कनखजूरा काट ले तो घबराएं नहीं, तुरंत करें ये काम! डॉक्टर से जानें क्या लगाना सही है और क्या गलत

बारिश में घरों में दिखने वाला कनखजूरा काट ले तो क्या करना चाहिए? जानिए इसके काटने के लक्षण, घरेलू उपचार, कान में घुस जाए तो क्या करें, किन गलतियों से बचें और किचन की कौन-सी चीजें दर्द व जलन से राहत दिला सकती हैं.

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किचन की ये चीजें दिलाएंगी राहत
NDTV

बारिश का मौसम आते ही घर के कोने-कोने से अजीब-अजीब कीड़े-मकोड़े निकलने लगते हैं. इन्हीं में से एक है कनखजूरा (Centipede), जिसे देखते ही अच्छे-अच्छों के पसीने छूट जाते हैं. रेंगने वाला यह जीव जितना दिखने में डरावना है, इसका डंक भी उतना ही दर्दनाक होता है. कई बार लोग डर के मारे ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जिससे इंफेक्शन और बढ़ जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि अगर कनखजूरा काट ले, तो घबराने की बिलकुल जरूरत नहीं है? आपके किचन में ही कुछ ऐसी चीजें मौजूद हैं, जो इसके जहर के असर को तुरंत बेअसर कर सकती हैं.

यहां हम आपको कनखजूरे से जुड़े ऐसे 7 सवालों के जवाब देने जा रहे हैं, जिन्हें लोग सबसे ज्यादा सर्च करते हैं और जिनके बारे में अक्सर जानना चाहते हैं, साथ ही डॉक्टर  आइरीन पापाकॉन्स्टाडोपोलोस, एम.डी.से जानेंगे कि कनखजूरा कान में घुस जाए या काट ले, तो तुरंत क्या करना चाहिए और किन गलतियों से बचना चाहिए.

सवाल नंबर 1. कनखजूरा कैसा होता है?

कनखजूरा एक लंबा, चपटा और रेंगने वाला कीड़ा होता है, जो अक्सर सीलन वाली जगहों, जैसे बाथरूम, किचन के सिंक या बगीचे में पाया जाता है. इसका रंग भूरा, लाल या हल्का पीला सा होता है. लोग अक्सर इसे आम कीड़ा समझने की भूल कर बैठते हैं, लेकिन इसके आगे के दो पैर डंक की तरह काम करते हैं, जिनमें जहर होता है. यह अंधेरे में ज्यादा एक्टिव होता है और बहुत तेजी से भागता है.

सवाल नंबर 2. कनखजूरा के कितने पैर होते हैं?

बचपन से हम सुनते आ रहे हैं कि कनखजूरे के सौ पैर होते हैं, लेकिन साइंस ऐसा नहीं मानती. अलग-अलग प्रजाति के हिसाब से कनखजूरे के 30 से लेकर 300 तक पैर हो सकते हैं. इसकी खास बात यह है कि इसके शरीर के हर हिस्से (Segment) में एक जोड़ी पैर होते हैं. लोग सोचते हैं कि इतने सारे पैरों से यह सिर्फ चलता है, लेकिन यह इनका इस्तेमाल शिकार को दबोचने में भी करता है.

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दिलचस्प बात यह है कि कनखजूरे के पैरों की संख्या कभी भी इवन नंबर (जैसे 20, 40, 50) में नहीं होती, यह हमेशा ऑड नंबर (जैसे 15 या 21 जोड़ी) में ही होती है.

इन पैरों का काम क्या है?

आम तौर पर लोग सोचते हैं कि इतने सारे पैरों का इस्तेमाल यह सिर्फ तेजी से भागने के लिए करता है. लेकिन ऐसा नहीं है, इसके पैर इसके शिकार करने के हथियार भी हैं. इसके आगे वाले पैर इतने मजबूत होते हैं कि यह अपने से छोटे कीड़ों को उनसे जकड़ लेता है और फिर अपने जहरीले डंक से उन्हें सुला देता है.

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सवाल नंबर 3. कनखजूरा काटने से क्या होता है?

कनखजूरा काट ले तो सबसे पहले तेज दर्द, जलन और सूजन होती है, जैसे किसी ने गरम सुई चुभा दी हो. इसका जहर जानलेवा तो नहीं होता, लेकिन अगर किसी की इम्यूनिटी कमजोर है, तो उसे बुखार, चक्कर आना या उल्टी जैसी दिक्कत हो सकती है. आम गलती यह होती है कि लोग इसे हल्के में लेकर खुजलाने लगते हैं, जिससे स्किन पर लाल चकत्ते पड़ जाते हैं और इंफेक्शन बढ़ जाता है.

कनखजूरा काटने के लक्षण 

  • जलती हुई सुई चुभने जैसा तेज दर्द 
  • काटते ही उस जगह पर तेज जलन
  • रेडनेस 
  • सूजन 

शरीर पर क्या असर होता है?

  • इसका जहर इंसानों के लिए जानलेवा नहीं होता
  • कमजोर इम्यूनिटी वालों में एलर्जी 
  • तेज दर्द के साथ-साथ बुखार
  • चक्कर लगना
  • उल्टी होना या दिल की धड़कन तेज हो सकता है

कनखजूरा काटने क्‍या न करें 

कनखजूरा काटने पर लोग घबरा जाते हैं और सबसे बड़ी भूल यह करते हैं कि उस जगह को जोर-जोर से खुजलाने लगते हैं. खुजलाने से नाखून के बैक्टीरिया घाव में चले जाते हैं, जिससे वहां बहुत गंदा इंफेक्शन हो जाता है. कुछ लोग डर के मारे झाड़-फूंक के चक्कर में पड़ जाते हैं या घरेलू टोटके करने में इतना समय बर्बाद कर देते हैं कि तब तक दर्द और सूजन पूरी बॉडी में फैलने लगती है.

सवाल नंबर 4. कनखजूरा काटने के घरेलू उपचार क्या हैं?

  1. जैसे ही कनखजूरा काटे, उस जगह को तुरंत डिटॉल या साबुन और गुनगुने पानी से अच्छी तरह धो लें. 
  2. इसके बाद बर्फ से सिकाई करें ताकि सूजन न बढ़े. सबसे बड़ी गलती जो लोग करते हैं, वो यह कि घाव को दबाकर जहर निकालने की कोशिश करने लगते हैं, जिससे इंफेक्शन और फैल जाता है. दर्द कम करने के लिए आप डॉक्टर की सलाह से कोई पेनकिलर ले सकते हैं.

तुरंत राहत के लिए क्या करें?

कनखजूरा काट ले तो पैनिक होने के बजाय सबसे पहले घाव को डिटॉल, सैवलॉन या फिर किसी अच्छे एंटी-बैक्टीरियल साबुन और गुनगुने पानी से अच्छी तरह धोएं. इससे सतह पर मौजूद जहर साफ हो जाता है. इसके बाद एक साफ कपड़े में बर्फ के टुकड़े लपेटकर उस जगह पर 10-15 मिनट तक सिकाई करें. बर्फ की ठंडक से नसों को आराम मिलता है, जिससे दर्द और सूजन दोनों में तुरंत राहत मिलती है. दर्द बहुत ज्यादा असहनीय हो, तो आप डॉक्टर की सलाह से कोई भी नॉर्मल पेनकिलर (जैसे पैरासिटामोल) ले सकते हैं.

भूलकर भी न करें ये काम

लोग अक्सर फिल्मों की तरह घाव को दबाकर या चीरा लगाकर जहर बाहर निकालने की कोशिश करने लगते हैं. यह बहुत ही खतरनाक तरीका है. ऐसा करने से जहर खून में और तेजी से फैल सकता है और घाव गहरा हो सकता है. इसके अलावा, घाव को कभी भी गंदे कपड़े या पट्टी से न बांधें, इसे खुला छोड़ें या साफ कॉटन से ढकें.

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सवाल नंबर 5. कनखजूरा को कैसे मारें या भगाएं?

कनखजूरे को हाथ से मारने की गलती कभी न करें, यह पलटकर काट सकता है. इसे भगाने के लिए घर के कोनों में पुदीने का तेल (Peppermint oil) या सिरका (Vinegar) छिड़क दें, इसकी तेज गंध से यह तुरंत भाग जाता है. अगर यह सामने दिख जाए, तो इस पर सीधे हिट (Hit) या कोई पेस्टिसाइड स्प्रे कर दें. घर में सीलन न होने दें, क्योंकि नमी ही इसे दावत देती है.

सवाल नंबर 6. कनखजूरा कान में घुस जाए तो क्या करें?

घबराने के बजाय यह आजमाएं
यह सिचुएशन वाकई किसी का भी ब्लड प्रेशर बढ़ा सकती है, लेकिन यहां ठंडे दिमाग से काम लेना होगा. अगर कनखजूरा कान में चला जाए, तो तुरंत कान में थोड़ा सा गुनगुना सरसों का तेल या नारियल का तेल डाल दें. अगर तेल न हो, तो पानी में थोड़ा सा सेंधा नमक मिलाकर उसकी बूंदें कान में टपकाएं. नमक के पानी या तेल की वजह से कनखजूरे का दम घुटने लगता है और वह या तो तुरंत रेंगकर बाहर आ जाता है या फिर अंदर ही मर जाता है.

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ये गलतियां पड़ सकती हैं भारी

अक्सर लोग हड़बड़ाहट में कान के अंदर उंगली, माचिस की तीली, पेन या चिमटी (Tweezers) डाल देते हैं. यह सबसे बड़ी भूल है. ऐसा करने से कनखजूरा डरकर कान के पर्दे के और करीब चला जाएगा और वहां अपने डंक गड़ा देगा, जिससे सुनने की क्षमता हमेशा के लिए जा सकती है. तेल डालने के बाद भी अगर वह बाहर न निकले, तो खुद डॉक्टर बनने के बजाय तुरंत किसी ENT स्पेशलिस्ट (कान के डॉक्टर) के पास भागें.

सवाल नंबर 7. कनखजूरा काटने पर क्या लगाना चाहिए?

किचन की इन चीजों से मिलेगा आराम

घाव को अच्छी तरह साफ करने के बाद आपके किचन में मौजूद हल्दी बेहद काम आ सकती है. हल्दी में एंटी-सेप्टिक और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं. हल्दी में थोड़ा सा सेंधा नमक और पानी मिलाकर पेस्ट बनाएं और घाव पर लगा लें. इसके अलावा, प्याज को बीच से काटकर उसका रस उस जगह पर रगड़ने से भी जहर का असर कम होता है. बेकिंग सोडा को थोड़े से पानी में मिलाकर लेप लगाने से जलन में बहुत जल्दी ठंडक मिलती है.

क्या लगाने से बचना चाहिए?

लोग अक्सर सोचते हैं कि कोई भी तेज झंडू बाम, आयोडेक्स या चूना लगाने से आराम मिलेगा. लेकिन कनखजूरे के डंक पर ऐसी चीजें लगाने से स्किन बर्न (त्वचा का जलना) हो सकता है और तकलीफ दोगुनी हो सकती है. कोई भी केमिकल वाली क्रीम बिना डॉक्टर से पूछे न लगाएं. अगर ये सब करने के बाद भी 2 घंटे के भीतर दर्द कम न हो या शरीर पर दाने निकलने लगें, तो बिना देर किए डॉक्टर से एंटी-एलर्जिक इंजेक्शन लगवा लें.

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