IAS kajal jawla success story: देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में UPSC सिविल सेवा परीक्षा का नाम आता है. इसे पास करने का सपना लाखों युवा देखते हैं, लेकिन ये सपना पूरा करने के लिए अथक मेहनत, धैर्य और दृढ़ संकल्प की जरूरत होती है. ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी है IAS काजल जावला की, जिन्होंने कई असफलताओं का सामना करने के बावजूद हार नहीं मानी और आखिरकार पिता के सपने को सच कर दिखाया.
मेरठ से शुरू हुआ सफर
उत्तर प्रदेश के मेरठ की रहने वाली काजल जावला बचपन से ही पढ़ाई में अच्छी थीं. उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की और नौकरी करने लगीं. उनका सालाना पैकेज करीब 23 लाख रुपये था, जो किसी भी युवा के लिए बड़ी उपलब्धि है. लेकिन काजल अपने पिता के सपने को पूरा करना चाहती थीं. इसीलिए उन्होंने UPSC की तैयारी करने का फैसला लिया.
चार बार मिली असफलता
UPSC की तैयारी का सफर काजल के लिए आसान नहीं था. उनकी शादी हो चुकी थी और अब वे ऑफिस और फैमिली, दोनों को संभाल रही थीं. उन्होंने पूरी मेहनत और लगन से तैयारी की. वे 9 घंटे ऑफिस का काम करती थीं, और कैब से आते-जाते पढ़ाई करती थीं. ऑफिस से लौटकर भी पढ़ती थीं. काजल के पति ने सपने को पूरा करने में उनका साथ दिया. उन्होंने घर की जिम्मेदारी संभाली तो काजल और जोश से पढ़ाई में जुट गईं.
लेकिन सफलता की राह इतनी भी आसान नहीं होती. शुरुआती चार प्रयासों में उन्हें सफलता नहीं मिली. काजल ने हार मानने के बजाय कमजोरियों पर काम किया. उन्होंने हर प्रयास के बाद अपनी रणनीति का विश्लेषण किया और तैयारी के तरीके में सुधार किया.
पांचवें प्रयास में मिली सफलता
काजल जावला की मेहनत आखिरकार रंग लाई. वर्ष 2018 में उन्होंने पांचवें प्रयास में UPSC सिविल सेवा परीक्षा पास की और ऑल इंडिया रैंक 28 हासिल की. उनकी सफलता ने यह साबित कर दिया कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और प्रयास लगातार जारी रहें, तो कोई भी चुनौती बड़ी नहीं होती.
सफलता की असली कहानी- कभी JEE एग्जाम में हो गए थे फेल, आज हैं IIT मद्रास के डायरेक्टर
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं