Haryana iGOT Karmayogi: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई की डिमांड तमाम नौकरियों में लगातार बढ़ती जा रही है. कई प्राइवेट कंपनियों में इसी के चलते लोगों को नौकरी से निकाला भी जा रहा है. ऐसे में हरियाणा सरकार ने भी अपने कर्मचारियों को 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' (AI) सिखाने का फैसला किया है. इसके लिए 'iGOT कर्मयोगी' प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया जाएगा.हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने सभी सरकारी विभागों, बोर्ड्स और तमाम यूनिवर्सिटीज को चिट्ठी लिखकर ये कोर्स करने के लिए कहा है. आइए जानते हैं कि ये 'iGOT कर्मयोगी' प्लेटफॉर्म क्या है और इससे सरकारी कर्मचारी क्या सीखेंगे.
क्या है एआई सिखाने का मकसद?
इस पहल का उद्देश्य सरकारी कामकाज को और बेहतर, तेज़ और आधुनिक बनाना है ताकि आम जनता को बेहतर सेवाएं मिल सकें. हरियाणा सरकार का कहना है कि इससे सरकारी कर्मचारियों की स्किल और बेहतर होगी और काम करने में आसानी होगी. खास बात ये है कि ये कोर्स पूरी तरह से मुफ्त है. कर्मचारी अपनी सुविधा के अनुसार कभी भी इन्हें ऑनलाइन पढ़ सकते हैं. कोर्स पूरा होने के बाद सर्टिफिकेट भी मिलेगा.
क्या सीखने को मिलेगा?
कर्मचारियों को बेसिक AI से लेकर प्रशासन में इसके इस्तेमाल (जैसे डेटा का विश्लेषण और सरकारी योजनाओं को बेहतर बनाना) के बारे में सिखाया जाएगा. इसमें 'माइक्रोसॉफ्ट कोपायलट' जैसे आधुनिक टूल्स की जानकारी भी शामिल है. इस मुहिम में 'हरियाणा लोक प्रशासन संस्थान' (HIPA) मदद कर रहा है और नामी संस्थान जैसे 'कर्मयोगी भारत' और 'माइक्रोसॉफ्ट' ये कोर्स उपलब्ध करा रहे हैं.
क्या है 'iGOT कर्मयोगी' प्लेटफॉर्म?
'iGOT कर्मयोगी' प्लेटफॉर्म एक सरकारी एआई लर्निंग वेबसाइट है. यहां जाकर मुफ्त में एआई कोर्स सीख सकते हैं. अब तक करोड़ों लोग इस प्लेटफॉर्म के जरिए एआई की बेसिक जानकारी ले चुके हैं. इसमें बताया जाता है कि कब कौन सा कोर्स होगा, लॉगइन करने के बाद कोर्स से जुड़ सकते हैं और पूरा होने पर सर्टिफिकेट ले सकते हैं. इसे एआई दक्ष बैज का नाम दिया गया है.
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