UP Budget 2026: देश के आम बजट के बाद उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से अपना बजट पेश किया जा रहा है. इस बजट में सरकार ने अपने तमाम पिछले काम गिनाए और ये भी बताया कि आने वाले साल में क्या किया जाएगा. वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बजट पेश करते हुए छात्रों से जुड़ी कई बातें भी बताई, इसमें नए मेडिकल कॉलेज और एमबीबीएस की सीटें भी शामिल थीं. उन्होंने बताया कि लगातार सरकार इस पर काम कर रही है और कई नए मेडिकल कॉलेज खुलने जा रहे हैं.
बजट में छात्रों के लिए बड़े ऐलान
वर्तमान में यूपी में 81 मेडिकल कॉलेज हैं, जिनमें 45 राज्य सरकार द्वारा संचालित हैं और बाकी निजी क्षेत्र द्वारा संचालित हैं.
वर्तमान में 60 जनपदों में मेडिकल कॉलेज, वहीं 16 जनपदों में मेडिकल कॉलेजों की स्थापना पीपीपी मॉडल से की जानी है.
राजकीय और निजी क्षेत्र के चिकित्सा संस्थानों में एमबीबीएस सीटों की संख्या 2017 में 4540 थी, जिसे बढ़ाकर 12800 कर दिया गया.
चिकित्सा संस्थानों में पीजी सीटों की संख्या को बढ़ाकर 1221 से बढ़ाकर 4995 किया गया है.
14 नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना के लिए 1023 करोड़ की व्यवस्था प्रस्तावित है.
कैंसर संस्थान लखनऊ के लिए 315 करोड़ की व्यवस्था प्रस्तावित है.
शिक्षा पर कितना होगा खर्च?
यूपी वित्त मंत्री ने बताया कि इस बजट में पूंजीगत परिव्यय 19.5 प्रतिशत है. 16वें केंद्रीय वित्त आयोग की संस्तुतियों (जिन्हें केंद्र सरकार द्वारा स्वीकार किया गया है) के क्रम में वित्त वर्ष 2026—27 में राजकोषीय घाटे की सीमा तीन प्रतिशत रखी गई है. यह वित्त वर्ष 2030—31 तक लागू रहेगी. खन्ना ने प्रमुख मदों में किये गये आवंटन का जिक्र करते हुए कहा, शिक्षा और चिकित्सा के लिए किया गया आवंटन कुल बजट का क्रमशः 12.4 और छह प्रतिशत है. इसके अलावा कृषि एवं संबद्ध सेवाओं के लिए आवंटित धनराशि कुल बजट की नौ प्रतिशत है.
बजट के दौरान यूपी में एआई मिशन की शुरुआत की बात भी कही गई, जिसके लिए 225 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया है. इसके अलावा परिषदीय विद्यालय के शिक्षकों और संविदा कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा के लिए नई योजना का भी जिक्र किया गया. इसके लिए 358 करोड़ का प्रावधान किया गया है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं