NEET Exam 2026: कोटा के कोचिंग और हॉस्टल संचालकों ने री-नीट परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बड़ा दिल दिखाते हुए राहत का ऐलान किया है. अब छात्रों को केवल ठहरने के दिनों का ही किराया देना होगा और कोई सिक्योरिटी मनी नहीं ली जाएगी. री-नीट परीक्षा की घोषणा के बाद देश भर के हजारों छात्र एक बार फिर कोटा लौट रहे हैं. छात्रों पर पढ़ाई का अतिरिक्त बोझ और आर्थिक दबाव न आए, इसके लिए कोटा के कोचिंग संस्थानों के बाद अब हॉस्टल एसोसिएशन्स ने भी बड़ा फैसला लिया है.
कोटा के प्रमुख हॉस्टल संघों ने तय किया है कि री-नीट की तैयारी के लिए आने वाले छात्रों से सिक्योरिटी मनी नहीं ली जाएगी और उनसे केवल उतने ही दिनों का किराया लिया जाएगा, जितने दिन वे हॉस्टल में रहेंगे.
किराये और नियमों में दी बड़ी छूट
कोटा हॉस्टल एसोसिएशन, चम्बल हॉस्टल एसोसिएशन और लैंडमार्क सिटी जैसे प्रमुख संघों ने घोषणा की है कि यदि कोई छात्र एक महीने से कम समय के लिए भी रुकता है, तो उसे पूरे महीने की फीस नहीं देनी होगी. यह निर्णय उन छात्रों के लिए संजीवनी का काम कर रहा है जो सीमित समय के लिए रिवीजन या बेहतर अनुशासन की तलाश में कोटा आए हैं.
कोचिंग का पूरा सपोर्ट सिस्टम तैयार
हॉस्टल्स ही नहीं, बल्कि कोचिंग संस्थान भी पूरी तरह छात्रों के साथ खड़े हैं. छात्रों के लिए सुबह 9 से 12 बजे तक 'स्कोर बूस्टर' क्लासेज चल रही हैं. दोपहर 2 से 5 बजे तक रोजाना टेस्ट आयोजित किए जा रहे हैं ताकि छात्र परीक्षा के माहौल में ढल सकें. शाम के समय यूट्यूब पर विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा पेपर एनालिसिस कराया जा रहा है और निशुल्क डाउट सॉल्विंग डेस्क की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है.
छात्रों का मनोबल बढ़ाने की कोशिश
परीक्षा के तनाव को देखते हुए कोटा का पूरा माहौल अब पढ़ाई और छात्रों के आत्मविश्वास को बढ़ाने के इर्द-गिर्द केंद्रित हो गया है. संचालक न केवल बेहतर सुविधाएं दे रहे हैं बल्कि छात्रों को मानसिक रूप से भी प्रेरित कर रहे हैं ताकि वे बिना किसी चिंता के परीक्षा दे सकें. कोटा का यह सपोर्ट सिस्टम एक बार फिर साबित कर रहा है कि छात्रों के सपनों को पूरा करने के लिए यह शहर हमेशा हर संभव प्रयास करता है. राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में छात्र यहां लौट रहे हैं.
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