Imran Khan Case: अभिनेता इमरान खान इन दिनों मुंबई में एक विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के कारण कानूनी मुश्किलों में घिरे हैं. प्रदर्शन में हिस्सा लेने के बाद फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRRO) ने उन्हें भारत छोड़ने यानी लीव इंडिया का नोटिस भेज दिया था. इसकी सुनवाई के दौरान बॉम्बे हाई कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा कि OCI कार्डधारकों के पास भारतीय नागरिकों की तरह समान राजनीतिक और संवैधानिक अधिकार नहीं होते हैं. इस हाई-प्रोफाइल मामले ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या भारत में रहने वाले विदेशी नागरिकों और एनआरआई (NRI) के अधिकार बिल्कुल एक जैसे होते हैं? आइए समझते हैं NRI और OCI कार्डधारकों के लिए क्या है कानून.
NRI और OCI कार्डधारक में क्या अंतर है?
NRIये भारत के ही नागरिक होते हैं जिनके पास भारतीय पासपोर्ट होता है, लेकिन वे नौकरी, पढ़ाई या बिजनेस के सिलसिले में विदेशों में रहते हैं.
OCI कार्डधारकये मूल रूप से विदेशी नागरिक होते हैं जिनके पास दूसरे देश का पासपोर्ट होता है और भारत सरकार उन्हें केवल OCI कार्ड जारी करती है. क्योंकि भारत में दोहरी नागरिकता यानीDual Citizenship का प्रावधान नहीं है, इसलिए OCI कार्डधारक को भारतीय नागरिक नहीं माना जा सकता.
NRI को संविधान से मिले हैं ये अधिकार
NRI भारतीय नागरिक होने के नाते संविधान के तहत सभी फंडामेंटल राइट्स के हकदार हैं-
समानता और स्वतंत्रता का अधिकार
आर्टिकल 14 (कानून के समक्ष समानता), आर्टिकल 15 (भेदभाव से सुरक्षा), आर्टिकल 16 (सरकारी नौकरियों में समान अवसर) और आर्टिकल 19 (भाषण, अभिव्यक्ति और शांतिपूर्ण प्रदर्शन की स्वतंत्रता).
वोट देने का अधिकार
एनआरआई भारत में ओवरसीज इलेक्टर के रूप में रजिस्ट्रेशन कराकर वोट दे सकते हैं, बशर्ते वे मतदान के दिन अपने निर्धारित पोलिंग स्टेशन पर खुद शारीरिक रूप से मौजूद हों.
विदेशी नागरिकों और OCI होल्डर्स पर क्या नहीं कर सकते हैं?
भारतीय संविधान विदेशी नागरिकों को आर्टिकल 14 (समानता), आर्टिकल 21 (जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार) और आर्टिकल 25 (धर्म की स्वतंत्रता) जैसे बुनियादी अधिकार तो देता है, लेकिन उन्हें भारत में बसने या राजनीतिक गतिविधियों में शामिल होने की आजादी नहीं देता.
एक OCI कार्डधारक भारत में ये काम बिल्कुल नहीं कर सकता:
- वे लोकसभा या विधानसभा चुनाव में वोट नहीं डाल सकते.
- वे सांसद (MP) या विधायक (MLA) का चुनाव नहीं लड़ सकते.
- वे राष्ट्रपति या उपराष्ट्रपति जैसे बड़े संवैधानिक पदों पर नहीं बैठ सकते.
- उन्हें खेती की जमीन, फार्महाउस या प्लांटेशन प्रॉपर्टी खरीदने की मनाही होती है.
- वे सरकारी नौकरियों के लिए सामान्य रूप से आवेदन नहीं कर सकते (कुछ विशेष नियमों को छोड़कर).
- वे भारतीय नागरिकों की तरह आर्टिकल 19 के तहत मिलने वाली विरोध प्रदर्शन की आजादी का दावा नहीं कर सकते.
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