आज यानी 10 अक्टूबर, शनिवार को सर्वपितृ अमावस्या है. ये पितृ पक्ष का आखिरी दिन होता है और इसे महालय अमावस्या भी कहा जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, आज के दिन धरती पर आए सभी पितरों का स्मरण कर, उनकी आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध और तर्पण कर, सम्मान के साथ उनके लोक के लिए विदा किया जाता है. इसके अलावा आज के दिन उन पितरों का भी श्राद्ध किया जा सकता है, जिनकी मृत्यु की तिथि ज्ञात नहीं है या अगर पितृ पक्ष में किसी वजह से किसी पूर्वज का श्राद्ध उनकी तय तिथि पर नहीं हो पाया है, तो आज उनके लिए भी श्राद्ध और तर्पण किया जा सकता है.
सर्वपितृ अमावस्या पर श्राद्ध और तर्पण के लिए शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, इस साल अमावस्या तिथि 9 अक्टूबर की रात 9 बजकर 35 मिनट पर शुरू हुई और 10 अक्टूबर की रात 9 बजकर 19 बजे तक रहेगी. श्राद्ध और तर्पण के लिए आज-
- कुतुप मुहूर्तस सुबह 11 बजकर 45 मिनट से दोपहर 12 बजकर 31 मिनट तक रहेगा.
- रोहिणी मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 31 मिनट से 1 बजकर 18 मिनट तक रहेगा.
- अपराह्न काल दोपहर 1 बजकर 8 मिनट से 3 बजकर 37 मिनट तक रहेगा.
- अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 45 मिनट से दोपहर 12 बजकर 31 मिनट तक रहेगा.
- ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 5 मिनट से 4 बजकर 54 मिनट तक रहेगा.
सर्वपितृ अमावस्या के दिन सुबह स्नान करके पितरों को याद किया जाता है. इसके बाद उनके नाम से जल अर्पित किया जाता है. इसे तर्पण कहा जाता है. इसके बाद आप अपने परिवार की परंपरा के अनुसार श्राद्ध कर्म कर सकते हैं.
आज के दिन पितरों के नाम से भोजन का दान करना और जरूरतमंद लोगों की मदद करना भी बेहद शुभ माना जाता है. ऐसे में आप अपनी क्षमता के अनुसार जरूरतमंद लोगों में अन्न, कपड़े या दूसरी जरूरी चीजों का दान कर सकते हैं. धार्मिक मान्यता है कि सच्चे मन से किए गए इन कामों से पितरों की कृपा मिलती है और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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