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Budget 2026: 2047 तक भारत बनेगा सर्विस सेक्टर का ग्लोबल लीडर, AI के दौर में नौकरियों के लिए बना स्पेशल मास्टरप

वित्त मंत्री ने भरोसा जताया कि उच्च शिक्षा में निवेश और सेवा क्षेत्र पर फोकस से देश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी. इससे न सिर्फ रोजगार बढ़ेगा, बल्कि भारत की पहचान एक मजबूत सर्विस-हब के रूप में भी बनेगी.

Budget 2026: 2047 तक भारत बनेगा सर्विस सेक्टर का ग्लोबल लीडर, AI के दौर में नौकरियों के लिए बना स्पेशल मास्टरप
वित्त मंत्री ने भरोसा जताया कि उच्च शिक्षा में निवेश और सेवा क्षेत्र पर फोकस से देश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी.

Budget 2026 : क्या आप भी डिग्री हाथ में लेकर नौकरी के लिए भटकने वाली चिंता से परेशान हैं? तो वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आपके लिए बजट 2026 में एक बहुत बड़ी खुशखबरी दी है. सरकार अब शिक्षा को सीधे रोजगार और बिजनेस (एंटरप्राइज) से जोड़ने जा रही है. इसके लिए एक 'हाई-पावर कमेटी' बनाई गई है, जिसका काम ही यह होगा कि वह आपकी पढ़ाई और नौकरी के बीच के गैप को खत्म करे.आइए आगे आर्टिकल में समझते हैं सरकार ये काम कैसे करेगी.

 ‘एजुकेशन टू एम्प्लॉयमेंट एंड एंटरप्राइज' 

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में 2026-27 का बजट पेश किया. बजट पेश करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का फोकस उच्च शिक्षा और रोजगार को सीधे जोड़ने पर है. इसके लिए ‘एजुकेशन टू एम्प्लॉयमेंट एंड एंटरप्राइज' हाई-पावर स्थायी समिति के गठन की घोषणा की गई है.

शिक्षा क्षेत्र में बड़े स्तर पर निवेश भी किया जाएगा. देश में रोजगार देने वाले नए शिक्षण संस्थान खोले जाएंगे. तो वहीं विशेष यूनिवर्सिटी टाउनशिप भी विकसित की जाएगी. यही नहीं, छात्राओं के लिए देशभर में नए हॉस्टल बनेंगे. बजट में विज्ञान, रिसर्च व नवाचार को खास महत्त्व दिया गया है.

वित्त मंत्री ने बताया कि इन विषयों से जुड़ी आधुनिक सुविधाएं प्रदान की जाएंगी. वहीं देश में नया टेलीस्कोप इंफ्रास्ट्रक्चर भी तैयार किया जाएगा. वित्त मंत्री ने कहा कि शिक्षा से जुड़ी इन सभी पहलों का मकसद युवाओं को बेहतर शिक्षा देने के साथ-साथ भविष्य की नौकरियों के लिए भी तैयार करना है.

 पढ़ाई सिर्फ डिग्री तक सीमित न रहे

दरअसल, सरकार चाहती है कि पढ़ाई सिर्फ डिग्री तक सीमित न रहे, बल्कि उससे रोजगार और उद्यमिता के नए रास्ते खुलें. यही कारण है कि सेवा क्षेत्र को विकास की रीढ़ बनाया जाएगा. बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने ‘एजुकेशन टू एम्प्लॉयमेंट एंड एंटरप्राइज' नाम से एक हाई-पावर स्थायी समिति बनाने की घोषणा की. यह समिति सर्विस क्षेत्र पर भी खास तौर पर फोकस करेगी. यह समिति विकसित भारत का मुख्य आधार बनाने के लिए सुझाव देगी. यह कमिटी रोजगार व नौकरी पर एआई के प्रभाव का आकलन करेगी. देश में विकास, रोजगार और निर्यात बढ़ाने पर काम करेगी.

 2047 तक भारत सेवा क्षेत्र में वैश्विक लीडर बने

निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि 2047 तक भारत सेवा क्षेत्र में वैश्विक लीडर बने और दुनिया के कुल सेवा कारोबार में भारत की हिस्सेदारी 10 प्रतिशत तक पहुंचे. इसके लिए शिक्षा, स्किल और तकनीक को एक साथ आगे बढ़ाया जाएगा. यह हाई-पावर कमेटी सेवा क्षेत्र में विकास, रोजगार और निर्यात की सबसे ज्यादा संभावनाओं वाले क्षेत्रों की पहचान करेगी. कमेटी बताएगी कि किन सेक्टर्स में ज्यादा नौकरियां बन सकती हैं और उन्हें कैसे बढ़ाया जाए.

देश-विदेश में रोजगार के बेहतर मौके 

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और दूसरी नई तकनीकों का नौकरियों पर क्या असर पड़ेगा, इसका आकलन करेगी. भविष्य की जरूरतों को देखते हुए शिक्षा और स्किल ट्रेनिंग में जरूरी बदलावों का सुझाव देगी. उन्होंने कहा कि इस कमेटी की सिफारिशों से युवाओं को समय के मुताबिक स्किल्स मिलेंगी और उन्हें देश-विदेश में रोजगार के बेहतर मौके मिल सकेंगे. यानी इससे युवाओं और अर्थव्यवस्था को फायदा मिलेगा.

वित्त मंत्री ने भरोसा जताया कि उच्च शिक्षा में निवेश और सेवा क्षेत्र पर फोकस से देश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी. इससे न सिर्फ रोजगार बढ़ेगा, बल्कि भारत की पहचान एक मजबूत सर्विस-हब के रूप में भी बनेगी. कुल मिलाकर, बजट 2026-27 में सरकार का साफ संदेश है कि पढ़ाई, नौकरी और उद्यमिता को एक साथ जोड़कर भारत को 2047 तक विकसित और आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है.

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

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