UPSC Recruitment News : भारत की प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले IAS और IPS अधिकारियों की भारी कमी की खबर ने शासन व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. बुधवार को लोकसभा में पेश किए गए सरकारी आंकड़ों ने सबको चौंका दिया है. आंकड़ों के मुताबिक, देश में भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) और भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के सैकड़ों पद वर्तमान में खाली पड़े हैं.
कहां कितनी कमी?कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने बुधवार को संसद में एक लिखित जवाब में बताया कि IAS के कुल 6,877 स्वीकृत पदों में से 5,577 पदों पर अधिकारी तैनात हैं. उन्होंने कहा कि IPS के 5,099 स्वीकृत पदों के मुकाबले 4,594 अधिकारी तैनात हैं.
सिंह ने आगे बताया कि IAS के पद सरकार द्वारा जारी आरक्षण दिशानिर्देशों के अनुसार भरे जाते हैं. उन्होंने कहा, "2012 से, हर साल सिविल सेवा परीक्षा के जरिए IAS में कुल 180 उम्मीदवारों की भर्ती की गई है, जिनमें से 4 प्रतिशत सीटें बेंचमार्क विकलांगता (PwBD) वाले उम्मीदवारों के लिए आरक्षित हैं."
उन्होंने आगे कहा कि संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा (CSE) के जरिए उम्मीदवारों को आवंटित करने की प्रोसेस लगातार जारी है. जितेंद्र सिंह ने आगे कहा कि रिक्तियों का नियमित रूप से आकलन किया जाता है, और सभी विज्ञापित IAS रिक्तियों को आरक्षण मानदंडों को ध्यान में रखते हुए भरा जाता है.
क्या कोई बैकलॉग खाली है?
वर्तमान में, भारतीय प्रशासनिक सेवा में कोई बैकलॉग रिक्ति नहीं है. इसके अलावा, सिंह ने कहा कि 1 जनवरी, 2025 तक भारतीय पुलिस सेवा में कोई बैकलॉग आरक्षित पद नहीं है.
कैटेगरी के अनुसार नियुक्तियांमंत्री ने बताया कि पिछले पांच वर्षों में, अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) से 245, अनुसूचित जाति (SC) से 135, और अनुसूचित जनजाति (ST) से 67 उम्मीदवारों को IAS में नियुक्त किया गया है. इसी तरह, इसी अवधि (CSE 2020 से CSE 2024) के दौरान OBC से 255, SC से 141, और ST से 71 व्यक्तियों को IPS में नियुक्त किया गया है.
IFoS के खाली पद कितनेएक अलग जवाब में, मंत्री ने कहा कि वर्तमान में भारतीय वन सेवा (IFoS) अधिकारियों के लिए 1,029 रिक्त पद हैं, जबकि स्वीकृत संख्या 3,193 है.
मंत्री ने आगे कहा, "भर्ती एक सतत प्रक्रिया है, और इन सेवाओं में रिक्तियों को राज्यों में प्रशासनिक आवश्यकताओं के साथ-साथ अधिकारियों के लिए उपलब्ध पदोन्नति की संभावनाओं और करियर विकास को ध्यान में रखते हुए साल-दर-साल आधार पर भरा जाता है."
सिंह ने यह भी बताया कि केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में स्वीकृत पदों, कार्यरत कर्मियों और रिक्तियों के बारे में विस्तृत जानकारी व्यय विभाग की वेतन अनुसंधान इकाई (Pay Research Unit) की वार्षिक रिपोर्ट में उपलब्ध है, जो सार्वजनिक रूप से सुलभ हैं.
एक अलग जवाब में उन्होंने कहा, "रिक्तियों के बारे में विस्तृत जानकारी बनाए रखना संबंधित कैडर नियंत्रण अधिकारियों/मंत्रालयों/विभागों की जिम्मेदारी है."
सिंह से पूछा गया था कि क्या सरकार ने सभी केंद्रीय सरकारी मंत्रालयों और विभागों में स्वीकृत, कार्यरत और रिक्त पदों के अनुमानित आंकड़ों के संबंध में कोई प्रारंभिक अध्ययन किया है.
मिशन मोड में सरकार : रोजगार मेलों का सहाराउन्होंने कहा कि विभिन्न मंत्रालयों/विभागों में रिक्त पदों का होना और उन्हें भरना एक सतत प्रक्रिया है. सिंह ने आगे कहा कि मंत्रालयों/विभागों को समय-समय पर निर्देश जारी किए गए हैं कि वे खाली पदों को एक तय समय-सीमा के भीतर भरें. केंद्र सरकार में खाली पदों को 'मिशन-मोड' के तहत भरा जा रहा है. इसी क्रम में, अक्टूबर 2022 से अब तक आयोजित किए गए 'राष्ट्रीय रोजगार मेलों' के दौरान, अनुशंसित या चयनित उम्मीदवारों को लाखों नियुक्ति पत्र वितरित किए गए हैं.
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