आनेवाले समय में देश में JEE और NEET जैसी परीक्षा एक साथ करवाई जा सकती हैं. जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए एक ही प्रवेश परीक्षा शुरू करने पर विचार कर रही है. अधिकारियों ने NEET-UG 2026 पेपर लीक के बाद परीक्षा से जुड़ी चिंताओं की जांच के लिए गठित संसदीय समिति को बताया कि केंद्र सरकार इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए एक ही राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा शुरू करने की संभावना पर विचार कर रही है. अभी जिस प्रस्ताव पर चर्चा चल रही है, वह उस उच्च-स्तरीय समिति की सिफारिशों पर आधारित है. जिसे NEET-UG 2024 पेपर में हुई गड़बड़ियों के बाद बनाया गया था. इस समिति की अध्यक्षता ISRO के पूर्व प्रमुख डॉ. के. राधाकृष्णन ने की थी.
रिपोर्ट में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित परीक्षाओं में सुधार के लिए बनाए गए व्यापक रोडमैप के तहत, "स्नातक स्तर पर दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षाओं में तालमेल और एकरूपता लाने" और "स्नातक दाखिले के लिए एक साझा ढांचा" बनाने की संभावना का ज़िक्र किया गया है. इस तरह की व्यवस्था से भविष्य में JEE और NEET जैसी परीक्षाओं को एक ही साझा ढांचे के तहत लाया जा सकता है. जिसमें अलग-अलग Streams के लिए अलग-अलग विषयों के सेक्शन होंगे.
शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेल मामलों की संसदीय स्थायी समिति के कई सदस्यों ने इस विचार का समर्थन किया है और कहा है कि एक ही परीक्षा का ढांचा होना चाहिए. जिसमें इंजीनियरिंग के इच्छुक छात्रों के लिए गणित और मेडिकल के इच्छुक छात्रों के लिए जीव विज्ञान (Biology) जैसे विशेष सेक्शन हों.
पेपर लीक के कारण रद्द हुई थी परीक्षा
- NEET-UG 2026 परीक्षा 3 मई को भारत में 5,500 से ज़्यादा केंद्रों और विदेश के 14 शहरों में आयोजित की गई थी, जिसमें 22 लाख से ज़्यादा उम्मीदवार शामिल हुए थे.
- धांधली और पेपर लीक के आरोपों के चलते इस परीक्षा को रद्द कर दिया गया था. जिसके बाद छात्रों और विपक्षी दलों ने विरोध प्रदर्शन किए थे.
- अब 21 जून को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच दोबारा परीक्षा आयोजित की जाएगी.
- कथित पेपर लीक नेटवर्क और प्रक्रियागत खामियों की CBI जांच चल रही है.
इसके अलावा, समिति ने भविष्य में NEET के इच्छुक छात्रों के लिए पात्रता नियमों को और सख्त करने का प्रस्ताव भी रखा. समिति का मानना है कि परीक्षा में बैठने के प्रयासों की संख्या और उम्र सीमा तय करने से मेडिकल प्रवेश परीक्षा की संरचना अन्य राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं के समान हो जाएगी.
कई बड़े बदलाव की तैयारी
सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता करने और पेपर लीक की संभावनाओं को कम करने के लिए NTA अब प्रश्न पत्र तैयार करने की प्रक्रिया में बाहरी लोगों की दखलअंदाजी कम करने की योजना बना रहा है. इसके साथ ही, NTA खुद का तकनीकी infrastructure विकसित करने पर विचार कर रहा है. ऐसे करने से तीसरी-पक्ष की एजेंसियों (third-party agencies) पर निर्भरता कम हो जाएगी. समिति के अध्यक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने इस चर्चा को "सार्थक" बताया. उन्होंने कहा कि सभी दलों के सदस्यों ने देश की टेस्टिंग व्यवस्था की विश्वसनीयता पर चिंता जताई.
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