साइंस स्ट्रीम (फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स) के छात्रों के लिए कई सारे ऐसे करियर हैं, जिन्हें चुनकर वो अच्छी खासी सैलरी हर महीने पा सकते हैं. अगर आपने 12वीं साइंस स्ट्रीम से पढ़ाई की है और एक अलग तरह का करियर की खोज रहे हैं, तो Petroleum Engineer आपके लिए सही च्वाइस हो सकती है. इस प्रोफेशन में अच्छी सैलरी के साथ करियर ग्रोथ भी मिलती है. पेट्रोलियम इंजीनियर (Petroleum Engineer) आपके लिए बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है. पेट्रोलियम इंजीनियर सबसे हाई-पेइंग फील्ड्स में गिनी जाती है. पेट्रोलियम इंजीनियर का काम क्या होता है, आइए इसके बारे में विस्तार में जानते हैं.
क्या होता है Petroleum Engineer का काम?
पेट्रोलियम इंजीनियर का काम तेल और गैस के भंडारों की पहचान करना, उनका उत्पादन बढ़ाने और आधुनिक तकनीकों की मदद से संसाधनों का अधिकतम उपयोग करना होता है. Petroleum Engineer के तहत कई सारे करियर के ऑप्शन होते हैं, जैसे-
- रिजर्वॉयर इंजीनियर (Reservoir Engineer) का काम जमीन के नीचे भंडारों का विश्लेषण करना होता है. सरल शब्दों में समझा जाए तो ये पता करना होता है कि वहां तेल या गैस मौजूद है की नहीं.
- ड्रिलिंग इंजीनियर (Drilling Engineer) का काम तेल और गैस निकालने का होता है. इसकी पूरी प्लानिंग तैयार करना होता है
- Production Engineer का काम कुओं में तेल/गैस को कैसे सही रखा जाए और उपकरणों की निगरानी की जाए, ये होता है.
12वीं के बाद करें नीचे बताए गए कोर्स
Petroleum Engineer बनने के लिए 12वीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स की पढ़ाई करने वाले बच्चे नीचे बताए गए कोर्स को करें.
- B.Tech/B.E. in Petroleum Engineering
- B.Tech in Chemical Engineering
B.Tech की पढ़ाई करने के बाद M.Tech in Petroleum Engineering भी करें. इसके साथ ही चाहें तो संबंधित विषयों में पीएचडी भी कर सकते हैं. कोर्स करने के अलावा नीचे बताई गई जरूरी स्किल भी आपको आनी चाहिए. इन स्किल की मदद से आपको नौकरी मिलने में आसानी होती है.
- Analytical Skills
- टीमवर्क
- कम्युनिकेशन स्किल्स
- कठिन परिस्थितियों में काम करने की क्षमता
कहां मिलती है नौकरी?
पेट्रोलियम इंजीनियरों की मांग सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में रहती है. ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन (ONGC), ऑयल इंडिया लिमिटेड (OIL),
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) में अक्सर वैकेंसी निकलती रहती हैं.
कितनी मिलती है सैलरी?
बात की जाए फ्रेशर की तो पेट्रोलियम इंजीनियर की शुरुआती सालाना सैलरी आमतौर 5 लाख से शुरू होकर 10 लाख के बीच हो सकती है. वहीं अनुभव बढ़ने पर पैकेज 15 लाख से 30 लाख हर साल पहुंच सकता है. अगर आप अंतरराष्ट्रीय कंपनियों या विदेशों में काम करते हैं, ये पैकेज करोड़ में पहुंच सकता है.
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