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15 साल की उम्र में होने वाली थी शादी, फिर पिता की मौत से लगा झटका...लेकिन मां बनी ढाल, आज बेटी है IFS ऑफिसर

जानिए मध्य प्रदेश की अंजलि सोंधिया की प्रेरणादायक कहानी, जिन्होंने 15 साल की उम्र में तय हुई शादी और लगातार 3 असफलताओं को पीछे छोड़ UPSC IFS 2024 में AIR 9 हासिल की.

15 साल की उम्र में होने वाली थी शादी, फिर पिता की मौत से लगा झटका...लेकिन मां बनी ढाल, आज बेटी है IFS ऑफिसर
मां के भरोसे को ताकत बनाकर अंजलि ने चौथी बार परीक्षा दी. इस बार उन्होंने सिविल सेवा के साथ-साथ भारतीय वन सेवा (IFS) की परीक्षा भी दी.

Success Story : मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में एक छोटा सा गांव है चंद्रपुरा. इस गांव में लड़कियों की जिंदगी का एक तय नियम है जितना हो सके उतना पढ़ो और फिर शादी करके विदा हो जाओ. जब चंद्रपुरा की रहने वाली अंजलि सोंधिया महज 15 साल की थीं और 10वीं क्लास में पढ़ रही थीं, तब उनके घर वाले भी उनकी शादी का कार्ड छपवाने की तैयारी कर रहे थे. रिश्तेदारों में तारीखों पर बात होने लगी थी लेकिन अंजलि के मन में कुछ और ही चल रहा था. उन्हें समाज की लिखी हुई यह कहानी में फिट नहीं होना था. वह पढ़ना चाहती थीं, अपने पैरों पर खड़ा होना चाहती थीं. आज वही अंजलि सोंधिया UPSC भारतीय वन सेवा (IFS) परीक्षा 2024 में पूरे देश में 9वीं रैंक (AIR 9) हासिल कर एक अधिकारी बन चुकी हैं. आइए जानते हैं संघर्ष से सफलता तक की अंजलि की कहानी...

15 की उम्र में तय हो गई थी शादी, पर हौसला नहीं डगमगाया

अंजलि एक साधारण किसान परिवार से आती हैं. पढ़ाई में वह शुरू से ही बहुत तेज थीं. गांव के स्कूल से 8वीं तक पढ़ने के बाद वह आगे की पढ़ाई के लिए ब्यावरा शहर आ गईं. यहां उन्होंने 10वीं बोर्ड परीक्षा में पूरे जिले में टॉप किया. लेकिन इसी कामयाबी के बीच उनके परिवार ने उनकी शादी तय कर दी.

अंजलि बताती हैं कि मेरी शादी तब तय कर दी गई थी जब मैं सिर्फ 15 साल की थी. परिवार चाहता था कि मेरी शादी जितनी जल्दी हो सके, कर दी जाए. लेकिन अंजलि ने हार नहीं मानी. 12वीं पूरी करने के बाद वह आगे की पढ़ाई और UPSC की तैयारी के लिए इंदौर चली गईं. उन्होंने अपनी आंखों के सामने कई लड़कियों के सपनों को दम तोड़ते देखा था, इसलिए उन्होंने अपनी पूरी ताकत पढ़ाई में झोंक दी.

लगातार 3 बार फेल हुईं, फिर आया दुखों का पहाड़

अंजलि साल 2020 में अपना पहला प्रयास देना चाहती थीं, लेकिन कोरोना महामारी के कारण ऐसा नहीं हो सका. इसके बाद उन्होंने साल 2021, 2022 और 2023 में लगातार तीन बार UPSC की प्रीलिम्स दी, लेकिन वह तीनों बार फेल हो गईं.

साल 2023 अंजलि के लिए बहुत कठिन था. एक तरफ वह लगातार तीसरी बार फेल हो चुकी थीं, जिससे उन पर शादी का दबाव बहुत ज्यादा बढ़ गया था. दूसरी तरफ, इसी साल उनके पिता का अचानक निधन हो गया. परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. मां और भाई को खेती संभालनी पड़ी. ऐसे में हर कोई अंजलि से यही कह रहा था कि अब पढ़ाई छोड़ो और शादी कर लो.

जब मां बनीं ढाल और बदल गई किस्मत

जब पूरी दुनिया अंजलि के खिलाफ खड़ी थी, तब उनकी मां उनके लिए एक चट्टान बनकर खड़ी हो गईं. मां ने समाज से लड़ते हुए अंजलि की सगाई तोड़ दी और कहा कि अब तुम सिर्फ पढ़ाई करोगी और तब तक शादी नहीं करोगी जब तक तुम्हारी खुद की मर्जी न हो. मां के इस फैसले ने अंजलि को वो आजादी दी, जिसकी उन्हें सबसे ज्यादा जरूरत थी.

चौथे प्रयास में हासिल की AIR 9

मां के भरोसे को ताकत बनाकर अंजलि ने चौथी बार परीक्षा दी. इस बार उन्होंने सिविल सेवा के साथ-साथ भारतीय वन सेवा (IFS) की परीक्षा भी दी. सालों की मेहनत, आंसुओं और संघर्ष का फल आखिरकार उन्हें मिला. अंजलि ने IFS परीक्षा 2024 में ऑल इंडिया रैंक 9 हासिल कर इतिहास रच दिया.

अंजलि की यह कहानी सिर्फ एक परीक्षा पास करने की नहीं है, बल्कि यह कहानी है रूढ़ियों को तोड़ने की, एक मां के अटूट विश्वास की और हर उस लड़की की जो अपने सपनों को सच करने का हौसला रखती है.

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