- NCERT ने कक्षा नौ की कला की पुस्तक में ‘डांसिंग गर्ल’ की ढकी हुई तस्वीर विवाद पर सफाई दी है.
- संशोधित प्रिंट संस्करण में अब ‘डांसिंग गर्ल’ की मूल कांस्य प्रतिमा की तस्वीर ही प्रकाशित की जाएगी.
- डांसिंग गर्ल की ढकी तस्वीर ‘मधुरिमा’ पुस्तक के पहले अध्याय में प्रकाशित हुई थी, जिसके बाद विवाद हो गया था.
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने कक्षा 9वीं की कला (Art) की पाठ्यपुस्तक में ‘डांसिंग गर्ल' की ढकी हुई तस्वीर को लेकर उठे विवाद को लेकर अपनी सफाई दी है. NCERT ने साफ किया है कि संशोधित प्रिंट संस्करण में अब ‘डांसिंग गर्ल' की मूल तस्वीर ही प्रकाशित की जाएगी. एनसीईआरटी के मुताबिक, विशेषज्ञों के साथ गहन विचार-विमर्श के बाद यह फैसला लिया गया है.
डांसिंग गर्ल' के नाम से प्रसिद्ध मोहनजोदड़ो की कांस्य प्रतिमा के निर्वस्त्र धड़ को एनसीईआरटी की नौवीं कक्षा की नई पाठ्यपुस्तक में ढका हुआ दिखाया गया, जिसके बाद इस पर सवाल खड़े हो गए थे.
मधुरिमा के पहले अध्याय में प्रकाशित चित्र
यह तस्वीर एनसीईआरटी की नौवीं कक्षा की कला शिक्षा की नई पुस्तक “मधुरिमा” के पहले अध्याय “कला का इतिहास” में प्रकाशित की गई है. पुस्तक में प्रकाशित इस चित्र में प्रतिमा का ऊपरी हिस्सा मूल प्रतिमा की तस्वीरों की तुलना में बदला हुआ दिखाई दिया है. प्रतिमा के ऊपरी हिस्से पर छायांकन किया गया है, जिससे उसके शरीर के वे हिस्से साफ दिखाई नहीं दे रहे जो मूल मूर्ति में नजर आ रहे हैं.
इसके विपरीत, एनसीईआरटी की कक्षा छह की सामाजिक विज्ञान की पुस्तक में 'डांसिंग गर्ल' की तस्वीर मूल कांस्य प्रतिमा के अधिक करीब दिखाई देती है. एनसीईआरटी की कक्षा 6 की नयी सामाजिक विज्ञान पुस्तकों की समिति के प्रमुख रहे माइकल डैनिनो ने कहा कि उन्हें बताया गया था कि डांसिंग गर्ल की प्रतिमा को 'उम्र के अनुसार उपयुक्त नहीं' माना गया.
डिजिटल संस्करण में तुरंत किया जा रहा सुधार
हालांकि अब एनसीईआरटी की ओर से कहा गया है कि संशोधित प्रिंट संस्करण में मूल तस्वीर को ही छापा जाएगा. साथ ही इस सुधार को पाठ्यपुस्तक के डिजिटल संस्करण में तुरंत लागू किया जा रहा है.
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