भारतीय सेना के जवानों का लोहा पूरी दुनिया मानती है, लेकिन इस बार हमारे एक जांबाज अफसर ने पढ़ाई और रिसर्च के मामले में भी विदेश में देश का नाम रोशन कर दिया है. भारतीय सेना के मेजर प्रभात मिश्रा ने अमेरिका में आयोजित एक खास मिलिट्री लीडरशिप प्रोग्राम में दो सबसे बड़े अवॉर्ड्स जीतकर देश का नाम रोशन कर दिया है. सबसे बड़ी बात यह है कि उन्होंने दुनिया के 92 देशों के सैन्य अफसरों को पीछे छोड़कर यह मुकाम हासिल किया है. तो चलिए जानते हैं मेजर प्रभात मिश्रा को ये अवार्ड क्यों मिला और यह खास क्यों है.
क्या है यह पूरा मामला?
दरअसल, अमेरिका के कंसास में 'यूएस आर्मी कमांड एंड जनरल स्टाफ कॉलेज' (CGSC) का एक बेहद प्रतिष्ठित 10 महीने का लीडरशिप प्रोग्राम हुआ. इस साल इस कोर्स को कुल 951 अफसरों ने पूरा किया, जिसमें 92 अलग-अलग देशों के 120 इंटरनेशनल मिलिट्री अफसर भी शामिल थे. इसी दीक्षांत समारोह के दौरान मेजर प्रभात मिश्रा को उनकी शानदार परफॉर्मेंस के लिए सम्मानित किया गया.
Making Indian Army Proud:
— Colonel Mukul (@Warrior_Mukul) May 31, 2026
Maj Prabhat Mishra of 22 KUMAON passed out as a distinguished graduate of US Army Comd and Gen Staff College, Fort Leavenworth with max awards to his name.
- Birrer Brooks Award for Best Masters of Mil Arts and Science Thesis. The thesis was titled… pic.twitter.com/Z3PFwYPiFg
कौन हैं मेजर प्रभात और क्यों मिला 'Birrer-Brookes Award'?
मेजर प्रभात मिश्रा को उनकी बेहतरीन मिलिट्री रिसर्च और पढ़ाई के लिए दो टॉप अवॉर्ड्स मिले हैं. इनमें से पहला है 'बिरर-ब्रूक्स अवॉर्ड' (Birrer-Brookes Award). यह अवॉर्ड उन्हें उनके 'मास्टर ऑफ मिलिट्री आर्ट्स एंड साइंस थिसिस' के लिए दिया गया है. इसके अलावा, उन्हें 'जनरल डगलस मैकॉथर मिलिट्री लीडरशिप राइटिंग अवॉर्ड' से भी नवाजा गया.
दुनिया के अन्य अफसर भी हुए सम्मानित
इस समारोह में भारत के अलावा कुछ और देशों के अफसरों को भी उनकी परफॉर्मेंस के लिए अवॉर्ड मिले. नॉर्वे के मेजर अलेक्जेंडर ग्रैनबर्ग को 'जनरल ड्वाइट डी. आइजनहावर अवॉर्ड' मिला, जबकि कुवैत के लेफ्टिनेंट कर्नल तालेह एसएफएचएच अलराशीद को मेजर जनरल हंस श्लुप अवॉर्ड से सम्मानित किया गया.
समारोह के दौरान अमेरिकी सेना के लेफ्टिनेंट जनरल जिम आइजनहावर ने सभी पास आउट होने वाले अफसरों को बधाई दी. उन्होंने कहा कि इन अफसरों ने बहुत ही मुश्किल पढ़ाई और ट्रेनिंग को पूरा किया है, और अब वे आने वाले समय में किसी भी चुनौतीपूर्ण माहौल में काम करने के लिए तैयार हैं.
यह भी पढ़ें- पटवारी क्या होता है? कितनी मिलती है सैलरी, क्या-क्या काम करना पड़ता है, यहां जानिए
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं