हर साल करीब 10 लाख से ज्यादा लोग UPSC सिविल सर्विस एग्जाम के लिए आवेदन करते हैं, इसके बाद परीक्षा देने के लिए करीब 6 लाख लोग पहुंचते हैं और आखिर में महज 500 से लेकर 800 लोगों का ही चयन होता है. कई लोग यूपीएससी के प्री और मेन्स तो हर बार क्लियर कर लेते हैं, लेकिन इंटरव्यू में उन्हें अच्छे नंबर नहीं मिल पाते हैं. ऐसे लोगों के लिए कोमल मावी ने कुछ टिप्स दिए हैं, जिन्होंने अपने पहले अटेंप्ट में 165 नंबर हासिल किए थे, लेकिन इसके बाद दूसरे अटेंप्ट में उनके इंटरव्यू में 216 नंबर आ गए. ऐसे में उन्होंने जब अपनी मार्कशीट सोशल मीडिया पर शेयर की तो तैयारी करने वाले युवाओं ने उनसे इंटरव्यू में शानदार प्रदर्शन करने का सीक्रेट पूछा.
कौन हैं कोमल मावी?
कोमल मावी गाजियाबाद के लोनी इलाके के अफजलपुर गांव की रहने वाली हैं. शुरुआत से ही कोमल पढ़ाई में काफी अच्छी रहीं और 10वीं-12वीं में टॉपर लिस्ट में उनका नाम था. कोमल ने हंसराज कॉलेज से बीएससी ऑनर्स केमिस्ट्री में ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की और फिर आईआईटी दिल्ली से केमिस्ट्री में M.Sc की पढ़ाई की. इसके बाद उन्होंने आईआईटी दिल्ली में ही पीएचडी में एडमिशन भी लिया था, लेकिन इसी दौरान उनका यूपीएससी में सिलेक्शन हो गया.


इंटरव्यू के लिए दिए टिप्स
कोमल मावी सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं और यूपीएससी एस्पिरेंट्स के लिए लगातार टिप्स देती रहती हैं. उन्होंने अपने एक वीडियो में बताया कि कैसे एक ही अटेंप्ट के बाद उनके इंटरव्यू के नंबर इतने बढ़ गए. उन्होंने बताया कि यूपीएससी इंटरव्यू को लेकर सबसे बड़ा मिथ ये है कि लोग इसे पर्सनैलिटी टेस्ट मानते हैं, उन्हें लगता है कि इसमें नॉलेज का टेस्ट नहीं किया जाता है. बिना नॉलेज के सिविल सर्विस फंक्शन नहीं करता है.
कोमल मावी ने कहा, "आपको टॉपर्स टॉक देखना शुरू करना है, आपको मॉक इंटरव्यू देखने की प्रैक्टिस करनी है और मेन्स के बाद आराम नहीं करना है. कोचिंग के रटे रटाए उत्तरों से मार्क्स नहीं मिलते हैं, क्योंकि हर कोई कोचिंग लेकर वही बोल रहा है, जो आप बोलेंगे. मैंने भी अपने पहले अटेंप्ट में यही गलती की थी. आपको काउंटर आर्ग्युमेंट्स के लिए भी तैयार रहना होगा. मुझे लगता है कि इंटरव्यू की तैयारी मेन्स से भी ज्यादा मुश्किल है."
बॉडी लैंग्वेज को लेकर टिप्स
इंटरव्यू में बॉडी लैंग्वेज को लेकर कोमल मावी ने कहा, जब भी आप इंटरव्यू के दौरान बोर्ड मेंबर्स से बात करते हैं तो आपको सबसे जरूरी आर्ग्युमेंट्स को पहले बोलना है. आपको बहुत ओवर कॉन्फिडेंट भी नहीं दिखना है और अंडर कॉन्फिडेंट भी नहीं होना है. वॉइस मॉड्यूलेशन भी जरूरी है. आपको बहुत फ्लैट टोन में बात नहीं करनी है. इसके अलावा किसी भी टॉपिक पर बोर्ड मेंबर्स से बेवजह की बहस ना करें.
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