प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में तैनात स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) के जवान हमेशा उनके आसपास ही दिखाई देते हैं. SPG का मुख्य काम है प्रधानमंत्री को भारत और विदेश, दोनों जगह सुरक्षा उपलब्ध कराना. पर क्या आप जानते हैं कि SPG को कौन हेड करता है? जानें SPG से जुड़ी हर बात.
क्या है SPG?
स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) की स्थापना 1985 में की गई थी और बाद में SPG Act, 1988 के तहत इसे कानूनी दर्जा मिला. SPG का मुख्य कार्य होता है- प्रधानमंत्री को भारत और विदेश, दोनों जगह सुरक्षा उपलब्ध कराना. 2019 में कानून में संशोधन के बाद SPG सुरक्षा मुख्य रूप से प्रधानमंत्री और उनके साथ आधिकारिक आवास में रहने वाले निकटतम परिवार के सदस्यों तक सीमित है.
कैसे चुने जाते हैं SPG के अधिकारी
SPG में सीधे भर्ती नहीं होती है. इसके लिए CRPF, BSF, CISF, ITBP, SSB, असम राइफल्स, रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के सर्वश्रेष्ठ कर्मियों का चयन किया जाता है. उन्हें कठोर शारीरिक, मानसिक और तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाता है. SPG का नेतृत्व आमतौर पर भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के वरिष्ठ अधिकारी करते हैं.
SPG निदेशक का पद
SPG निदेशक देश के सबसे संवेदनशील सुरक्षा पदों में से एक माना जाता है. ये प्रधानमंत्री की सुरक्षा रणनीति, खतरे का आकलन, विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय और सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की जिम्मेदारी निभाते हैं. पीएम के किसी भी दौरे, सार्वजनिक कार्यक्रम या विदेश यात्रा के दौरान SPG सुरक्षा व्यवस्था की कमान इन्हीं के अधीन होती है.
नया नेतृत्व मिलने जा रहा है
स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) को नया नेतृत्व मिलने जा रहा है. केंद्र सरकार ने बिहार कैडर के वरिष्ठ IPS अधिकारी अमित कुमार को SPG में ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (OSD) नियुक्त किया है. वे मौजूदा SPG प्रमुख आलोक शर्मा का कार्यकाल समाप्त होने के बाद संगठन के निदेशक (Director) का पद संभालेंगे.
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