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NCERT की किताबें कैसे छपती हैं, कौन लिखता है चैप्टर? विवाद के बीच जानें हर सवाल का जवाब

NCERT Judiciary Chapter: NCERT की 8वीं की सोशल साइंस की किताब में शामिल एक चैप्टर को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि अब इसे वापस लिया जा रहा है. इस चैप्टर में न्यायपालिका में भ्रष्टाचार का जिक्र किया गया था.

NCERT की किताबें कैसे छपती हैं, कौन लिखता है चैप्टर? विवाद के बीच जानें हर सवाल का जवाब
NCERT की किताबें कैसे छपती हैं

NCERT की किताबें भारत के तमाम स्कूलों में पढ़ाई जाती हैं और हर साल इनमें कुछ बदलाव भी किए जाते हैं. इन किताबों में हुए ऐसे ही बदलावों के चलते कई बार एनसीईआरटी विवादों में घिर जाता है. ताजा मामला भारत की न्यायिक प्रक्रिया को लेकर एक चैप्टर का है, जिसमें न्यायपालिका में भ्रष्टाचार का जिक्र किया गया था. मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा और अब NCERT ने बैकफुट पर आकर अपनी गलती स्वीकार कर ली है. ऐसे में आज हम आपको बताएंगे कि NCERT की किताबें कैसे छपती हैं और इनमें होने वाले बदलावों को अप्रूवल कौन देता है. 

क्या है NCERT?

NCERT यानी नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग एक स्वायत्त संगठन है, जो शिक्षा मंत्रालय के तहत आता है. इसकी स्थापना 1961 में हुई थी. NCERT का काम CBSE स्कूलों में पढ़ाई जाने वाली किताबों को पब्लिश करना और उसमें सुधार करना है. जरूरत के हिसाब से किताबों में नए चैप्टर डाले जाते हैं और ऐसे ही कुछ चैप्टर्स को हटाया भी जाता है. 

क्या होता है किताब लिखने का प्रोसेस?

NCERT की किताबें नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क (NCF) के तहत छपती हैं. जिसमें कई चीजों को पैरामीटर की तरह इस्तेमाल किया जाता है. सब्जेक्ट की जरूरतों, सीखने लायक चीजों और टीचिंग को ध्यान में रखकर ये होता है. इसके बाद हर क्लास के लिए एक सिलेबस तैयार किया जाता है. इसे तैयार करने का भी एक पूरा प्रोसेस है, जिसे फॉलो करने के बाद ही आखिरी फैसला होता है. 

कौन लिखता है चैप्टर?

NCERT की किताबों में बदलाव कोई एक इंसान नहीं करता है. इसके लिए पूरी कमेटी बनाई गई है, जो ये सुनिश्चित करती है कि किताब में फैक्ट से लेकर बाकी चीजें गलत न हों. इस कमेटी में यूनिवर्सिटी के शिक्षाविद, सब्जेक्ट एक्सपर्ट, शिक्षाशास्त्र विशेषज्ञ, स्कूल टीचर और तमाम क्षेत्रों से जुड़े बाकी एक्सपर्ट शामिल होते हैं. इस 19 सदस्यीय कमेटी को National Syllabus and Teaching-Learning Material Committee (NSTC) कहा जाता है. किताब पब्लिश होने से पहले इसे एक रिव्यू सिस्टम से गुजरना होता है. 

  • NCERT के अधिकारी प्रूफ रीडिंग से लेकर बाकी जरूरी चीजों की जांच करते हैं 
  • एक्सपर्ट्स वाली कमेटी ये देखती है कि कंटेंट की क्वालिटी कैसी है
  • कमेटी संवैधानिक मूल्यों, संवेदनशील चीजों और फैक्ट्स को लेकर बारीकी से रिव्यू करती है
  • जरूरी बदलावों के बाद एक बार आखिरी रिव्यू किया जाता है और फिर किताबें पब्लिश की जाती हैं 

कैसे हटाए जाते हैं चैप्टर?

NCERT की तरफ से छपी किसी किताब या फिर उसमें शामिल चैप्टर को लेकर अगर कोई विवाद होता है और शिकायतें आती हैं तो इसका भी रिव्यू होता है. इसके लिए अलग कमेटी का गठन होता है और फिर आखिरी फैसला लिया जाता है. आमतौर पर ऐसे विवादित चैप्टर्स को वापस ले लिया जाता है. इसके अलावा सरकार भी जरूरत पड़ने पर बदलाव के लिए बोल सकती है. 

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