NEET 2026 Exam Cancelled: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET रद्द होने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि आखिर इतनी हाई सिक्योरिटी और गोपनीय प्रक्रिया के बावजूद गड़बड़ी कहां हुई. National Testing Agency यानी NTA जिस परीक्षा को मल्टी लेयर सिक्योरिटी सिस्टम के बीच आयोजित करने का दावा करता रहा वही परीक्षा अब रद्द कर दी गई है.
नीट का पेपर
दरअसल नीट का पेपर देशभर के विषय विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों और प्रोफेसरों की गुप्त टीम तैयार करती है. प्रश्न पत्र कई स्तर की जांच और क्वालिटी कंट्रोल से गुजरता है. पेपर प्रिंटिंग से लेकर परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने तक पूरी प्रक्रिया को सीक्रेट रखा जाता है. इसके बावजूद पेपर लीक, सॉल्वर गैंग, संदिग्ध सेंटर और गड़बड़ियों की शिकायतों ने पूरी परीक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
जांच में क्या आया सामने
जांच एजेंसियों के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि गड़बड़ी किस स्तर पर हुई. क्या पेपर प्रिंटिंग चरण में लीक हुआ, ट्रांसपोर्टेशन के दौरान सुरक्षा टूटी या फिर परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने के बाद कोई संगठित नेटवर्क सक्रिय हुआ. यह भी जांच का विषय है कि क्या कुछ परीक्षा केंद्रों पर योजनाबद्ध तरीके से अभ्यर्थियों को फायदा पहुंचाया गया.
राजस्थान सहित कई राज्यों से संदिग्ध गतिविधियों और परीक्षा से पहले प्रश्न उपलब्ध होने जैसे आरोप सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया. जांच एजेंसियां अब डिजिटल ट्रेल, कॉल रिकॉर्ड, सेंटर अलॉटमेंट, संदिग्ध उम्मीदवारों और परीक्षा नेटवर्क की पड़ताल में जुटी हैं.
ऐसे तैयार होता है NEET का पेपर
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET का पेपर तैयार करने की प्रक्रिया बेहद गोपनीय और हाई सिक्योरिटी सिस्टम के तहत पूरी की जाती है. NTA प्रश्न पत्र तैयार करने के लिए देशभर के वरिष्ठ प्रोफेसरों, वैज्ञानिकों और विषय विशेषज्ञों की गुप्त समिति बनाती है. पूरी प्रक्रिया में NCERT सिलेबस को आधार बनाया जाता है और ज्यादातर सवाल सीधे या कॉन्सेप्ट आधारित तरीके से NCERT पुस्तकों से तैयार किए जाते हैं.
पेपर तैयार करने से पहले विशेषज्ञ अलग-अलग कठिनाई स्तर के हजारों प्रश्नों का Question Bank बनाते हैं. इसमें आसान, मध्यम और कठिन स्तर के सवाल शामिल होते हैं. करीब 30 प्रतिशत प्रश्न बेसिक थ्योरी और फॉर्मूले पर आधारित होते हैं, जबकि 50 प्रतिशत सवाल Concept और Application आधारित रखे जाते हैं. वहीं लगभग 20 प्रतिशत प्रश्न कठिन और विश्लेषणात्मक होते हैं, जो टॉप रैंकर्स की पहचान करते हैं.
कई स्तर पर होती है निगरानी और जांच
प्रश्न पत्र तैयार होने के बाद कई स्तरों पर उसकी समीक्षा की जाती है. विषय विशेषज्ञ, कंटेंट एडिटर और क्वालिटी कंट्रोल टीम पेपर की त्रुटियों और निष्पक्षता की जांच करती है. पेपर लीक रोकने के लिए पूरी प्रक्रिया को अत्यधिक गोपनीय रखा जाता है और परीक्षा केंद्र तक पहुंचने से पहले मल्टी लेयर सिक्योरिटी सिस्टम अपनाया जाता है.
ऐसा होता है परीक्षा का पैटर्न
NEET परीक्षा पैटर्न के अनुसार कुल 200 प्रश्न पूछे जाते हैं जिनमें अभ्यर्थियों को 180 प्रश्न हल करने होते हैं. फिजिक्स और केमिस्ट्री से 45-45 सवाल जबकि बायोलॉजी से 90 प्रश्न पूछे जाते हैं. प्रत्येक सही उत्तर पर 4 अंक दिए जाते हैं जबकि गलत उत्तर पर 1 अंक काटा जाता है. पूरा पेपर 720 अंकों का होता है.
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