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'फ्रस्टेट हैं राहुल गांधी', CBSE मामले पर हमलावर कांग्रेस नेता के बारे में धर्मेंद्र प्रधान ने क्या कहा?

Rahul Gandhi CBSE OSM Controversy: कांग्रेस नेता राहुल गांधी लगातार सवाल उठा रहे हैं कि पहले से विवादों में घिरी कंपनी को सीबीएसई ने कॉपियों की स्कैनिंग का ठेका क्यों दिया. इस पर अब शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने जवाब दिया है.

'फ्रस्टेट हैं राहुल गांधी', CBSE मामले पर हमलावर कांग्रेस नेता के बारे में धर्मेंद्र प्रधान ने क्या कहा?
CBSE ऑन स्क्रीन मार्किंग को लेकर विवाद

CBSE के ऑन स्क्रीन मार्किंग सिस्टम (OSM) को लेकर उठ रहे सवालों के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी लगातार सरकार पर हमलवार हैं. राहुल गांधी ने उस कंपनी को लेकर सवाल उठाए, जिसे सीबीएसई की तरफ से कॉपियों की स्कैनिंग का ठेका दिया गया था. इस मामले को लेकर जब शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि सब कुछ नियमों के तहत हुआ है और राहुल गांधी को एक फ्रस्टेटेड नेता बता दिया. धर्मेंद्र प्रधान ने इसके साथ ही सीबीएसई के ऑन स्क्रीन मार्किंग सिस्टम का समर्थन भी किया. 

राहुल गांधी पर क्या बोले शिक्षा मंत्री?

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से जब पूछा गया कि राहुल गांधी ने आरोप लगाए हैं कि सीबीएसई ने नियम और प्रक्रिया को दरकिनार करते हुए विवादित कंपनी को कॉन्ट्रैक्ट दिया था. इस पर उन्होंने कहा, "देखिए इसके बारे में कल सीबीएसई ने जिम्मेदारी के साथ अपना उत्तर दिया है. भारत सरकार की जो पॉलिसी है, उसी के तहत ये काम किया गया है. अगर ऐसी कुछ गड़बड़ी हुई होगी तो हम किसी को माफ नहीं करेंगे. अगर बात राहुल गांधी की करें तो वो अलग मानसिकता में पहुंच चुके हैं. लगातार चुनाव हारते हुए वो फ्रस्ट्रेशन में जा चुके हैं, उन्होंने एसआईआर का विरोध किया, उन्होंने ईवीएम का विरोध किया, डिजिटल इंडिया का विरोध किया. मैं खुद इस अव्यवस्था का दायित्व लेता हूं और उन्हें अनुरोध करता हूं कि ये राजनीति का समय नहीं है. हम सभी को अपील करते हैं कि ऐसा बयान न दें, जिससे बच्चों का मेंटल स्ट्रेस और ज्यादा बढ़े." 

राहुल गांधी ने फिर पूछा सवाल

शिक्षा मंत्री के इस बयान के बाद राहुल गांधी ने फिर सोशल मीडिया पर उन्हें घेरने की कोशिश की. उन्होंने अपने एक्स हैंडल से किए गए पोस्ट में लिखा, "धर्मेंद्र प्रधान जी, आप मुझ पर जितना चाहें उतना हमला कर सकते हैं, लेकिन इससे आपके गुनाह कम नहीं होंगे और न ही ये मुझे 18.5 लाख बच्चों के लिए जवाब मांगने से रोक पाएगा.  CBSE की ऑनलाइन कॉपी चेकिंग (OSM) का ठेका 'COEMPT' नाम की कंपनी को क्यों दिया गया, जो अपने पुराने नाम 'Globarena' के तहत पहले से ही विवादों में घिरी हुई है? यह किसके आदेश पर किया गया? कंपनी की कोई बैकग्राउंड जांच (पिछला रिकॉर्ड) क्यों नहीं की गई?"

क्या है पूरा विवाद?

दरअसल सीबीएसई की तरफ से पहली बार 12वीं की कॉपी चेक करने के लिए डिजिटल तरीके का इस्तेमाल किया गया, जिसे ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM) कहा जाता है. रिजल्ट जारी होते ही कई छात्र आरोप लगाने लगे कि उन्हें उम्मीद से कम नंबर मिले हैं और उनकी मार्किंग सही नहीं हुई है. इसके बाद जब छात्रों को उनकी स्कैन कॉपी लेने का मौका दिया गया तो गड़बड़ियों की पोल परत दर परत खुलती गई. पहले छात्रों को ब्लर कॉपियां मिलीं और फिर कॉपियों की अदला-बदली भी सामने आई. अब तक ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं. क्योंकि ये मामला करीब 18 लाख छात्रों से जुड़ा है, ऐसे में विपक्षी नेता भी लगातार सरकार पर हमलवार हैं. 

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