिया. अगर अध्यक्ष इस्तीफा नहीं देते हैं, तो आगे भी AEDO परीक्षा में धांधली होती रहेगी. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से आग्रह है कि वे अभिलंब BPSC अध्यक्ष को हटाएं.
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