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'सरकारी स्कूलों के शिक्षक बेहद योग्य होते हैं'... अब राष्ट्रपति करेंगी सम्मानित, कौशांबी की शालिनी कुशवाहा को नेशनल टीचर अवॉर्ड

कौशांबी की शिक्षिका शालिनी कुशवाहा का राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 के लिए चयन हुआ है. 05 सितंबर को शिक्षक दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित करेंगी.

'सरकारी स्कूलों के शिक्षक बेहद योग्य होते हैं'... अब राष्ट्रपति करेंगी सम्मानित, कौशांबी की शालिनी कुशवाहा को नेशनल टीचर अवॉर्ड
अब इनका काम इलाके के सभी विद्यार्थियों तक पहुंचकर शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करना है.

Teacher Excellence Award India : हर साल शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अध्यापकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार (National Teacher's Award 2026) से सम्मानित किया जाता है. इस साल भी शिक्षक दिवस 5 सितंबर को राष्ट्रपति भवन में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्वारा चयनित शिक्षकों को यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किया जाएगा. इस साल देश भर से 48 शिक्षकों का चयन इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए हुआ है, जिसमें उत्तर प्रदेश के टीचर्स ने सबसे ज्यादा जगह बनाई है. यहां से 3 टीचर्स को चुना गया है. इसमें कौशांबी की शालिनी कुशवाहा भी हैं.  तो चलिए जानते हैं शालिनी कुशवाहा की अब तक की प्रोफेशनल जर्नी कैसी रही है और उनका शिक्षा के क्षेत्र में योगदान...

कहां से हैं शालिनी

मूल रूप से प्रयागराज के नैनी क्षेत्र की रहने वाली शालिनी कुशवाहा कौशांबी के कोईलहा प्राथमिक विद्यालय में बतौर सहायक अध्यापक के पद पर 2015 से कार्यरत हैं. 

केंद्रीय टीम की रिपोर्ट के आधार पर हुआ चयन

शालिनी बताती हैं कि राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद उन्होंने इसके लिए आवेदन भेजा था. शिक्षा विभाग और केंद्रीय मूल्यांकन टीम की रिपोर्ट के आधार पर उनके कार्यों का आकलन किया गया, जिसके बाद उनका सिलेक्शन राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 के लिए हुआ.

सरकारी स्कूलों पर जताया भरोसा

शालिनी कुशवाहा ने एनडीटीवी से बातचीत में कहा कि हर शिक्षक का सपना होता है कि वह शिक्षा और सामाजिक सुधार के क्षेत्र में बेहतर योगदान दे. उन्होंने बताया कि अधिकारियों के निरीक्षण और मार्गदर्शन से उन्हें लगातार प्रोत्साहन मिलता रहा, जिसके चलते उन्होंने राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए आवेदन किया.

वहीं दूसरी तरफ उन्होंने आम लोगों से अपील किया है कि सरकारी विद्यालयों की छवि धूमिल की गई है. लेकिन सरकारी स्कूलों के अध्यापक बहुत ही योग्य होते हैं. कई प्रतियोगी परीक्षा का सामना करके यहां तक पहुंचाते हैं. अभिभावकों को चाहिए कि विश्वास करें और अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में भेजें.

वर्तमान में एआरपी पद पर

बता दें कि वर्तमान समय में शालिनी कुशवाहा चायल बीआरसी में एकेडमिक रिसोर्स पर्सन (ARP) के पद पर कार्यरत हैं. इस भूमिका में उनका मुख्य दायित्व क्षेत्र के विद्यालयों में शैक्षिक गुणवत्ता को बेहतर बनाना, शिक्षकों को अकादमिक सहयोग देना और विद्यार्थियों की सीखने की प्रक्रिया को मजबूत करना है.

शिक्षा विभाग ने दी बधाई

शालिनी कुशवाहा को कौशांबी बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से बधाई दी गई है.अब इनका काम इलाके के सभी विद्यार्थियों में जाकर शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करना है.

रिपोर्ट- मोहम्मद बगार

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