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एक खराब रिजल्ट आपका फ्यूचर तय नहीं करता, पढ़िए UP बीएड टॉपर वंदना सिंह की सक्सेस स्टोरी

UP BEd 2026 Topper Success Story: यूपी बीएड में इस बार अलीगढ़ की बेटी वंदना सिंह ने पूरे प्रदेश में टॉप किया है. जानिए वंदना की कामयाबी की कहानी और बीएड की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए उनका खास मैसेज.

वंदना अपनी सफलता का पूरा श्रेय अपनी फैमिली को देती हैं.

UP BEd 2026 Topper Success Story: सफलता हर बार पहली कोशिश में नहीं मिलती है. कुछ लोग एक बार की तैयारी में ही हार मान लेते हैं, जबकि कुछ लोग फिर से मेहनत करके इतिहास रच देते हैं. अलीगढ़ की बेटी वंदना सिंह ऐसी ही मिसाल बनकर सामने आई हैं. उन्होंने 16 जून 2026 को जारी यूपी बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा (UP BEd Joint Entrance Examination) रिजल्ट में टॉप किया है. वंदना सिंह ने प्रदेशभर में पहली रैंक (Rank 1) हासिल करके टॉप किया है. हालांकि, यह मुकाम उन्हें पहले ही अटेम्प्ट में नहीं मिला है. उन्हें फेलियर का सामना भी करना पड़ा है. वंदना की कहानी उन लाखों छात्रों के लिए इंस्पिरेशन है, जो किसी एग्जाम में एक बार असफल होने के बाद खुद पर शक करने लगते हैं.

यूपी बीएड 2026 की टॉपर वंदना सिंह कौन हैं?

बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी, झांसी की ओर से जारी यूपी बीएड प्रवेश परीक्षा 2026 के परिणाम में अलीगढ़ की वंदना सिंह ने पहली रैंक हासिल की है. रिजल्ट आने के बाद पूरे प्रदेश में उनकी चर्चा हैं. दिलचस्प बात यह है कि वंदना के लिए यह सफलता आसान नहीं थी. उन्होंने इससे पहले भी परीक्षा दी थी, लेकिन तब उन्हें मनचाही रैंक नहीं मिली थी. लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और एक बार फिर तैयारी शुरू की.

पिछले साल नहीं मिली मन-मुताबिक रैंक, इस बार किया टॉप

वंदना एनडीटीवी से हुई बातचीत में बताती हैं कि उन्होंने 2025 में भी बीएड प्रवेश परीक्षा दी थी, तब उनकी रैंक उतनी अच्छी नहीं आई थी, जितनी वह चाहती थीं. कई छात्र ऐसी कंडीशन में आगे बढ़ने की बजाय पीछे हट जाते हैं, लेकिन वंदना ने ऐसा नहीं किया. उन्होंने अपनी कमियों को समझा, अपनी तैयारी जारी रखी और अगले अटेम्प्ट में पूरे प्रदेश में टॉप कर दिखाया. वह कहती हैं कि एक खराब रिजल्ट आपके फ्यूचर और करियर का फैसला नहीं करता है.

फैमिली बनी सबसे बड़ी ताकत, प्रोफेसर भाई से इंस्पायर

वंदना अपनी सफलता का पूरा श्रेय अपनी फैमिली को देती हैं. उनका कहना है कि परिवार के हर सदस्य ने हर कदम पर उनका साथ दिया और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते रहें. वंदना शुरू से ही एजुकेशन फील्ड में ही करियर बनाना चाहती थीं. इस सोच के पीछे उनके बड़े भाई का अहम रोल रहा. उनके बड़े भाई प्रोफेसर हैं और उन्हें देखकर ही वंदना के मन में टीचिंग प्रोफेशन में जाने का मन बनाया. यही वजह रही कि उन्होंने बीएड करने की सोची.

तैयारी करने वाले छात्रों के लिए खास मैसेज

वंदना ने उन सभी छात्रों को खास मैसेज दिया है, जो आगे बीएड या किसी भी कॉम्पटेटिव एग्जाम की तैयारी कर रहे हैं. वंदना ने कहा, 'अगर आप पूरी मेहनत और लगन से कोई भी काम करेंगे, तो सफलता जरूर मिलेगी. मेहनत हमेशा रंग लाती है. सबसे जरूरी बात, कभी भी एक बार एग्जाम देकर अगर सफलता न मिले, तो हताश न हों. हार न मानें, दोबारा कोशिश करें, जीत आपकी ही होगी.

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लेखक के बारे में
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सुभाषिनी त्रिपाठी
सीनियर सब एडिटर
सुभाषिनी त्रिपाठी पिछले 9 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2022 से  NDTV में बतौर सीनियर सब एडिटर काम कर रही हैं. हेल्थ, फैशन और लाइफस्टाइल की खबरो... और पढ़ें
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