Doctor Salary in India: डॉक्टर बनने का सपना लिए हर साल बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स नीट एग्जाम में शामिल होते हैं. भारत ही नहीं दुनियाभर में डॉक्टर होना काफी सम्मानित माना जाता है. एक डॉक्टर न सिर्फ लोगों की इलाज करता है, बल्कि अच्छे पैसे भी कमाता है. सरकारी अस्पताल हो या प्राइवेट, डॉक्टरों की सैलरी उनके एक्सपीरिएंस, स्पेशलाइजेशन और काम करने की जगह के हिसाब से अलग होती है. अगर आप भी मेडिकल फील्ड में करियर बनाने की सोच रहे हैं, तो जानिए डॉक्टर बनने के बाद पहली सैलरी कितनी मिलती है.
डॉक्टर बनने के बाद पहली सैलरी कितनी होती है
डॉक्टर की सैलरी कई फैक्टर्स पर डिपेंड करती है. यह स्पेशलाइजेशन, एक्सपीरिएंस, सिटी और अस्पताल के टाइप के अनुसार मिलती है. MBBS करने के बाद पहली सैलरी यानी फ्रेशर को जो सैलरी मिलती है, वो 4 लाख से लेकर 7.5 लाख सालाना हो सकती है. कुछ-कुछ जगहों पर यह 40,000 से 70,000 महीने तक भी हो सकती है. मेट्रो शहर जैसे मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु में डॉक्टर 25,000 से 3 लाख रुपए मंथली भी कमाते हैं.
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किस डॉक्टर को कितनी सैलरी मिलती है
सरकारी अस्पताल मों MBBS डॉक्टर को 0 से 4 साल के एक्सपीरिएंस पर 25,000 से 70,000 रुपए और प्राइवेट हॉस्पिटल में करीब 70,000-90,000 रुपए सैलरी मिलती है. टियर II और ग्रामीण क्षेत्र में सरकारी अस्पताल में शुरुआत करीब 25,000 रुपए महीने से होती है. 5-7 साल के एक्सपीरिएंस के बाद एक एमबीबीएस डॉक्टर को 10 लाख सालाना तक भी मिलते हैं.
स्पेशलाइजेशन के हिसाब से डॉक्टर की एवरेज सैलरी
- कार्डियोलॉजिस्ट- 15-60 लाख सालाना
- न्यूरोलॉजिस्ट- 12-40 लाख सालाना
- ऑन्कोलॉजिस्ट- 20-70 लाख सालाना
- पीडियाट्रिशियन- 8-30 लाख सालाना
- ऑर्थोपेडिक सर्जन- 15-50 लाख
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