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इस देश के स्कूलों ने छोटे बच्चों से वापस लिए लैपटॉप,स्क्रीन टाइम घटाने के लिए बड़ा फैसला

अमेरिका के कई स्कूल अब छोटे बच्चों को लैपटॉप और टैबलेट देने की नीति में बदलाव कर रहे हैं. स्क्रीन टाइम कम करने के लिए किंडरगार्टन छात्रों को iPad देना बंद किया जा रहा है और कई स्कूलों ने डिवाइस घर ले जाने पर भी रोक लगा दी है.

इस देश के स्कूलों ने छोटे बच्चों से वापस लिए लैपटॉप,स्क्रीन टाइम घटाने के लिए बड़ा फैसला
Methacton School District ने भी व्यक्तिगत डिवाइस की जगह साझा मॉडल अपनाया है.

US Schools Rule : अमेरिका के फिलाडेल्फिया क्षेत्र के कई पब्लिक स्कूल ने टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल को लेकर बड़ा फैसला लिया है. स्कूलों ने बच्चों के बीच बढ़ते स्क्रीन टाइम को लेकर चिंता व्यक्त की है. इसलिए कई स्कूल अब छात्रों को दिए जाने वाले पर्सनल लैपटॉप और टैबलेट की संख्या कम कर रहे हैं. कुछ जिलों ने तो छोटे बच्चों के लिए शुरू की गई वन-टू-वन डिवाइस योजनाएं ही बंद कर दी हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक, कई स्कूलों का मानना है कि कम उम्र के बच्चों में स्क्रीन टाइम का बढ़ता उपयोग पढ़ाई पर असर डाल सकता है. यही कारण है अब टेक्नोलॉजी और ट्रे़डिशनल पढ़ाई के तरीके के बीच बैलेंस बनाने की कोशिश की जा रही है.

कई जिलों ने बदले नियम

कोलोनियल स्कूल डिस्ट्रिक्ट (Colonial School District) ने प्राइमरी क्लास के स्टूडेंट्स को रात में लैपटॉप घर ले जाने से रोक दिया है. वहीं Tredyffrin/Easttown School District ने किंडरगार्टन के बच्चों को आईपैड (iPad) देना बंद कर दिया है. इसके अलावा प्राइमरी स्कूलों के छात्र दिन खत्म होने के बाद टैबलेट घर नहीं ले जा सकेंगे.

मेथैक्टन स्कूल डिस्ट्रिक्ट (Methacton School District) ने भी पर्सनल डिवाइस की जगह साझा मॉडल अपनाया है. यहां किंडरगार्टन और पहली क्लास के छात्र जरूरत के अनुसार क्रोमबुक्स (Chromebooks) का इस्तेमाल करेंगे.

छोटे बच्चों की स्क्रीन टाइम में होगी कटौती

फीनिक्सविले एरिया स्कूल डिस्ट्रिक्ट (Phoenixville Area School District) ने किंडरगार्टन से तीसरी क्लास तक के छात्रों के लिए एक-एक डिवाइस देने की योजना समाप्त कर दी है. वहीं वॉलिंगफोर्ड-स्वार्थमोर (Wallingford-Swarthmore) स्कूलों में दूसरी कक्षा तक के छात्रों के ऑनलाइन इवैल्यूेएशन कम किए गए हैं. पांचवीं क्लास तक के बच्चों के लिए यू ट्यूब (YouTube) सर्च और ब्राउजिंग पर भी बैन लगाया गया है.

पैरेंट्स ने बदलाव का किया स्वागत

कई अभिभावकों ने इन बदलावों का स्वागत किया है. उनका मानना है कि इससे शिक्षकों को सीधे तौर पर पढ़ाने में मदद मिलेगी और बच्चों का डिस्ट्रक्शन भी कम होगी.

हालांकि कुछ पैरेंट्स का कहना है कि केवल शुरुआती कक्षाओं में बदलाव काफी नहीं है. उनका मानना है कि मिडिल और हाई स्कूल लेवल पर भी टेक्निीक के इस्तेमाल का रिव्यू होना चाहिए. इसी कारण कुछ जिलों में तकनीक संबंधी सलाहकार समितियां बनाने की पहल भी शुरू की गई है, जिनमें अभिभावकों को शामिल किया जाएगा.

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